आगरा में धर्मांतरण गिरोह पर बड़ा एक्शन,एटीएस और पुलिस ने 4 और आरोपी दबोचे
आगरा में अवैध धर्मांतरण गिरोह के खिलाफ बड़ी कार्रवाई में पुलिस और एटीएस ने चार और आरोपियों को गिरफ्तार किया है। यह गिरोह 2025 में दो युवतियों के लापता होने के बाद उजागर हुआ था। अब तक 14 आरोपी पकड़े जा चुके हैं और जांच में दिल्ली, राजस्थान समेत अंतरराष्ट्रीय कनेक्शन सामने आए हैं।
आगरा। अवैध धर्मांतरण नेटवर्क के खिलाफ चल रही कार्रवाई में पुलिस को एक और बड़ी सफलता मिली है। आगरा कमिश्नरेट और यूपी एटीएस की संयुक्त टीम ने इस मामले में चार और आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इसके साथ ही इस पूरे नेटवर्क में अब तक गिरफ्तार आरोपियों की संख्या बढ़कर 14 हो गई है।
यह मामला वर्ष 2025 में सदर क्षेत्र से दो युवतियों के रहस्यमय तरीके से लापता होने के बाद सामने आया था। जांच के दौरान पुलिस को एक संगठित गिरोह का पता चला, जो कथित तौर पर सुनियोजित तरीके से धर्मांतरण कराने में सक्रिय था। उसी कड़ी में लगातार कार्रवाई जारी है।
ताजा गिरफ्तारी, दिल्ली-राजस्थान कनेक्शन उजागर
पुलिस की हालिया कार्रवाई में तीन आरोपी दिल्ली से और एक उत्तर प्रदेश से गिरफ्तार किया गया है। पूछताछ में इनके नेटवर्क का दायरा कई राज्यों तक फैला हुआ सामने आ रहा है। गिरफ्तार आरोपियों में ओखला, दिल्ली निवासी तलमीज़ उर्फ रहमान सीमित शिक्षा के बावजूद गिरोह में सक्रिय भूमिका निभा रहा था। लोगों को धर्मांतरण के लिए प्रेरित करना और मुख्य आरोपी से सीधा संपर्क बनाए रखना इसका काम था।
डीग, भरतपुर, राजस्थान निवासी करीब 60 वर्षीय आरोपी मौलाना हसन धार्मिक प्रवचन देता था। पुलिस के अनुसार, धर्म परिवर्तन के बाद लड़कियों के निकाहनामे तैयार करना और उन्हें प्रमाणित करना इसकी मुख्य भूमिका थी। तीसरा ओखला, दिल्ली निवासी परवेज़ अख्तर दिल्ली विश्वविद्यालय से स्नातक है। वह कथित तौर पर कन्वर्ट की गई लड़कियों के ठहरने और लॉजिंग की व्यवस्था करता था। इसके अलावा भड़काऊ साहित्य तैयार करने में भी इसकी भूमिका सामने आई है।
आदर्श नगर, नॉर्थ-वेस्ट दिल्ली निवासी जतिन कपूर एमबीए डिग्रीधारी है। उसने धर्म परिवर्तन किया हुआ है और फ्रीलांस वेबसाइट डिजाइनिंग का काम करता था। पुलिस के मुताबिक, यह सोशल मीडिया के जरिए लोगों को प्रभावित कर कथित तौर पर ब्रेनवॉश करने में अहम भूमिका निभाता था।
मास्टरमाइंड और इंटरनेशनल लिंक
पुलिस के अनुसार, ये सभी आरोपी पहले से गिरफ्तार किए जा चुके मास्टरमाइंड कलीम सिद्दीकी के नेटवर्क से जुड़े हुए हैं। जांच में एक अंतरराष्ट्रीय कड़ी भी सामने आई है। विदेश में बैठे आरोपी दाऊद की संपत्ति कुर्क की जा चुकी है और उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई जारी है।
रिमांड पर होगी पूछताछ
पुलिस अब सभी आरोपियों को रिमांड पर लेकर गहन पूछताछ करेगी, ताकि गिरोह के अन्य सदस्यों और फंडिंग नेटवर्क का खुलासा किया जा सके। अधिकारियों का कहना है कि इस पूरे नेटवर्क को जड़ से खत्म करने के लिए अभियान और तेज किया जाएगा।