टीटीजेड की कानूनी जीत पर आगरा केडीएम मनीष बंसल का चैम्बर ने किया सम्मान, जलकर वसूली, आरओबी और आगरा की बेडई को ओडीओसी में शामिल करने की उठाई जोरदार मांग
आगरा। ताज ट्रेपेजियम जोन (टीटीजेड) से जुड़े मामले में सर्वोच्च न्यायालय में सक्रिय पैरवी कर आगरा के उद्योग और व्यापार को राहत दिलाने पर आगरा चैम्बर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री ने जिलाधिकारी मनीष बंसल का सम्मान किया। इसके साथ ही जिला उद्योग बंधु की बैठक में चैम्बर ने उद्योग एवं व्यापार से जुड़े कई महत्वपूर्ण मुद्दे उठाते हुए यूपीसीडा क्षेत्रों में जलकर वसूली पर कड़ा विरोध जताया, बोदला-बिचपुरी रोड के चौड़ीकरण एवं रेलवे ओवरब्रिज (आरओबी) का निर्माण शीघ्र शुरू कराने की मांग की तथा आगरा की प्रसिद्ध बेडई को ‘एक जनपद, एक कुसीन’ (ओडीओसी) योजना में शामिल करने का प्रस्ताव रखा।
चैम्बर अध्यक्ष मनोज कुमार बंसल के नेतृत्व में प्रतिनिधिमंडल ने जिलाधिकारी मनीष बंसल का सम्मान किया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि ताज संरक्षित क्षेत्र से जुड़े मामले में जिलाधिकारी ने प्रारंभ से ही सर्वोच्च न्यायालय में सकारात्मक और प्रभावी पैरवी की, जिसके परिणामस्वरूप न्यायालय के आदेश से आगरा के उद्योग और व्यापार को नई दिशा और नई ऊर्जा मिली है। उन्होंने इसे आगरा के उद्योग एवं व्यापार की बड़ी उपलब्धि बताया।
बैठक में चैम्बर अध्यक्ष ने उद्योग एवं व्यापार से जुड़ी समस्याओं की ओर जिलाधिकारी का ध्यान आकर्षित करते हुए कहा कि 28 अक्टूबर 2024 के शासनादेश के अनुसार यूपीसीडा द्वारा विकसित सभी औद्योगिक क्षेत्रों का रखरखाव, विकास, साफ-सफाई, पेयजल और सीवर जैसी व्यवस्थाओं की जिम्मेदारी यूपीसीडा के पास है। ऐसे में स्थानीय निकायों द्वारा इन क्षेत्रों में गृहकर अथवा अन्य कर नहीं लिया जाना चाहिए।
उन्होंने कहा कि इसके बावजूद वर्तमान में औद्योगिक क्षेत्रों में जल निगम द्वारा जलकर के बिल भेजे जा रहे हैं, जिससे उद्यमियों और व्यापारियों पर दोहरा आर्थिक बोझ पड़ रहा है। चैम्बर ने इस व्यवस्था पर कड़ा रोष व्यक्त करते हुए इसे तत्काल समाप्त करने की मांग की।
बैठक में बोदला-बिचपुरी रोड के चौड़ीकरण और बिचपुरी रेलवे फाटक पर रेलवे ओवरब्रिज (आरओबी) के निर्माण का मुद्दा भी प्रमुखता से उठाया गया। चैम्बर अध्यक्ष ने बताया कि मास्टर प्लान में इस सड़क को 150 फीट चौड़ा किए जाने की स्वीकृति मिल चुकी है। वहीं रेलवे ओवरब्रिज निर्माण को केंद्रीय पर्यावरण समिति (सीईसी) की मंजूरी मिलने के साथ रेलवे द्वारा बजट भी आवंटित किया जा चुका है।
उन्होंने कहा कि बोदला-बिचपुरी क्षेत्र आगरा के सबसे तेजी से विकसित हो रहे क्षेत्रों में शामिल है। यहां लगातार नई औद्योगिक इकाइयां और आवासीय कॉलोनियां विकसित हो रही हैं, जिससे यातायात का दबाव लगातार बढ़ रहा है। रेलवे फाटक बंद होने पर दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग जाती हैं, जिससे आम नागरिकों, विद्यार्थियों, कर्मचारियों और व्यापारियों को भारी परेशानी उठानी पड़ती है। कई बार एम्बुलेंस और अन्य आपातकालीन सेवाओं के वाहन भी जाम में फंस जाते हैं। चैम्बर ने जनहित को देखते हुए आरओबी निर्माण और सड़क चौड़ीकरण का कार्य जल्द शुरू कराने की मांग की।
चैम्बर के पूर्व अध्यक्ष मनीष अग्रवाल ने आगरा की प्रसिद्ध बेडई और आलू की सब्जी को शहर की सांस्कृतिक और खान-पान की पहचान बताते हुए कहा कि इसे उत्तर प्रदेश सरकार की ‘एक जनपद, एक कुसीन’ (ओडीओसी) योजना में शामिल किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि इससे स्थानीय कुटीर उद्योगों, छोटे दुकानदारों और खाद्य व्यवसाय से जुड़े परिवारों को सीधा लाभ मिलेगा। साथ ही आगरा के फूड टूरिज्म को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान मिलेगी तथा रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे।
बैठक में चैम्बर के पूर्व अध्यक्ष सीताराम अग्रवाल ने रामबाग से सिकंदरा के बीच सिटी बस सेवा नहीं होने का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने मौके पर ही सिटी बस अधिकारियों से फोन पर बातचीत की। अधिकारियों ने बताया कि एक बस खंदौली से रूनकता, दो बसें खंदौली से कैंट तथा छह बसें टेड़ी बगिया से सिकंदरा के बीच संचालित हो रही हैं और सभी बसें रामबाग होकर गुजर रही हैं।
जिलाधिकारी से मिले प्रतिनिधिमंडल में चैम्बर अध्यक्ष मनोज कुमार बंसल, पूर्व अध्यक्ष सीताराम अग्रवाल, पूर्व अध्यक्ष मनीष अग्रवाल तथा अतुल कुमार गुप्ता शामिल रहे।