ममता की मिसाल बनीं किन्नर गुरु: अनाथ नवजात को अपनाकर गढ़ी नई पहचान, समाज की सोच को दिया करारा जवाब

आगरा। जहां एक ओर बेटियों को जन्म के बाद त्याग देने जैसी अमानवीय घटनाएं आज भी समाज को शर्मसार करती हैं, वहीं किन्नर गुरु मुकेश बाई ने ममता, साहस और मानवता की ऐसी जीवंत मिसाल पेश की है, जिसने सामाजिक सोच को झकझोर कर रख दिया है। 13 वर्ष पहले अस्पताल में छोड़ी गई एक नवजात बच्ची को अपनाकर उन्होंने न सिर्फ उसकी जिंदगी बचाई, बल्कि उसे एक सम्मानजनक भविष्य भी दिया। आज वही बच्ची पढ़-लिखकर आईएएस बनने का सपना देख रही है।

Apr 30, 2026 - 18:37
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ममता की मिसाल बनीं किन्नर गुरु: अनाथ नवजात को अपनाकर गढ़ी नई पहचान, समाज की सोच को दिया करारा जवाब
आवास विकास कॉलोनी में किन्नर गुरु मुकेश बाई को सम्मानित करते विश्व हिंदू महासंघ के जिलाध्यक्ष किशन गुप्ता, मंडल प्रभारी राजेश कुमार शर्मा आदि।

अस्पताल में छोड़ दी गई नवजात, किन्नर मां ने दिया जीवन

करीब 13 वर्ष पूर्व सिकंदरा स्थित एक निजी अस्पताल में एक दंपत्ति अपनी 7 माह में जन्मी नवजात बच्ची को छोड़कर फरार हो गया। महज 12 घंटे की उस मासूम की हालत गंभीर थी और वह जिंदगी-मौत से जूझ रही थी। अस्पताल से जुड़े एक व्यक्ति के माध्यम से यह जानकारी किन्नर गुरु मुकेश बाई तक पहुंची। बिना किसी अनुभव के, लेकिन ममता से भरे दिल के साथ उन्होंने बच्ची को गोद लेने का फैसला किया।

अम्मा’ बनकर बदली तकदीर

मुकेश बाई ने बताया कि पहली बार जब उन्होंने बच्ची को गोद में उठाया, तभी उसे अपनी संतान के रूप में अपनाने का निर्णय कर लिया। समाज की तमाम रूढ़ियों को तोड़ते हुए उन्होंने उस बच्ची का पालन-पोषण किया और उसे सुरक्षित व सम्मानजनक माहौल दिया। आज वही बच्ची आगरा पब्लिक स्कूल में कक्षा आठवीं की छात्रा है और आईएएस अधिकारी बनने का सपना देख रही है। वह मुकेश बाई को ‘अम्मा’ कहकर पुकारती है और उन्हें ही अपना परिवार मानती है।

भविष्य सुरक्षित, मुख्यधारा से जोड़ा

मुकेश बाई ने बालिका के भविष्य को सुरक्षित करने के लिए उसके नाम 100 गज का मकान भी कर दिया है, ताकि आगे चलकर उसे किसी सहारे की कमी न हो। खास बात यह है कि उन्होंने बालिका को किन्नर समाज की पारंपरिक गतिविधियों से दूर रखते हुए उसे सामान्य शिक्षा और अच्छे संस्कार दिए।

विश्व हिंदू महासंघ ने किया सम्मानित

मुकेश बाई की इस प्रेरणादायक पहल को सम्मान देते हुए विश्व हिंदू महासंघ ने सानिया के जन्मदिन के अवसर पर उन्हें सम्मानित किया। इस दौरान जिलाध्यक्ष किशन गुप्ता, मंडल प्रभारी राजेश कुमार शर्मा, प्रदेश उपाध्यक्ष सुनीता मेहता, संध्या जोशी सहित अन्य पदाधिकारी उनके आवास विकास कॉलोनी स्थित घर पहुंचे और उन्हें स्मृति चिन्ह व पटका पहनाकर सम्मानित किया।

ममता किसी वर्ग की मोहताज नहीं

जिलाध्यक्ष किशन गुप्ता ने कहा कि मुकेश बाई ने यह साबित कर दिया है कि इंसानियत और ममता किसी एक वर्ग तक सीमित नहीं होती। वहीं मंडल प्रभारी राजेश कुमार शर्मा ने कहा कि आज के दौर में जहां लोग अपने बच्चों को छोड़ देते हैं, वहां एक किन्नर मां ने अनजान बच्ची को अपनाकर समाज को नई दिशा दिखाई है।

समाज से भावुक अपील

मुकेश बाई ने समाज से अपील करते हुए कहा कि नवजात बच्चियों को त्यागना घोर अपराध और अमानवीय कृत्य है। यदि किसी कारणवश पालन-पोषण संभव न हो, तो बच्चे को सुरक्षित हाथों में सौंपा जाना चाहिए। उन्होंने यह भी बताया कि आगरा में किन्नर समाज द्वारा कई बच्चों की परवरिश की जा रही है। उनका कहना है कि हम भी इंसान हैं, हमारे भीतर भी ममता है, और हम भी किसी बच्चे को बेहतर जीवन दे सकते हैं।

SP_Singh AURGURU Editor