बरेली का ग्राम प्रधान हत्याकांड: अदालत ने पांच आरोपियों को सुनाई आजीवन कारावास की सजा
बरेली। ग्राम प्रधानी के चुनाव में हुई राजनीतिक रंजिश ने जिस हत्या की वारदात को जन्म दिया था, उसमें मंगलवार को अदालत ने बड़ा फैसला सुनाया। बरेली की अपर सत्र न्यायाधीश (एडीजे-01) कोर्ट ने ग्राम प्रधान मोहम्मद इशहाक अली हत्याकांड में पांच आरोपियों को दोषी करार देते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। अदालत ने दोषियों पर कुल 3.90 लाख रुपये का अर्थदंड भी लगाया है। सजा पाने वालों में एक महिला आरोपी भी शामिल है।
अपर सत्र न्यायाधीश बृजेन्द्र त्रिपाठी की अदालत ने मामले में अभियोजन पक्ष की ओर से पेश किए गए 14 गवाहों और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर यह फैसला सुनाया। अदालत ने चार पुरुष आरोपियों को हत्या, जानलेवा हमला और धमकी देने की धाराओं में दोषी पाया, जबकि पांचवीं आरोपी महिला को हत्या की साजिश में शामिल होने का दोषी माना गया।
चुनावी हार की रंजिश में प्रधान की हत्या
मामले की शिकायतकर्ता शीवा रानी पुत्री इश्तियाक अली निवासी ग्राम परगवां, थाना कैंट, बरेली ने पुलिस को बताया था कि उनके भाई मोहम्मद इशहाक अली ग्राम प्रधानी के चुनाव में विजयी हुए थे। चुनाव में विपक्ष की ओर से गांव के मोहर सिंह और रतनलाल भी प्रत्याशी थे। चुनाव हारने के बाद दोनों पक्षों के बीच रंजिश बढ़ गई और विपक्षी लगातार परिवार को जान से मारने की धमकी देने लगे।
शीवा रानी के अनुसार, 20 जून 2021 को शाम करीब 4:30 बजे वह अपने भाई मोहम्मद इशहाक अली और उनकी पत्नी सकीना के साथ बरेली से दवाई लेकर वापस गांव लौट रही थीं। रास्ते में पहले से घात लगाए बैठे आरोपियों ने उन्हें रोक लिया और फायरिंग शुरू कर दी।
फायरिंग में मोहम्मद इशहाक अली की गोली लगने से मौके पर ही मौत हो गई, जबकि उनकी पत्नी सकीना गंभीर रूप से घायल हो गई थीं। घटना के बाद थाना कैंट में आरोपियों के खिलाफ धारा 302, 307, 504, 506, 120बी और 34 भारतीय दंड संहिता के तहत मुकदमा दर्ज किया गया था।
इन आरोपियों को मिली आजीवन कारावास की सजा
अभियोजन पक्ष की ओर से पैरवी कर रहे एडीजीसी सुनील कुमार पांडेय ने बताया कि अदालत ने चार आरोपियों को हत्या और अन्य धाराओं में दोषी ठहराते हुए सजा सुनाई है।
दोषी पाए गए आरोपियों में मोहर सिंह पुत्र बुद्धसेन, निवासी ग्राम परगवां, थाना कैंट, बरेली, भगवत पटेल पुत्र हरनाम सिंह, निवासी ग्राम सिंघाई मुरावान, थाना भुता, बरेली, राहुल उर्फ धीरू पुत्र राम सिंह, निवासी ग्राम लखौरा, थाना कैंट, बरेली और लोकेश पटेल पुत्र राजाराम, निवासी मुड़िया अहमदनगर, थाना इज्जतनगर, बरेली शामिल हैं।
इन सभी को अदालत ने धारा 302/34 भादवि में आजीवन कारावास और 50-50 हजार रुपये अर्थदंड, धारा 307/34 में 10-10 वर्ष का कारावास और 20-20 हजार रुपये अर्थदंड, तथा धारा 506 में 7-7 वर्ष का कारावास और 10-10 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई है। अर्थदंड जमा नहीं करने पर प्रत्येक दोषी को अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा।
महिला आरोपी को साजिश में दोषी मानते हुए उम्रकैद
अदालत ने पांचवीं आरोपी आशिया पत्नी इमरान निवासी ग्राम परगवां, थाना कैंट, बरेली को भी दोषी करार दिया। आशिया को अदालत ने धारा 302/120बी भादवि में आजीवन कारावास और 50 हजार रुपये अर्थदंड, जबकि धारा 307/120बी में 10 वर्ष का कारावास और 20 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई है। अर्थदंड न जमा करने की स्थिति में उसे अतिरिक्त एक वर्ष का कारावास भुगतना होगा।