सहकारिता घोटाले का मामला गरमाया, किसान नेता श्याम सिंह चाहर घंटों रहे घर में नजरबंद, करोड़ों की लूट का लगाया आरोप, कार्रवाई न हुई तो भूख हड़ताल तय
आगरा। सहकारिता विभाग में कथित करोड़ों के घोटाले को लेकर बृहस्पतिवार की रात जिला प्रशासन ने किसान नेता श्याम सिंह चाहर को उनके आवास पर ही नजरबंद करा दिया। रात्रि से लेकर सुबह करीब 3 बजे तक पुलिस फोर्स उनके घर पर डटी रही। दिन में हुई उच्चस्तरीय बैठक में प्रशासनिक अधिकारियों के सामने चाहर ने विभाग के अफसरों पर गंभीर आरोपों की झड़ी लगा दी और साफ चेतावनी दी कि दोषियों पर कार्रवाई न होने पर भूख हड़ताल की जाएगी।
रातभर नजरबंदी, सुबह तक पुलिस का पहरा
थाना सदर पुलिस, जिसमें एसएचओ विजय विक्रम सिंह, बंदूकटरा प्रभारी मोहित मलिक सहित टीम मौजूद रही, करीब तीन घंटे तक आवास पर तैनात रही। एसीपी सदर रामप्रवेश गुप्ता और एसडीएम सदर ने फोन पर वार्ता कर हालात को नियंत्रित करने का प्रयास किया।
उच्चस्तरीय बैठक में घोटाले के गंभीर आरोप
दोपहर 12:30 बजे से हुई बैठक में एडीएम प्रशासन, एसीपी सदर रामप्रवेश गुप्ता, डीआर आदित्य कुमार दुबे, एआर विजय कुमार, जीएम वरुण यादव, किसान नेता श्याम सिंह चाहर, मुकेश पाठक, लाखन सिंह त्यागी, सोनू शर्मा, लक्ष्मी नारायण बघेल समेत कई लोग मौजूद रहे।
किसान नेता ने सहायक आयुक्त, सहायक निबंधक, संयुक्त आयुक्त व संयुक्त निबंधक सहकारिता आगरा मंडल पर आरोप लगाते हुए कहा कि अधिकारियों ने वेतनभोगी समितियों के साथ मिलकर करोड़ों रुपये का घोटाला किया है। ऐसे लोगों को भी पैसा दिया गया जो न विभाग के कर्मचारी हैं और न ही समितियों के सदस्य।
फर्जीवाड़ा, घोटाला और संरक्षण- चाहर का सीधा हमला
श्याम सिंह चाहर ने आरोप लगाया कि बीमा, स्वास्थ्य, सीओडी, नगर निगम, परिवहन, आवास और अन्य वेतनभोगी समितियों में बड़े पैमाने पर घोटाले हुए। कई समितियों में अयोग्य व्यक्तियों को सचिव बनाया गया, फिर भी कार्रवाई नहीं हुई। जांच रिपोर्ट होने के बावजूद दोषियों को बचाया गया। खाली कागजों पर हस्ताक्षर और अंगूठा लगवाकर फर्जी फाइलें तैयार की गईं।
जनसूचना कानून की अनदेखी, महीनों से लंबित अपील
चाहर ने बताया कि जनसूचना अधिनियम के तहत रिपोर्ट मांगी गई, लेकिन आज तक उपलब्ध नहीं कराई गई। अक्टूबर और दिसंबर 2025 से अपील लंबित हैं, 18 मार्च 2026 तक भी कोई कार्रवाई नहीं हुई।
डीपीआरओ जांच में खुलासा, फिर भी कार्रवाई शून्य
सीडीओ के आदेश पर डीपीआरओ मनीष कुमार ने जांच कर पूरे मामले का खुलासा किया, लेकिन उसके बाद भी सहायक आयुक्त कार्यालय ने 29 अप्रैल 2026 को जल्दबाजी में पत्र जारी कर 8 मई की तारीख लगा दी, जिसमें पूर्व दिनांक 25 मार्च का पत्र संलग्न किया गया, जिसे चाहर ने स्पष्ट हेराफेरी बताया।
लखनऊ से हस्तक्षेप, कार्रवाई का आश्वासन
किसान नेता से आयुक्त अनिल कुमार (बैंकिंग), लखनऊ ने फोन पर बात कर भरोसा दिलाया कि जल्द ही संयुक्त आयुक्त आदित्य कुमार दुबे, एआर विमल कुमार और अन्य अधिकारियों व समिति सचिवों को नोटिस भेजकर लखनऊ बुलाया जाएगा। सात दिन के भीतर बैठक कर कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
कार्रवाई नहीं तो भूख हड़ताल- चाहर की चेतावनी
श्याम सिंह चाहर ने दो टूक कहा कि यदि दोषियों पर सख्त कार्रवाई नहीं हुई तो आयुक्त कार्यालय आगरा मंडल पर अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल शुरू करेंगे, जिसकी पूरी जिम्मेदारी सहकारिता विभाग की होगी।
गोदाम घोटाले और किसानों की रकम पर भी सवाल
चाहर ने बताया कि गोदाम निर्माण की जांच 16 महीने से लंबित है, रिपोर्ट नहीं आई। अधूरे गोदामों का पूरा भुगतान कर दिया गया। लगभग 2.5 लाख किसानों की करीब 14.62 करोड़ रुपये की शेयर मनी और 20 करोड़ की छात्रवृत्ति राशि में गड़बड़ी का आरोप है।
किसान नेता ने स्पष्ट कहा कि भ्रष्टाचार के खिलाफ लड़ाई जारी रहेगी, चाहे इसके लिए जान ही क्यों न देनी पड़े। मौके पर दिनेश तोमर, लाखन सिंह, विशम्बर सिंह, संतोष समेत कई किसान मौजूद रहे।