एमएसएमई मंत्री के सामने फूटा आगरा के उद्यमियों का दर्द, चैम्बर ने मांगी ब्याज सब्सिडी और विशेष राहत

आगरा। ताज ट्रेपेजियम जोन (टीटीजेड) में गैर-प्रदूषणकारी उद्योगों को नए विद्युत कनेक्शन न मिलने, गैस आपूर्ति में कटौती और बढ़ती आर्थिक चुनौतियों से जूझ रहे सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्योगों की समस्याओं को लेकर चैम्बर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज का पांच सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल उत्तर प्रदेश के सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम मंत्री भूपेन्द्र सिंह चौधरी से मिला। प्रतिनिधिमंडल ने उद्योगों की बदहाल स्थिति को विस्तार से रखते हुए ईसीएलजीएस 5.0 योजना लागू करने, ऋण पर विशेष ब्याज सब्सिडी देने और कुटीर उद्योगों के लिए विशेष पैकेज की मांग की। मंत्री ने समस्याओं को गंभीरता से सुनते हुए उनके शीघ्र समाधान का आश्वासन दिया।

Jun 4, 2026 - 17:24
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एमएसएमई मंत्री के सामने फूटा आगरा के उद्यमियों का दर्द, चैम्बर ने मांगी ब्याज सब्सिडी और विशेष राहत
गुरुवार को आगरा आगमन पर एमएसएमई मंत्री भूपेंद्र चौधरी को ज्ञापन देते नेशनल चैंबर के प्रतिनिधि।

आगरा भ्रमण पर आए उत्तर प्रदेश सरकार के सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम कैबिनेट मंत्री भूपेन्द्र सिंह चौधरी से सर्किट हाउस में चैम्बर का प्रतिनिधिमंडल पूर्व अध्यक्ष एवं एमएसएमई प्रकोष्ठ के चेयरमैन संजय गोयल के नेतृत्व में मिला। प्रतिनिधिमंडल में चैम्बर उपाध्यक्ष नितेश अग्रवाल, अम्बा प्रसाद गर्ग, कोषाध्यक्ष विनय मित्तल तथा औद्योगिक विकास प्रकोष्ठ के चेयरमैन अनूप गोयल शामिल रहे।

एमएसएमई क्षेत्र की आर्थिक चुनौतियों का उठाया मुद्दा

पूर्व अध्यक्ष एवं एमएसएमई प्रकोष्ठ के चेयरमैन संजय गोयल ने मंत्री को बताया कि प्रदेश के हजारों सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्योग इस समय गंभीर आर्थिक संकट से गुजर रहे हैं। कच्चे माल की बढ़ती कीमतें, ऊर्जा लागत में लगातार वृद्धि, बैंकों की ऊंची ब्याज दरें, तकनीकी उन्नयन पर बढ़ता खर्च और बाजार में तीव्र प्रतिस्पर्धा के कारण बड़ी संख्या में औद्योगिक इकाइयां घाटे में काम कर रही हैं।

उन्होंने कहा कि कई उद्योग केवल ऋण के सहारे संचालित नहीं हो सकते और उन्हें प्रत्यक्ष वित्तीय सहायता की आवश्यकता है। एमएसएमई क्षेत्र प्रदेश की औद्योगिक अर्थव्यवस्था की रीढ़ है तथा लाखों लोगों को प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार प्रदान करता है। यदि समय रहते उद्योगों को राहत नहीं मिली तो अनेक इकाइयों के बंद होने का खतरा पैदा हो सकता है।

ईसीएलजीएस 5.0 और ब्याज सब्सिडी की मांग

चैम्बर की ओर से मांग की गई कि उद्योगों को राहत देने के लिए ईसीएलजीएस 5.0 योजना लागू की जाए। इसके साथ ही एमएसएमई इकाइयों को बैंक ऋण पर विशेष ब्याज सब्सिडी भी प्रदान की जाए। प्रतिनिधिमंडल का कहना था कि ब्याज में राहत मिलने से छोटे और मध्यम उद्योगों को नई ऊर्जा मिलेगी तथा उत्पादन और रोजगार दोनों को मजबूती प्राप्त होगी।

टीटीजेड में गैर-प्रदूषणकारी उद्योगों को नहीं मिल रहे बिजली कनेक्शन

औद्योगिक विकास प्रकोष्ठ के चेयरमैन अनूप गोयल ने टीटीजेड क्षेत्र में उद्योगों की गंभीर समस्या को मंत्री के समक्ष रखा। उन्होंने बताया कि व्हाइट कैटेगरी और गैर-प्रदूषणकारी उद्योगों को भी विद्युत विभाग नए बिजली कनेक्शन जारी नहीं कर रहा है, जबकि सर्वोच्च न्यायालय के आदेशों में ऐसे कनेक्शनों पर कोई प्रतिबंध नहीं है।

उन्होंने कहा कि कई उद्योग पहले गैस जनरेटर के माध्यम से संचालित होते थे और उनके प्रदूषण अनापत्ति प्रमाणपत्र में गैस जनरेटर का उल्लेख भी है। लेकिन वर्तमान में गैस जनरेटर तकनीक लगभग समाप्त हो चुकी है। ऐसे में उद्योगपति जब बिजली कनेक्शन के लिए आवेदन करते हैं तो उन्हें टीटीजेड का हवाला देकर कनेक्शन देने से इनकार कर दिया जाता है, जबकि न तो उद्योग का विस्तार किया जा रहा है और न ही उत्पादन गतिविधियों में कोई बदलाव हो रहा है।

ब्रश और हस्तशिल्प उद्योग भी प्रभावित

अनूप गोयल ने बताया कि ब्रश उद्योग, हस्तशिल्प उद्योग और अन्य ऐसे उद्योग जिनसे किसी प्रकार का वायु प्रदूषण नहीं होता, उन्हें भी बिजली कनेक्शन नहीं दिए जा रहे हैं। इसके अलावा वर्तमान परिस्थितियों में गैस आपूर्ति करने वाली कंपनियों द्वारा गैस कटौती की जा रही है, जिससे आगरा के उद्योगों का संचालन प्रभावित हो रहा है।

उन्होंने मांग की कि उद्योगों को वैकल्पिक ईंधन के रूप में बिजली उपलब्ध कराई जाए ताकि उद्योग सुचारू रूप से संचालित हो सकें और उत्पादन प्रभावित न हो।

कुटीर उद्योगों को बढ़ावा देने के लिए विशेष पैकेज का आश्वासन

प्रतिनिधिमंडल की बातों को गंभीरता से सुनते हुए कैबिनेट मंत्री भूपेन्द्र सिंह चौधरी ने कहा कि उद्योग एवं व्यापार से जुड़ी समस्याओं का समाधान सरकार की प्राथमिकता है। उन्होंने कुटीर उद्योगों को बढ़ावा देने के लिए विशेष पैकेज पर विचार करने तथा उद्योगों की समस्याओं के समाधान के लिए उच्च स्तर पर वार्ता करने का आश्वासन दिया।

मंत्री ने प्रतिनिधिमंडल को भरोसा दिलाया कि टीटीजेड क्षेत्र में उद्योगों के समक्ष आ रही व्यावहारिक समस्याओं को शासन स्तर पर उठाया जाएगा और उनके समाधान के लिए आवश्यक प्रयास किए जाएंगे।

SP_Singh AURGURU Editor