जाट एकता एसोसिएशन ने उठाया सिकंदरा मेट्रो स्टेशन का नाम बदलने का मुद्दा, चिकित्सक दंपतियों का किया सम्मान

आगरा के मारुति एस्टेट स्थित "राना सदन" में अखिल भारतीय जाट एकता एसोसिएशन की मासिक बैठक उत्साहपूर्ण माहौल में संपन्न हुई। बैठक में सिकंदरा मेट्रो स्टेशन का नाम "रामकी राजाराम मेट्रो स्टेशन" रखने की मांग प्रमुखता से उठाई गई। साथ ही समाजसेवा और चिकित्सा क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान देने वाले दो चिकित्सक दंपतियों को "जाट सारथी" सम्मान से नवाजा गया। कार्यक्रम में वृक्षारोपण, सदस्यता अभियान और सामाजिक एकता पर भी जोर दिया गया।

Aug 1, 2026 - 20:18
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जाट एकता एसोसिएशन ने उठाया  सिकंदरा मेट्रो स्टेशन का नाम बदलने का मुद्दा, चिकित्सक दंपतियों का किया सम्मान
समाज के चिकित्सकों को सम्मानित करते जाट एकता एसोसिएशन के सदस्य।

आगरा। आगरा के मारुति एस्टेट स्थित "राना सदन" में अखिल भारतीय जाट एकता एसोसिएशन की मासिक बैठक में समाजहित से जुड़े कई महत्वपूर्ण प्रस्तावों पर चर्चा हुई, जिनमें सबसे प्रमुख सिकंदरा मेट्रो स्टेशन का नाम "रामकी राजाराम मेट्रो स्टेशन" रखने की मांग रही। इसके अलावा चिकित्सा क्षेत्र में उल्लेखनीय सेवाएं देने वाले दो प्रतिष्ठित चिकित्सक दंपतियों का सम्मान, वृक्षारोपण अभियान और संगठन की सदस्यता बढ़ाने जैसे विषयों पर भी विस्तार से विचार-विमर्श किया गया।

कार्यक्रम की अध्यक्षता एसोसिएशन के राष्ट्रीय संरक्षक कृपालु किंकर महाराज ने की, जबकि संचालन जिला शिक्षा अध्यक्ष एवं प्रताप पब्लिक स्कूल, सिकंदरा के संचालक यतेन्द्र सोलंकी ने किया। कार्यक्रम के निर्देशक एवं कार्यकारी अध्यक्ष विपिन चौधरी रहे। बैठक में मुख्य अतिथि के रूप में जाट समाज पत्रिका के संपादक एवं जाट इतिहास के शोधकर्ता राजेन्द्र फौजदार उपस्थित रहे। विशिष्ट अतिथियों में उदयवीर सिंह चाहर (बी.ओ. साहब) तथा प्रहलाद सिंह चाहर शामिल रहे। कार्यक्रम का आयोजन एन.के. राना, बंटी राना एवं देवेन्द्र राना ने किया।

चिकित्सक दंपतियों का हुआ सम्मान

बैठक के दौरान चिकित्सा क्षेत्र में उत्कृष्ट सेवाओं के लिए दो प्रतिष्ठित चिकित्सक दंपतियों को "जाट सारथी" की मानद उपाधि से सम्मानित किया गया। सम्मानित होने वालों में दंत चिकित्सक डॉ. संदीप फौजदार एवं डॉ. सुरभि फौजदार, तथा न्यूरो सर्जन डॉ. विजयवीर सिंह एवं डॉ. शुभांगी सिंह शामिल रहे। सम्मान स्वरूप उन्हें स्मृति चिह्न (मोमेंटो), संगठन की प्रपत्र फाइल तथा "जाट समाज" पत्रिका भेंट की गई। सम्मानित चिकित्सक दंपतियों ने संगठन के प्रति अपनी आस्था व्यक्त करते हुए समाजसेवा के लिए निरंतर कार्य करने का संकल्प भी लिया।

इतिहास और समाज पर हुआ मंथन

मुख्य अतिथि राजेन्द्र फौजदार ने अपने शोधपरक संबोधन में जाट शासकों के गौरवशाली इतिहास पर प्रकाश डालते हुए विशेष रूप से महाराजा जवाहर सिंह के योगदान का उल्लेख किया। उन्होंने ऐतिहासिक तथ्यों के आधार पर समाज को अपनी विरासत से जुड़ने का संदेश दिया। वहीं प्रधान जयवीर सिंह आर्य ने अपने संबोधन में जाट समाज की संस्कृति, परंपरा और "जाटत्व" की अवधारणा पर विस्तार से विचार रखे।

वृक्षारोपण और सदस्यता अभियान पर जोर

विशिष्ट अतिथि उदयवीर सिंह चाहर ने पर्यावरण संरक्षण को समय की आवश्यकता बताते हुए अधिक से अधिक वृक्षारोपण करने की अपील की। बैठक में संगठन के सदस्यता अभियान को और अधिक व्यापक बनाने पर भी सहमति बनी ताकि समाज के अधिक से अधिक लोगों को संगठन से जोड़ा जा सके।

कई गणमान्य लोग रहे मौजूद

बैठक में अशोक चौधरी, अजीत सिंह मालान, जयवीर सिंह प्रधान, ख्यालीराम, प्रेम सिंह चाहर, राजबीर सिंह प्रमुख, वीरेन्द्र इन्दोलिया, ओमवीर सिंह, रवि चौधरी, नरेन्द्र सिंह वर्मा, लाखन सिंह उन्देरा, राम विजय सिंह, मनिन्दर सिंह, रामबीर सिंह, पवन कुमार, उदयवीर सिंह परिहार, भरत चाहर, मनोहर सिंह चाहर, भूपेन्द्र सिंह, वी. वर्मा सहित बड़ी संख्या में समाज के गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे। महिला मोर्चा की ओर से मधु चौधरी, सतेन्दरी आर्य, डॉ. शुभांगी सिंह, डॉ. सुरभि फौजदार, रजनी सोलंकी, कमलेश रावत, सोनम एवं श्रीमती राना की भी सक्रिय सहभागिता रही।

जाट एकता के नारों के साथ हुआ समापन

कार्यकारी अध्यक्ष विपिन चौधरी ने सभी अतिथियों एवं प्रतिभागियों का आभार व्यक्त किया। सभा के अध्यक्ष कृपालु किंकर भागवताचार्य ने सम्मानित चिकित्सकों को अपनी लिखित पुस्तकें भेंट कीं और सभी को जलपान के लिए आमंत्रित करते हुए कार्यक्रम के समापन की घोषणा की। अंत में वीरेन्द्र इन्दोलिया, बंटी राना और ओमबीर नरवार के नेतृत्व में "जाट एकता जिंदाबाद" और "जाट एकता एसोसिएशन जिंदाबाद" के नारों के साथ कार्यक्रम सौहार्द, उत्साह और सामाजिक एकजुटता के वातावरण में संपन्न हुआ।