ईरान ने कहा,  अमेरिका के साथ कोई सीधी वार्ता नहीं,  वाशिंगटन मध्यस्थों के जरिए रख रहा अनुचित मांग,  पाक को भी ईरान ने दिखाया आईना 

ईरानी विदेश मंत्रालय ने कहा है कि अमेरिका के साथ कोई सीधी बातचीत नहीं हुई है। तेहरान ने वाशिंगटन पर मध्यस्थों के जरिए अनुचित मांग रखने का आरोप लगाया।

Mar 30, 2026 - 20:58
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ईरान ने कहा,  अमेरिका के साथ कोई सीधी वार्ता नहीं,  वाशिंगटन मध्यस्थों के जरिए रख रहा अनुचित मांग,  पाक को भी ईरान ने दिखाया आईना 


तेहरान। मिडिल ईस्ट जंग को लेकर पाकिस्तान बार-बार मध्यस्थता में अहम भूमिका निभाने का दावा कर दुनियाभर में वाहवाही बटोर रहा है। इस बीच ईरान ने इस बात से इनकार किया है कि वह पाकिस्तान की मध्यस्थता प्रयासों में शामिल है। तेहरान ने कहा कि उसने बातचीत की किसी भी राजनयिक पहल में भाग नहीं लिया है।

मुंबई स्थित ईरान के वाणिज्य दूतावास की ओर से जारी एक बयान में, तेहरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने कहा कि अमेरिका के साथ कोई सीधी बातचीत नहीं हुई है। तेहरान ने वाशिंगटन पर मध्यस्थों के जरिए अनुचित मांग रखने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान के डिप्लोमेटिक फोरम उनके अपने हैं। साथ ही स्पष्ट किया कि ईरान ने इसमें भाग नहीं लिया। तेहरान की ओर से ये बयान ऐसे समय में आया हैं जब पाकिस्तान ईरान, अमेरिका और इजरायल के बीच बढ़ते संघर्ष में संभावित मध्यस्थ के रूप में अपनी भूमिका निभा रहा है। 

पाकिस्तान ने अपनी जमीन पर वार्ता आयोजित करने की घोषणा की थी, लेकिन ईरान या अमेरिका दोनों में से किसी ने भी इसकी औपचारिक पुष्टि नहीं की है। ईरान की प्रतिक्रिया से पाकिस्तान के दावे पर सवाल उठने लगे हैं, जबकि क्षेत्रीय स्तर पर तनाव कम करने की मांगें और भी तेज होती जा रही है। मिडिल ईस्ट में सैन्य कार्रवाई में तेजी आने के बीच कूटनीतिक उथल-पुथल मची हुई है। अमेरिका और इजरायल मिलकर ईरानी ठिकानों पर हमले जारी रखे हुए है, जबकि तेहरान इसके जवाब में खाड़ी देशों पर हमले कर रहा है।

पाकिस्तान के विदेश मंत्री इशाक डार ने रविवार (30 मार्च 2026) को कहा कि सऊदी अरब, मिस्र और तुर्किए के विदेश मंत्रियों के साथ बैठक के बाद इस्लमाबाद अमेरिका और ईरान के बीच वार्ता आयोजित करेगा। उन्होंने कहा, ‘हम इस बात पर सहमत हुए कि यह युद्ध किसी के हित में नहीं है और इससे केवल मृत्यु और विनाश ही होगा। इन चुनौतीपूर्ण समय में मुस्लिम समुदाय की एकता बहुत जरूरी है।' अब ईरान के बयान ने पाकिस्तान के इन दावे की हवा निकाल दिया।