गुरु पूर्णिमा पर आगरा में श्रद्धा का महासंगम, गायत्री शक्तिपीठ, श्रीगोपालजी धाम और मानव आश्रम में गुरु पूजन
आगरा। गुरु पूर्णिमा के पावन अवसर पर आगरा के विभिन्न धार्मिक एवं आध्यात्मिक केंद्रों में श्रद्धा और भक्ति का संगम देखने को मिला। बालाजी नगर स्थित गायत्री शक्तिपीठ में दो दिवसीय गुरु पूर्णिमा महोत्सव के दौरान पंचकुंडीय महायज्ञ, अखंड गायत्री मंत्र जाप और दीक्षा कार्यक्रम आयोजित हुए, वहीं दयालबाग के श्रीगोपालजी धाम में गुरु पूजन एवं संगीतमय सुंदरकांड का आयोजन हुआ। ककुआ स्थित मानव आश्रम में गुरु दर्शन, पादुका पूजन, कीर्तन, दीक्षा एवं भंडारे में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने भाग लेकर गुरु परंपरा के प्रति अपनी आस्था व्यक्त की।
गायत्री शक्तिपीठ में पंचकुंडीय महायज्ञ, अखंड मंत्र जाप और महाप्रसादी
बालाजी नगर, कमला नगर स्थित गायत्री शक्तिपीठ में दो दिवसीय गुरु पूर्णिमा महोत्सव श्रद्धा एवं आध्यात्मिक वातावरण के बीच संपन्न हुआ। कार्यक्रम के पहले दिन मंगलवार को अखंड गायत्री मंत्र जाप आयोजित किया गया, जिसमें पूरे दिन सैकड़ों श्रद्धालुओं ने बारी-बारी से गायत्री मंत्र का जाप किया। मंत्रोच्चार से पूरा शक्तिपीठ भक्तिमय वातावरण से सराबोर रहा।
बुधवार को आयोजित पंचकुंडीय गायत्री महायज्ञ में एक पारी में 50 से अधिक श्रद्धालुओं ने वैदिक मंत्रोच्चार के बीच गायत्री मंत्र के साथ आहुतियां अर्पित कीं। यज्ञ के दौरान विभिन्न संस्कार एवं दीक्षा कार्यक्रम भी संपन्न कराए गए। आयोजन में लगभग 500 श्रद्धालुओं ने सहभागिता कर पुण्य लाभ प्राप्त किया।
गायत्री परिवार के कैलाश चंद वर्मा ने भारतीय संस्कृति में गुरु की महिमा पर प्रकाश डाला। कार्यक्रम के समापन पर श्रद्धालुओं ने महाप्रसादी ग्रहण की।
गुरु ज्ञान के बिना जीवन अधूरा, देवनागरी साहित्यिक संस्था ने मनाया कंठोष्ठ्य पावस उत्सव

गुरु पूर्णिमा पर देवनागरी संस्था द्वारा आयोजित कार्यक्रम में मौजूद अतिथिगण।
आगरा। देवनागरी साहित्यिक एवं सांस्कृतिक संस्था, आगरा के तत्वावधान में गुरु व्यास पूर्णिमा के अवसर पर "हृदयंगम्-103" के रसानंद में कंठोष्ठ्य पावस उत्सव का आयोजन खंदारी में गरिमामयी वातावरण में संपन्न हुआ। कार्यक्रम का शुभारंभ मां शारदे की वंदना और दीप प्रज्ज्वलन के साथ हुआ।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि ब्रज बिहारी लाल 'बिरजू' ने कहा कि गुरु ज्ञान के बिना मानव जीवन की सार्थकता अधूरी है। कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे संस्कार भारती आगरा ब्रज प्रांत के महामंत्री नंदनंदन गर्ग ने कहा कि भारतीय संस्कृति में माता-पिता को आत्मा और गुरु को परमात्मा का स्थान दिया गया है।
कार्यक्रम के मुख्य वक्ता वरिष्ठ कवि डॉ. राजेंद्र मिलन को संस्था की ओर से हिंदी साहित्य पुरोधा की उपाधि से सम्मानित किया गया। आमंत्रित अतिथियों और कवि-कवयित्रियों का स्वागत कार्यक्रम संयोजक श्रीकृष्ण जी ने किया।
कार्यक्रम का संचालन संस्था अध्यक्ष कवि डॉ. यशोयश ने किया। कार्यक्रम समन्वयक इंदल सिंह 'इंदु' ने सभी का आभार व्यक्त किया।
कंठोष्ठ्य पावस उत्सव में डॉ. यशोयश, डॉ. राजेंद्र मिलन, डॉ. ब्रज बिहारी लाल 'बिरजू', रामेंद्र कुमार शर्मा, प्रभुदत्त उपाध्याय, प्रकाश गुप्ता 'बेबाक', रूपेश कुलश्रेष्ठ, बाल कवयित्री ह्युमिता धनगर, बाल कवि युवांश धनगर, आचार्य उमाशंकर पाराशर, अशोक गोयल, नंदनंदन गर्ग, राम अवतार शर्मा, अतुल दुबे, इंदल सिंह 'इंदु' और संजय कुमार एडवोकेट ने काव्य पाठ कर गुरु वेद व्यास को नमन किया।
श्रीगोपालजी धाम में हुआ गुरु पूजन और संगीतमय सुंदरकांड
दयालबाग स्थित श्रीगोपालजी धाम में गुरु पूर्णिमा पर जगद्गुरु शंकराचार्य ब्रह्मलीन द्विपीठाधीश्वर स्वामी स्वरूपानंद सरस्वती एवं वर्तमान ज्योतिर्मठ पीठाधीश्वर स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती की पादुका का पूजन किया गया।
गुरुदीपिका योगक्षेम फाउंडेशन द्वारा आयोजित कार्यक्रम में प्रवचनकर्ता डॉ. दीपिका उपाध्याय ने गुरु महिमा एवं गुरु दीक्षा के महत्व पर प्रकाश डाला। इसके बाद संगीतमय सुंदरकांड का आयोजन हुआ, जिसमें श्रद्धालुओं ने सामूहिक सस्वर पाठ किया। वरदान उपाध्याय के संगीत संयोजन ने पूरे वातावरण को भक्तिमय बना दिया। इस अवसर पर आर.के. मेहता, वीरकिशोर गुप्ता, बहोरन लाल गौतम, अनुज गुप्ता, डॉ. राजीव शर्मा, पवित्रा गौतम, विनीता, गुंजन, दिव्या, सरिता, नीलम, वीना कालरा, सारिका एवं कांता शर्मा सहित अनेक श्रद्धालु उपस्थित रहे।
मानव आश्रम में पादुका पूजन, कीर्तन और 100 श्रद्धालुओं ने ली दीक्षा
ककुआ स्थित मानव आश्रम में बजरंग कल्याण मिशन के तत्वावधान में गुरु पूर्णिमा पर गुरु दर्शन, पादुका पूजन, सत्संग, कीर्तन, दीक्षा एवं भंडारे का आयोजन किया गया।
श्रद्धालुओं ने गुरु श्री महावीर जी के सान्निध्य में गुरु दर्शन कर पादुका पूजन किया और गुरु आशीर्वचन प्राप्त किए। इसके बाद शक्तिपात कार्यक्रम आयोजित हुआ, जिसमें लगभग 100 श्रद्धालुओं ने दीक्षा ग्रहण की। पादुका पूजन का शुभारंभ रवि रावत एवं शिल्पा रावत ने किया। इस अवसर पर भोजराज सिंह, बाबा कालीचरण दास, हरिओम सिंह, विष्णु तोमर, नरेंद्र सिंह, सोमवती, सत्तो देवी एवं उर्मिला आदि उपस्थित रहे।