भटकती युवा पीढ़ी पर राज्यपाल का बड़ा बयान: सिर्फ डिग्री नहीं, दिशा देना जरूरी, शिक्षकों को भी याद दिलाई जिम्मेदारी

-आरके सिंह- बरेली। कम उम्र के छात्र-छात्राओं के भटकाव पर गंभीर चिंता जताते हुए उत्तर प्रदेश की राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने विश्वविद्यालयों और शिक्षकों को कड़ी जिम्मेदारी निभाने का संदेश दिया। उन्होंने स्पष्ट कहा कि केवल बड़े-बड़े विश्वविद्यालय बनाना पर्याप्त नहीं है, बल्कि युवाओं को सही दिशा देना, हुनर सिखाना और आत्मनिर्भर बनाना ही असली शिक्षा है। गलत संगत से बचाने के लिए शिक्षकों और प्रशासन को छात्रों पर सतर्क नजर रखनी होगी।

Apr 30, 2026 - 19:35
Apr 30, 2026 - 19:42
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भटकती युवा पीढ़ी पर राज्यपाल का बड़ा बयान: सिर्फ डिग्री नहीं, दिशा देना जरूरी, शिक्षकों को भी याद दिलाई जिम्मेदारी
बरेली में गुरुवार को दिशा इंटर कॉलेज के बहुउद्देशी भवन का शिलान्यास करने के बाद विद्यालय के छात्र-छात्राओं को संबोधित करतीं उत्तर प्रदेश की राज्यपाल आनंदीबेन पटेल।

राज्यपाल बरेली में महात्मा ज्योतिबा फुले रोहिलखंड विश्वविद्यालय द्वारा संचालित दिशा इंटर कॉलेज में बहुउद्देशीय भवन के शिलान्यास अवसर पर संबोधित कर रही थीं। उन्होंने कहा कि आज का माहौल ऐसा है जहां अज्ञानतावश युवा गलत रास्तों की ओर मुड़ रहे हैं, और एक छोटी गलती पूरी जिंदगी पर भारी पड़ सकती है।

विश्वविद्यालय गांवों तक जाएं, समाज से जुड़ें

राज्यपाल ने विश्वविद्यालयों की भूमिका को केवल शिक्षा तक सीमित न रखते हुए कहा कि उन्हें समाज के बीच जाकर महिलाओं और किसानों की समस्याओं को समझना और समाधान करना चाहिए। हर विश्वविद्यालय को कम से कम पांच गांव गोद लेकर वहां काम करना चाहिए।

टीबी मुक्त भारत और एचपीवी वैक्सीन पर जोर

उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री के टीबी मुक्त भारत अभियान के तहत उत्तर प्रदेश के 75 जिलों में काम चल रहा है और अब तक चार लाख से अधिक मरीज स्वस्थ हो चुके हैं।
साथ ही 9 से 14 वर्ष की बच्चियों के लिए एचपीवी वैक्सीन पर जोर देते हुए बताया कि प्रदेश में तीन लाख से अधिक बालिकाओं को यह टीका लगाया जा चुका है, जो कैंसर से बचाव में सहायक है।

गुजरात अनुभव साझा: शौचालय से बदली तस्वीर

अपने गुजरात कार्यकाल का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि 1998 में शिक्षा मंत्री रहते समय स्कूलों में शौचालय न होने के कारण बालिकाओं का ड्रॉपआउट अधिक था, लेकिन शौचालय निर्माण के बाद यह लगभग शून्य हो गया।

दिशा स्कूल बना वटवृक्ष, विशेष बच्चों को मुख्यधारा में लाने पर जोर

उन्होंने दिशा स्कूल की सराहना करते हुए कहा कि दो बच्चों से शुरू हुआ यह संस्थान आज वटवृक्ष बन चुका है। विशेष (दिव्यांग) बच्चों को अलग नहीं बल्कि सामान्य बच्चों के साथ शिक्षा दी जानी चाहिए, ताकि वे भी समाज की मुख्यधारा में आगे बढ़ सकें।

कार्यक्रम में छात्रों ने शिव तांडव, स्त्रोत, गरबा नृत्य और फैशन शो की प्रस्तुति दी, जिसमें दिव्यांग विद्यार्थियों की भागीदारी विशेष आकर्षण रही। राज्यपाल ने सभी प्रस्तुतियों की सराहना की।

कुलपति ने बताया विकास का रोडमैप

विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. के.पी. सिंह ने बताया कि राज्यपाल की प्रेरणा से दिशा स्कूल को विश्वविद्यालय ने अंगीकृत किया है। यहां छात्र संख्या 450 से अधिक हो चुकी है और विज्ञान विषय की पढ़ाई भी शुरू कर दी गई है। भविष्य में केजी से पीजी तक शिक्षा की व्यवस्था का लक्ष्य है।

दौरे के अन्य प्रमुख पड़ाव

राज्यपाल त्रिशूल एयरपोर्ट पहुंचने के बाद सीधे दिशा इंटर कॉलेज गईं, जहां उन्होंने मूकबधिर बच्चों से मुलाकात कर उनका उत्साह बढ़ाया। इसके बाद किला स्थित राजकीय सम्प्रेक्षण गृह (किशोर) का निरीक्षण किया और वहां रह रहे किशोरों से संवाद किया।
रामगंगा नगर में एक निजी स्कूल शाखा का उद्घाटन करने के बाद वह पुनः त्रिशूल एयरपोर्ट से लखनऊ रवाना हो गईं।

SP_Singh AURGURU Editor