धर्म, भक्ति और ब्रज संस्कृति के संदेश से सराबोर हुए श्रद्धालु, भागवत कथा से लेकर मनोरथ उत्सवों में दिखा कृष्णमय वातावरण

आगरा। शहर के विभिन्न धार्मिक स्थलों पर चल रहे श्रीमद्भागवत कथा महोत्सव और पुरुषोत्तम मास के मनोरथ उत्सवों में श्रद्धा, भक्ति और आध्यात्मिक चेतना का अद्भुत संगम देखने को मिला। कहीं कथा व्यासों ने धर्म, विश्वास और जीवन मूल्यों का संदेश दिया तो कहीं ठाकुरजी के विशेष श्रृंगार, गोचारण लीला, फलवन मनोरथ और जलेबी उत्सव ने श्रद्धालुओं को भक्ति रस में सराबोर कर दिया।

Jun 5, 2026 - 21:51
 0
धर्म, भक्ति और ब्रज संस्कृति के संदेश से सराबोर हुए श्रद्धालु, भागवत कथा से लेकर मनोरथ उत्सवों में दिखा कृष्णमय वातावरण

धर्म से दूरी ही क्रोध का कारण, भौतिकता बढ़ा रही सामाजिक दूरियां : रामप्रपन्नाचार्य महाराज

पंचेश्वर महादेव मंदिर, कालिंदीपुरम कॉलोनी में चल रहे श्रीमद्भागवत कथा महोत्सव के पंचम दिवस पर कथा व्यास अनंत श्री विभूषित स्वामी श्री रामप्रपन्नाचार्य जी महाराज ने भगवान श्रीकृष्ण की बाल लीलाओं, गोवर्धन पूजा और छप्पन भोग प्रसंग का भावपूर्ण वर्णन किया। उन्होंने कहा कि धर्म से दूर होने पर ही मनुष्य के भीतर क्रोध जन्म लेता है। धर्म व्यक्ति को संयम, धैर्य और क्षमा का संस्कार देता है। उन्होंने वर्तमान समय में बढ़ती भौतिकता पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि इससे रिश्तों में दूरियां बढ़ रही हैं और आत्मीयता कम होती जा रही है।

कथा के दौरान बालकृष्ण की माखन चोरी, ग्वाल-बालों संग क्रीड़ा और यशोदा मैया के वात्सल्य का वर्णन किया गया। गोवर्धन पूजा प्रसंग में प्रकृति संरक्षण, गौसेवा और पर्यावरण के महत्व पर प्रकाश डाला गया। इस अवसर पर गोवर्धन पूजा एवं छप्पन भोग की भव्य झांकी सजाई गई। मुख्य यजमान मनीष अग्रवाल रावी, शिवानी अग्रवाल, विजय अग्रवाल, नीता अग्रवाल, पंकज अग्रवाल, नीलू अग्रवाल, सरोज बाला अग्रवाल सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे।

प्रभु पर विश्वास ही भक्ति का आधार, कृष्ण-रुक्मिणी विवाह प्रसंग पर झूमे श्रद्धालु

बल्केश्वर पार्क में श्रीमद भागवत कथा का श्रवण कराते इंद्रेश महाराज।  

बल्केश्वर पार्क में बल्केश्वर महादेव भक्त मंडल द्वारा आयोजित श्रीमद्भागवत कथा के छठवें दिवस पर विख्यात कथा व्यास आचार्य इंद्रेश उपाध्याय ने कहा कि प्रभु पर अविश्वास करने से भक्ति का नाश होता है। उन्होंने कहा कि विपरीत परिस्थितियों में भी ईश्वर पर अटूट विश्वास बनाए रखना चाहिए।

कथा में श्रीकृष्ण और रुक्मिणी विवाह का रोचक प्रसंग सुनाया गया, जिस पर श्रद्धालु भावविभोर होकर झूम उठे। गोवर्धन लीला का वर्णन करते हुए उन्होंने संत सेवा, यमुना संरक्षण और समाजसेवा की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने रस और रास का अंतर समझाते हुए कहा कि मंदिर जाना रस है और जब ठाकुरजी स्वयं भक्त के जीवन में उतर आते हैं तो वह रास है। कथा के दौरान उन्होंने नाई की मंडी स्थित प्रेमनिधि मंदिर को "आगरा के गुप्त बांके बिहारी" की संज्ञा भी दी। कार्यक्रम में महंत कपिल नागर, हरीश अग्रवाल, तरुणा अग्रवाल, नीतेश चेन्स, आदर्श नंदन गुप्त, ऋषि अग्रवाल, बीडी अग्रवाल, टैटू गोयल, सुरेंद्र अग्रवाल, मुकुंद सिंघल और अन्य श्रद्धालु मौजूद रहे।

फलवन मनोरथ में रसीले फलों से सजा ठाकुरजी का दिव्य दरबार, इंद्रेश महाराज दर्शन को पहुंचे

श्रीटाकुर मधुराशीश जी महाराज मंदिर में फलवन मनोरथ के मौके पर दर्शन करते कथावाचक इंद्रेश महाराज।

पुरुषोत्तम मास के अवसर पर शहर के प्राचीन पुष्टिमार्गीय श्रीठाकुर मथुराधीश जी महाराज मंदिर में शुक्रवार को भव्य फलवन मनोरथ उत्सव आयोजित किया गया। मंदिर परिसर को रंग-बिरंगे पुष्पों, मौसमी फलों और आकर्षक सजावट से अलंकृत किया गया।

ठाकुरजी का श्रृंगार आम, सेब, अनार, लीची, केला, नारियल और अन्य फलों से किया गया। वैदिक मंत्रोच्चार, कीर्तन और भजन संध्या के बीच श्रद्धालुओं ने ठाकुरजी के दिव्य स्वरूप के दर्शन किए। सेवायतों ने पुरुषोत्तम मास की महिमा का वर्णन करते हुए भक्ति और सेवा का संदेश दिया। इस अवसर पर सतीश शाह, निलेश शाह, भावेश शाह, जिग्नेश शाह, देवेश शाह, अंकित शाह, सरला शाह, भारती शाह, उषा शाह, रीटा शाह, विधायक पुरुषोत्तम खंडेलवाल, के.एल. दीक्षित, अलौकिक शर्मा और संतु गोस्वामी सहित अनेक श्रद्धालु उपस्थित रहे।

प्रेमनिधि मंदिर में गोचारण लीला और जलेबी उत्सव ने बांधा समां

नाई की मंडी स्थित श्री प्रेमनिधि मंदिर में पुरुषोत्तम मास मनोरथ उत्सव के अंतर्गत गोपाष्टमी उत्सव एवं जलेबी मनोरथ श्रद्धा और उल्लास के साथ मनाया गया। गोपाष्टमी पर ठाकुर श्री श्याम बिहारी जी महाराज को ग्वाल-बाल स्वरूप में सजाकर प्रथम गोचारण लीला का भाव प्रस्तुत किया गया। प्रभु के हाथ में छड़ी, कमर में बांसुरी और कंधे पर काला कंबल धारण कराया गया।

मंदिर में "प्रथम गोचरन चले कन्हाई" जैसे पुष्टिमार्गीय पदों का सुमधुर गायन हुआ और श्रद्धालु ब्रजभाव में डूब गए। वहीं गुसाईंजी जयंती के अवसर पर आयोजित जलेबी उत्सव में ठाकुरजी को जलेबी का विशेष भोग अर्पित किया गया। मंदिर को आकर्षक ढंग से सजाया गया और महाआरती के बाद प्रसाद वितरित किया गया। मुख्य सेवाधारी हरिमोहन गोस्वामी ने बताया कि यह उत्सव पुष्टिमार्ग की समृद्ध परंपराओं का प्रतीक है। कार्यक्रम में सुनीत गोस्वामी, दिनेश पचौरी, राजीव गुप्ता, संजीव गुप्ता, सुरेश चंद गोयल, मनीष गोयल, मोहित अग्रवाल, दिनेश अग्रवाल और सरदार सिंह धाकड़ सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे।

SP_Singh AURGURU Editor