खेत बना फायरिंग का मैदान, पूर्व सैनिक की जमीन पर दिनदहाड़े गोलियां बरसीं, ट्रैक्टर को बनाया निशाना
आगरा के खेरागढ़ क्षेत्र स्थित भिलावली गांव में जमीनी विवाद ने हिंसक रूप ले लिया। पूर्व सैनिक की जमीन पर चल रही जुताई और तारबंदी के दौरान कथित दबंगों ने ताबड़तोड़ फायरिंग कर दी। गोलियां ट्रैक्टर के बोनट और टायर में लगीं, जिससे मौके पर मौजूद लोगों में भगदड़ मच गई। पुलिस ने मामला दर्ज कर आरोपियों की तलाश शुरू कर दी है।
जमीन के विवाद में चली गोलियां, बाल-बाल बची कई जिंदगियां
आगरा। आगरा के खेरागढ़ थाना क्षेत्र के भिलावली गांव में रविवार को उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब जमीनी विवाद को लेकर खेत पर अचानक फायरिंग शुरू हो गई। खेत में जुताई और तारबंदी का काम चल रहा था। इसी दौरान कथित तौर पर पहुंचे दबंगों ने हथियार निकालकर गोलियां चलानी शुरू कर दीं। घटना इतनी अचानक हुई कि खेत में काम कर रहे मजदूरों और ट्रैक्टर चालक को जान बचाने के लिए इधर-उधर भागना पड़ा। फायरिंग में चली गोलियां ट्रैक्टर के बोनट और टायर में जा धंसीं। गनीमत रही कि कोई व्यक्ति गोली की चपेट में नहीं आया, अन्यथा बड़ा हादसा हो सकता था।
रामबाग निवासी भूतपूर्व सैनिक विशंभर सिंह ने बताया कि उन्होंने वर्ष 2013 में भिलावली गांव में करीब 5.5 बीघा जमीन का अधिकांश हिस्सा विभिन्न किसानों से खरीदा था। बाद में वर्ष 2021 में शेष हिस्सा भी खरीद लिया, जिसके बाद पूरी जमीन उनके स्वामित्व में आ गई।
विशंभर सिंह के अनुसार, जमीन के पूर्व मालिक पक्ष की सहमति से जगन्नाथ नामक व्यक्ति खेती करता रहा। लेकिन हाल ही में उन्होंने यह जमीन खेती के लिए कुल्हाड़ा निवासी रामवीर सिंह को दे दी। इसी बात को लेकर विवाद शुरू हो गया और तनाव बढ़ता चला गया।
तारबंदी और जुताई के दौरान हुआ हमला
पूर्व सैनिक का आरोप है कि खेत में जानवरों से फसल की सुरक्षा के लिए तारबंदी कराई जा रही थी। साथ ही ट्रैक्टर से जुताई भी चल रही थी। इसी दौरान जगन्नाथ के पुत्र संदीप उर्फ ससिया और भोले वहां पहुंचे और काम बंद करने का दबाव बनाने लगे। जब उनकी बात नहीं मानी गई तो उन्होंने कथित रूप से फायरिंग शुरू कर दी। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, गोलियों की आवाज से पूरे इलाके में दहशत फैल गई। एक गोली ट्रैक्टर के बोनट में लगी, जबकि दूसरी ने टायर को क्षतिग्रस्त कर दिया।
घटना के बाद गांव में मचा हड़कंप
दिनदहाड़े हुई फायरिंग की सूचना मिलते ही आसपास के ग्रामीण मौके की ओर दौड़ पड़े। हालांकि तब तक आरोपी घटनास्थल से फरार हो चुके थे। ग्रामीणों ने तत्काल डायल-112 पर सूचना दी, जिसके बाद पुलिस टीम मौके पर पहुंची और घटनास्थल का निरीक्षण किया।
फायरिंग की घटना के बाद गांव में कुछ समय के लिए तनाव का माहौल बना रहा। हालांकि पुलिस की मौजूदगी के बाद स्थिति सामान्य हो गई।
पुलिस ने दर्ज किया मुकदमा, तलाश जारी
सूचना मिलने पर थाना प्रभारी हरीश कुमार पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। शुरुआती जांच में दो राउंड फायरिंग होने की पुष्टि हुई है। पुलिस ने घटनास्थल से साक्ष्य जुटाए और पीड़ित पक्ष की शिकायत के आधार पर मुकदमा दर्ज कर लिया। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए विशेष टीमों का गठन किया गया है और संभावित ठिकानों पर दबिश दी जा रही है। जल्द ही आरोपियों को गिरफ्तार कर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
पूर्व सैनिक ने लगाए लापरवाही के आरोप
विशंभर सिंह ने पुलिस कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए दावा किया कि इससे पहले मार्च 2025 में भी इसी पक्ष द्वारा उनके मजदूरों पर फायरिंग की गई थी। उनका आरोप है कि उस समय प्रभावी कार्रवाई नहीं होने के कारण आरोपियों के हौसले बढ़ गए और उन्होंने दोबारा ऐसी वारदात को अंजाम दिया। उन्होंने प्रशासन से आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई और अपनी जमीन की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की है।
ग्रामीण क्षेत्रों में बढ़ते जमीनी विवाद बने चिंता का विषय
यह घटना एक बार फिर ग्रामीण इलाकों में जमीन को लेकर बढ़ रहे विवादों और उनसे जुड़ी हिंसक घटनाओं की ओर इशारा करती है। मामूली विवादों का हथियारों तक पहुंच जाना कानून-व्यवस्था के लिए गंभीर चुनौती बनता जा रहा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि ऐसे मामलों में समय रहते सख्त कार्रवाई जरूरी है, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं को रोका जा सके।