ब्रज के वनों, कुंडों और गिरिराज क्षेत्र के संरक्षण को नई उड़ान: ब्रज तीर्थ विकास परिषद और हार्टफुलनेस फाउंडेशन मिलकर चलाएंगे बड़ा अभियान, ईको-रेस्टोरेशन, जल संरक्षण और हरियाली बढ़ाने पर बनी सहमति, आठ प्रमुख परियोजनाओं पर संयुक्त कार्ययोजना तैयार
मथुरा। भगवान श्रीकृष्ण की लीला भूमि ब्रज की प्राकृतिक, आध्यात्मिक और सांस्कृतिक धरोहरों के संरक्षण एवं विकास को लेकर एक महत्वपूर्ण पहल शुरू हुई है। उत्तर प्रदेश ब्रज तीर्थ विकास परिषद और हार्टफुलनेस फाउंडेशन ने ब्रज के पौराणिक वनों, कुंडों तथा गिरिराज पर्वतीय क्षेत्र के संरक्षण, पुनर्जीवन और सौंदर्यीकरण के लिए संयुक्त रूप से कार्य करने का निर्णय लिया है। दोनों संस्थाओं के बीच हुई उच्चस्तरीय बैठक में ईको-रेस्टोरेशन, जल संरक्षण, हरियाली विस्तार, कुंडों के पुनर्जीवन और पर्यावरणीय जागरूकता को बढ़ावा देने के लिए व्यापक कार्ययोजना पर सहमति बनी।

गिरिराज क्षेत्र और बृज के वनों, कुंडों के विकास के लिए आयोजित बैठक में मौजूद पद्मभूषण डॉ. कमलेश डी. पटेल (दाजी) और उत्तर प्रदेश बृज तीर्थ विकास परिषद के अधिकारी।
गोवर्धन में स्थलीय निरीक्षण, गिरिराज क्षेत्र के विकास पर मंथन
बैठक से पूर्व हार्टफुलनेस फाउंडेशन के वैश्विक मार्गदर्शक एवं पद्मभूषण सम्मानित डॉ. कमलेश डी. पटेल (दाजी) ने ब्रज तीर्थ विकास परिषद के उपाध्यक्ष शैलजाकांत मिश्र, आगरा के मंडलायुक्त नगेंद्र प्रताप, जिलाधिकारी चंद्र प्रकाश सिंह, मुख्य कार्यपालक अधिकारी लक्ष्मी नागप्पन तथा प्रभागीय निदेशक वन वेंकटेश एस. पटेल के साथ गोवर्धन क्षेत्र का विस्तृत भ्रमण किया।
इस दौरान गिरिराज पर्वत की हरियाली, परिक्रमा मार्ग, विभिन्न पौराणिक कुंडों तथा पर्यावरणीय स्थितियों का अवलोकन किया गया। श्रद्धालुओं को अधिक सुविधाजनक और पर्यावरण-अनुकूल परिक्रमा व्यवस्था उपलब्ध कराने पर भी विचार-विमर्श हुआ।
ब्रज के विकास में सहभागी बनेगा हार्टफुलनेस फाउंडेशन
परिषद सभागार में आयोजित बैठक को संबोधित करते हुए परिषद के उपाध्यक्ष शैलजाकांत मिश्र ने कहा कि हार्टफुलनेस फाउंडेशन अब ब्रज क्षेत्र में पर्यावरण संरक्षण और विकास कार्यों में परिषद का सहयोगी बनेगा। उन्होंने कहा कि संस्था भारत सहित अनेक देशों में सक्रिय है और उसके अनुभव, तकनीकी दक्षता तथा संसाधनों का लाभ ब्रज क्षेत्र को मिलेगा।
746 विरासत स्थल और 231 कुंडों के संरक्षण की दिशा में पहल
बैठक में परिषद के ईको-रेस्टोरेशन प्रभारी मुकेश शर्मा ने प्रस्तुतीकरण देते हुए बताया कि ब्रज क्षेत्र में 746 विरासत स्थल, 231 कुंड और 137 पौराणिक वन चिन्हित किए गए हैं। परिषद द्वारा अब तक 165 परियोजनाएं शुरू की जा चुकी हैं, जिनमें से 115 परियोजनाएं पूर्ण हो चुकी हैं। हार्टफुलनेस फाउंडेशन के सहयोग से अब कई नई योजनाओं को गति दी जाएगी।
जल संरक्षण के लिए बनेगा वाटर म्यूजियम
आगरा के मंडलायुक्त नगेंद्र प्रताप ने कहा कि जनपद में लगभग दो हजार तालाब, पोखर और अन्य जलाशय मौजूद हैं। इनके संरक्षण और पुनर्जीवन के लिए तकनीकी प्रशिक्षण और कौशल विकास आवश्यक है। उन्होंने जल संरक्षण के प्रति जागरूकता बढ़ाने के लिए ब्रज क्षेत्र में वाटर म्यूजियम स्थापित करने का प्रस्ताव भी रखा।
जिलाधिकारी चंद्र प्रकाश सिंह ने सभी प्रस्तावित परियोजनाओं के क्रियान्वयन में जिला प्रशासन की ओर से हरसंभव सहयोग का भरोसा दिलाया।
ब्रज की आध्यात्मिक और प्राकृतिक विरासत को सहेजने का संकल्प
हार्टफुलनेस फाउंडेशन के वैश्विक मार्गदर्शक डॉ. कमलेश डी. पटेल (दाजी) ने कहा कि संस्था पर्यावरण संरक्षण, शिक्षा, ध्यान और आत्म-विकास के क्षेत्र में व्यापक कार्य कर रही है। ब्रज में जल संरक्षण, जल शोधन, वन पुनर्जीवन और ध्यान के प्रसार से जुड़े अनेक कार्यक्रम संचालित किए जाएंगे।
उन्होंने कहा कि प्राकृतिक संसाधनों की रक्षा के साथ-साथ समाज में आंतरिक शांति, संतुलन और सकारात्मकता का विकास भी उतना ही महत्वपूर्ण है। ब्रज की आध्यात्मिक और प्राकृतिक धरोहरों के संरक्षण के लिए परिषद के साथ मिलकर दीर्घकालिक योजनाओं पर कार्य किया जाएगा।
इन आठ प्रमुख बिंदुओं पर बनी सहमति
गिरिराज क्षेत्र में व्यापक स्तर पर हरियाली बढ़ाने और ईको-रेस्टोरेशन का कार्य होगा। गोविंद कुंड, गंधर्व कुंड, सुरभि कुंड और नारद कुंड के जल शोधन एवं रखरखाव की व्यवस्था। टाटा समूह के सहयोग से राधाकुंड, श्यामकुंड, जतीपुरा कुंड और अष्टसखी कुंड का जल शोधन, रखरखाव एवं सौंदर्यीकरण। उद्धव क्यारी कुंड और दोमिल कुंड के जल शोधन तथा सौंदर्यीकरण की योजना। टेंटीगांव स्थित जाकवारी मंदिर तालाब को आदर्श कुंड के रूप में विकसित करना।
इसके अलावा वंशीवट, करहला-छाहरी सहित पौराणिक वनों के पुनर्जीवन एवं संरक्षण का अभियान। अकबरपुर और बरसाना में पर्यटक सुविधा केंद्रों का संचालन। वाटर म्यूजियम की स्थापना के माध्यम से जल संरक्षण, कौशल विकास और तकनीकी प्रशिक्षण कार्यक्रम संचालित करना आदि कार्य होंगे।
वरिष्ठ अधिकारियों की रही मौजूदगी
बैठक में वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्लोक कुमार, नगर आयुक्त जग प्रवेश, मुख्य विकास अधिकारी डॉ. पूजा गुप्ता, उप मुख्य कार्यपालक अधिकारी सतीश चंद्र सहित हार्टफुलनेस फाउंडेशन और परिषद के अनेक अधिकारी एवं सदस्य उपस्थित रहे। अंत में मुख्य कार्यपालक अधिकारी लक्ष्मी नागप्पन ने सभी अतिथियों एवं प्रतिभागियों का आभार व्यक्त किया।