टुडेज चाणक्या के एग्जिट पोल में बीजेपी की आंधी, सर्वे में ममता बनर्जी के साथ हो गया 'खेला'
टुडेज चाणक्या के एग्जिट पोल में बीजेपी को प्रचंड बहुमत मिलता दिख रहा है। हालांकि बंगाल चुनाव के असली नतीजे 4 मई को आएंगे।
कोलकाता। पश्चिम बंगाल में रिकॉर्ड वोटिंग के बाद अब राजनीतिक पार्टियों को 4 नई को आने वाले नतीजों का इंतजार है। दो चरणों में हुए विधानसभा चुनाव में कुल मतदान 92.47 प्रतिशत दर्ज किया गया। पहले चरण में 93.13 प्रतिशत और दूसरे में 91.66 प्रतिशत मतदान हुआ। इस बीच टुडेज चाणक्या एग्जिट पोल में बीजेपी को 192, टीएमसी को 100 और अन्य को 2 सीटें मिलने का अनुमान है।
टुडेज चाणक्या के एग्जिट पोल में पश्चिम बंगाल में बीजेपी को प्रचंड बहुमत मिलता नजर आ रहा है। वोट शेयर की बात करें तो राज्य में बीजेपी को 48 फीसदी, टीएमसी को 38 फीसदी, अन्य को 14 फीसदी वोट मिलने की संभावना है। सर्वे में दावा किया गया है कि बीजेपी को दलित और ओबीसी वोटर्स का भरपूर साथ मिला है।
यह चुनाव केवल इस बात तक सीमित नहीं रह गया है कि राज्य सचिवालय तक कौन पहुंचेगा, बल्कि यह इस बात पर जनमत संग्रह बन गया है कि मुख्यमंत्री ममता बनर्जी 15 सालों के शासन के बाद भी बंगाल की केंद्रीय राजनीतिक शक्ति बनी रहती हैं या नहीं। बंगाल में इस बार स्वतंत्रता के बाद का अब तक का सर्वाधिक मतदान है।
ममता बनर्जी के लिए यह चुनाव उनके राजनीतिक जीवन की निर्णायक लड़ाई माना जा रहा है। लगातार तीन कार्यकाल और डेढ़ दशक तक सत्ता में रहने के बाद वह न केवल सत्ता बरकरार रखने बल्कि अपने स्थापित राजनीतिक ढांचे की रक्षा के लिए भी संघर्ष कर रही हैं। दूसरी ओर, बीजेपी के लिए बंगाल अब भी अधूरा राजनीतिक लक्ष्य बना हुआ है। पार्टी का मानना है कि वह राज्य में सत्ता हासिल कर अपने 'अंतिम वैचारिक मोर्चे' को पार कर सकती है। पार्टी का वोट शेयर 2011 में लगभग चार प्रतिशत से बढ़कर 2019 में करीब 40 प्रतिशत तक पहुंचा और 2021 में उसने 77 सीटें जीतीं, जिससे वह तृणमूल की मुख्य प्रतिद्वंद्वी बन गई।
पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने आरोप लगाया कि टीएमसी कार्यकर्ताओं का मनोबल गिराने के लिए बीजेपी के निर्देश पर एग्जिट पोल के पूर्वानुमान प्रसारित किए जा रहे हैं। उन्होंने भरोसा जताया कि सत्तारूढ़ पार्टी राज्य चुनावों में 294 विधानसभा सीटों में से 226 से अधिक सीटें जीतेगी।