अमेरिका ने पाक के बीएलए को घोषित किया आतंकी संगठन, बिलावल ने किया स्वागत
पाकिस्तान के पूर्व विदेश मंत्री और पीपीपी के अध्य़क्ष बिलावल भुट्टो जरदारी ने बलूच लिबरेशन आर्मी (बीएलए) पर अमेरिकी प्रतिबंध का स्वागत किया है। उन्होंने बीएलए को भारत समर्थक संगठन करार दिया है। बिलावल ने कहा है कि ऑपरेशन सिंदूर के दौरान बीएलए ने भारत का समर्थन किया था।
इस्लामाबाद। पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी के अध्यक्ष बिलावल भुट्टो जरदारी ने बलूच लिबरेशन आर्मी (बीएलए) और मजीद ब्रिगेड को विदेशी आतंकवादी संगठनों की सूची में शामिल करने के अमेरिका के फैसले का स्वागत किया। बलूच लिबनरेशन आर्मी एक विद्रोही संगठन है, जो पाकिस्तान के दमन, प्रताड़ना और संसाधनों के दोहन के खिलाफ मुखर रहता है। इस संगठन ने बलूचिस्तान में पाकिस्तानी सेना और अर्धसैनिक बलों समेत चीनी निवेश पर कई हमले किए हैं। यही कारण है कि बिलावल ने खुशी का इजहार करते हुए बीएलए को भारत समर्थक संगठन करार दिया। उन्होंने बीएलए पर प्रतिबंध को पाकिस्तान की बड़ी सफलता भी बताया।
बिलावल भुट्टो जरदारी ने हैदराबाद में पत्रकारों से बात करते हुए कहा कि बीएलए और मजीद ब्रिगेड जैसे संगठन निर्दोष नागरिकों, "खासकर काम के लिए बलूचिस्तान जाने वाले मेहनती मजदूरों" को निशाना बनाने के लिए हिंसा का इस्तेमाल करते हैं। उन्होंने कहा, "जब भारत और पाकिस्तान के बीच युद्ध हुआ था, तब बीएलए और मजीद ब्रिगेड ने खुलकर मोदी का समर्थन किया था। अब अमेरिका ने भी इस बात का समर्थन किया है, जो पाकिस्तान के लिए एक बड़ी सफलता है।"
उन्होंने कहा, "जब दूसरे देश इन समूहों को आतंकवादी संगठन घोषित करते हैं, तो इससे मदद मिलती है, लेकिन हमें संयुक्त राष्ट्र के माध्यम से इन्हें आतंकवादी घोषित करने का प्रयास करना चाहिए ताकि अंतरराष्ट्रीय वित्तपोषण, खासकर 'भारतीय खुफिया एजेंसियों' और उनके मददगारों द्वारा किए जाने वाले वित्तपोषण से निपटा जा सके।"
पाकिस्तान ने पहले अनुरोध किया था कि मजीद ब्रिगेड को एक अंतरराष्ट्रीय आतंकवादी संगठन के रूप में सूचीबद्ध किया जाए। 2019 में अमेरिकी विदेश विभाग ने बीएलए को वैश्विक आतंकवादी संगठन (एसडीजीटी) घोषित किया, जिससे अमेरिका में किसी के लिए भी आतंकवादियों की सहायता करना अपराध बन गया, लेकिन उस समय मजीद ब्रिगेड को नामित नहीं किया गया था।