आचार्यश्री इन्द्रनंदी जी महाराज एवं गणिनी आर्यिका विशुद्धमति माताजी ससंघ का आगरा में मंगल प्रवेश
आगरा। आचार्यश्री इन्द्रनंदी जी महाराज, मुनिश्री उत्कर्षनंदी जी, मुनिश्री नाभिनंदी जी तथा गणिनी आर्यिका श्री विशुद्धमति माताजी एवं गणिनी आर्यिका श्री विज्ञमति माताजी ससंघ के आगरा आगमन पर जैन समाज में उत्साह और श्रद्धा का वातावरण देखने को मिला। मंगलवार को जयपुर हाउस स्थित श्री शांतिनाथ दिगम्बर जैन मंदिर में आचार्यसंघ एवं गणिनी आर्यिकासंघ का भव्य मंगल प्रवेश हुआ।
प्रातःकाल श्री रामेश्वरी देवी कन्या विद्यालय, नगला वसुआ पथोली से मंगल विहार प्रारंभ हुआ। मार्ग भर श्रद्धालुओं ने गुरुसंघ के दर्शन कर धर्मलाभ प्राप्त किया। जयपुर हाउस पहुंचने पर श्री शांतिनाथ युवा मंडल, महिला मंडल एवं सकल जैन समाज द्वारा गुरुवर एवं गुरुमां ससंघ का स्वागत किया गया। बैंड-बाजों, मंगल गीतों और जयघोषों के बीच श्रद्धालुओं ने अपनी श्रद्धा व्यक्त की। बड़ी संख्या में श्रावक-श्राविकाएं पदयात्रा में शामिल रहीं।
इस अवसर पर आचार्यश्री इन्द्रनंदी जी महाराज ने अपने प्रवचन में कहा कि उत्तर प्रदेश की पावन भूमि पर उनका यह प्रथम आगमन है और यह सौभाग्य उन्हें माताजी ससंघ के साथ प्राप्त हुआ है। उन्होंने अपनी विशेष भावना व्यक्त करते हुए कहा कि जीवन के अंतिम समय में वह पवित्र सम्मेद शिखर जी की यात्रा करना चाहते हैं।
मंगल प्रवेश के उपरांत श्रद्धालुओं ने आचार्यश्री ससंघ एवं गणिनी आर्यिका श्री विशुद्धमति माताजी ससंघ के दर्शन कर धर्म आराधना का लाभ प्राप्त किया। समाजजनों ने आगामी शिकोहाबाद विहार की सफलता एवं धर्म प्रभावना के लिए मंगलकामनाएं व्यक्त कीं।
विहार यात्रा एवं स्वागत व्यवस्था में राकेश जैन परदेवाले, दीपक जैन, विनोद रांवका, सुबोध पाटनी, अमित सेठिया, राजीव प्रकाश जैन, विमल जैन, अनुभव जैन, उदित जैन, अंकित जैन, तरुण जैन सहित अनेक युवा कार्यकर्ताओं ने सक्रिय भूमिका निभाई।