आगरा के पालीवाल पार्क में पर्यावरण प्रेमियों ने अंकोल के बीज एकत्रित किये, स्वाभाविक उगे पौधों के संरक्षण का संकल्प
आगरा। विश्व पर्यावरण दिवस की पूर्व संध्या पर पालीवाल पार्क में प्रकृति संरक्षण और हरियाली बढ़ाने का संदेश गूंजा। प्रातः भ्रमणकर्ताओं ने प्राकृतिक रूप से उपलब्ध बीजों और स्वाभाविक रूप से उगने वाले पौधों को बचाने तथा उनसे अधिकाधिक वृक्ष विकसित करने का संकल्प लिया। इस दौरान दुर्लभ अंकोल वृक्ष के बीज एकत्रित किए गए और उन्हें अंकुरित कर पौध तैयार करने, रोपित करने तथा बड़े होने तक देखभाल करने का निर्णय लिया गया।
विश्व पर्यावरण दिवस से एक दिन पहले पालीवाल पार्क में आयोजित जागरूकता कार्यक्रम में प्रातः भ्रमणकर्ताओं ने पर्यावरण संरक्षण को जन-आंदोलन बनाने की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने कहा कि प्रकृति हर वर्ष करोड़ों बीज निःशुल्क उपलब्ध कराती है, लेकिन जागरूकता के अभाव में उनका समुचित उपयोग नहीं हो पाता। यदि इन बीजों और स्वाभाविक रूप से उगने वाले पौधों का संरक्षण किया जाए तो बिना किसी बड़े खर्च के हरियाली का दायरा तेजी से बढ़ाया जा सकता है।
इस अवसर पर पार्क में मौजूद दुर्लभ वृक्ष अंकोल (अलांगियम साल्वीफोलियम) के बीज एकत्रित किए गए। उपस्थित लोगों ने निर्णय लिया कि इन बीजों को अंकुरित कर नए पौधे तैयार किए जाएंगे और उनके संरक्षण की जिम्मेदारी भी स्वयं निभाई जाएगी।
कार्यक्रम के दौरान यह भी चर्चा की गई कि अक्सर बड़े वृक्षों के नीचे स्वाभाविक रूप से उगने वाले छोटे पौधों को खरपतवार समझकर नष्ट कर दिया जाता है। जबकि यही पौधे भविष्य में विशाल वृक्ष बन सकते हैं। ऐसे पौधों को सुरक्षित स्थानों पर प्रतिरोपित कर उनका संरक्षण किया जाना चाहिए।
प्रातः भ्रमणकर्ताओं ने विशेष रूप से पीपल, गूलर, पाखड़ और बरगद जैसे देशी वृक्षों के स्वाभाविक रूप से उगे पौधों को बचाने और विकसित करने पर जोर दिया। उनका कहना था कि देशी प्रजातियों के वृक्ष पर्यावरण संतुलन बनाए रखने के साथ-साथ पक्षियों और अन्य जीवों के लिए भी बेहतर आवास उपलब्ध कराते हैं।
वक्ताओं ने कहा कि यदि प्रत्येक नागरिक अपने घर, मोहल्ले, पार्क अथवा आसपास के क्षेत्रों में उपलब्ध बीजों और प्राकृतिक रूप से उगे पौधों को बचाने का संकल्प ले ले, तो लाखों नए वृक्ष तैयार किए जा सकते हैं। हरियाली बढ़ाने के लिए प्रकृति द्वारा दिए गए बीज और पौधे सबसे मूल्यवान तथा निःशुल्क संसाधन हैं।
इस अवसर पर पर्यावरण प्रेमी के.सी. जैन, किशोर जैन, अनिल अग्रवाल सहित अन्य प्रातः भ्रमणकर्ताओं ने बीज संग्रह, पौध संवर्धन और वृक्ष संरक्षण अभियान में सक्रिय भागीदारी का संकल्प लिया। सभी ने अधिक से अधिक लोगों को इस अभियान से जोड़ने का आह्वान भी किया।
कार्यक्रम के अंत में उपस्थित सदस्यों ने एक बीज – एक वृक्ष – एक हरित भविष्य का संदेश देते हुए पर्यावरण संरक्षण को जन-जन का अभियान बनाने का संकल्प दोहराया।