धर्मेंद्र को मरणोपरांत पद्म विभूषण, दिवंगत सतीश शाह को पद्मश्री, अलका याग्निक, ममूटी, माधवन को भी पद्म अवॉर्ड

भारत सरकार ने पद्म पुरस्कारों का ऐलान कर दिया है। इस लिस्ट में धर्मेंद्र का नाम भी शामिल है, जिन्हें मरणोपरांत पद्म विभूषण से नवाजा जाएगा। इससे पहले साल 2012 में उन्हें पद्म भूषण से नवाजा जा चुका है। उन्होंने 24 नवंबर 2025 को आखिरी सांस ली थी।

Jan 25, 2026 - 20:14
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धर्मेंद्र को मरणोपरांत पद्म विभूषण, दिवंगत सतीश शाह को पद्मश्री, अलका याग्निक, ममूटी, माधवन को भी पद्म अवॉर्ड


नई दिल्ली। भारत सरकार ने रविवार को साल 2026 के पद्म पुरस्कारों का ऐलान कर दिया है। इसमें पद्म विभूषण, पद्म भूषण और पद्म श्री की कैटेगरी के तहत 131 नागरिक सम्मानों को मंजूरी दी गई। इस लिस्ट में कला, सिनेमा, साहित्य और खेल के अलावा अन्य जगत से जुड़ी हस्तियां शामिल हैं। बॉलीवुड के दिग्गज एक्टर धर्मेंद्र को मरणोपरांत पद्म विभूषण देने का ऐलान किया गया है। उन्होंने 24 नवंबर 2025 को आखिरी सांस ली थी। वो 89 साल के थे। 14 साल पहले साल 2012 में भारत सरकार ने 'ही-मैन' को पद्म भूषण से नवाजा था। लिस्ट में दिवंगत एक्टर सतीश शाह का भी नाम है। इनके अलावा आर माधवन, साउथ एक्टर ममूटी और सिंगर अलका याग्निक को भी पद्म पुरस्कार देने का ऐलान किया गया है। 

पद्म पुरस्कार भारत के राष्ट्रपति द्वारा दिए जाते हैं, जो हर साल मार्च और अप्रैल के आसपास राष्ट्रपति भवन में होते हैं। साल 2026 के लिए 131 पद्म पुरस्कार देने की मंजूरी दी है, जिसमें दो डुओ केस (एक डुओ केस में, अवॉर्ड को एक गिना जाता है) शामिल है। इस लिस्ट में 5 पद्म विभूषण, 13 पद्म भूषण और 113 पद्म श्री पुरस्कार शामिल हैं। अवॉर्ड पाने वालों में से 19 महिलाएं हैं और लिस्ट में विदेशियों/NRI/PIO/OCI कैटेगरी के 6 लोग और 16 मरणोपरांत अवॉर्ड पाने वाले भी शामिल हैं।

साल 1960 में 'दिल भी तेरा हम भी तेरे' फिल्म से एक्टिंग की दुनिया में कदम रखने वाले धर्मेंद्र ने अपने करियर में 300 से ज्यादा फिल्मों में काम किया। उन्हें 1966 में 'फूल और पत्थर' फिल्म से पहचान मिली थी। फिर 'अनुपमा' में सराहा गया। उनकी हिट फिल्मों में 'सीता और गीता', 'शोले', 'यादों की बारात', 'चुपके चुपके' और 'द बर्निंग ट्रेन' शामिल है। सिनेमा में उनके योगदान को देखते हुए भारत सरकार ने साल 2012 में उन्हें पद्म भूषण से नवाजा था।

अल्का याग्निक को 90 के दशक में 'मेलोडी क्वीन' के रूप में जाना जाता था। उन्होंने 6 साल की उम्र से ही भजन गाना शुरू कर दिया था। उनका पहला फिल्मी गाना 'पायल की झनकार' 1979 में आया था। वो 700 से ज्यादा भारतीय फिल्मों के लिए गाने गा चुकी हैं।

ममूटी मलयालम सिनेमा के फेमस एक्टर हैं। उन्होंने तमिल, तेलुगू, हिंदी और कन्नड़ फिल्मों में भी काम किया है। वो 400 से ज्यादा फिल्मों में काम कर चुके हैं।

अरविंद हिंदी टीवी और फिल्म एक्टर हैं। उन्हें पद्मश्री मिला है। वह 33 साल से सिनेमा में सक्रिय हैं। बतौर डायरेक्टर 200 से ज्यादा प्ले कर चुके हैं।

गड्डे राजेंद्र प्रसाद तेलुगू सिनेमा का बड़ा नाम हैं। उन्हें उनकी कॉमेडी के लिए भी जाना जाता है। उन्हें 'किंग ऑफ कॉमेडी' भी कहा जाता है। वे अब तक 200 से ज्यादा फिल्मों में काम कर चुके हैं।
आर माधवन- आर्ट- महाराष्ट्र

सतीश शाह एक्टर थे। वो अपनी कॉमिक टाइमिंग की वजह से जाने गए। उन्होंने FTII से एक्टिंग में पढ़ाई की थी। 1976 से 2025 तक 250 से ज्यादा फिल्मों और टीवी शोज में नजर आए। 25 अक्तूबर 2025 को 74 साल की उम्र में उनका निधन हो गया था।