कोहली के शतक, हर्षित-कुलदीप के जादू से मिली भारत को जीत
भारतीय क्रिकेट टीम ने साउथ अफ्रीका को पहले वनडे मैच में जैसे-तैसे हरा दिया। इसी के साथ टीम इंडिया ने सीरीज में 1-0 की बढ़त हासिल कर ली है।
रांची। भारतीय क्रिकेट टीम ने तीन मैचों की सीरीज के पहले वनडे मैच में साउथ अफ्रीका की टीम को 17 रनों से मात देकर कमाल की शुरुआत की। इसी के साथ टीम इंडिया सीरीज में 1-0 से आगे हो चुकी है। मैच में भारतीय टीम ने पहले बल्लेबाजी करते हुए विराट कोहली के शतक के दम पर 349 रन बोर्ड पर टांगे, जिसके जवाब में साउथ अफ्रीका की टीम 332 रन पर सिमट गई।
इस मैच में भले ही टीम इंडिया ने अच्छा खास स्कोर बोर्ड पर टांग दिया हो, लेकिन साउथ अफ्रीका की टीम ने भी कमाल की बल्लेबाजी की। टारगेट का पीछा करने आई अफ्रीकी टीम को दूसरे ही ओवर में हर्षित राणा ने दो बड़े झटके दिए। रयान रिक्लटन और क्विंटन डी कॉक बिना खाता खोले पवेलियन लौट गए। इसके बाद कप्तान एडन मार्करम भी सिर्फ 7 रन बनाकर अर्शदीप सिंह का निशाना बने।
लेकिन इसके बाद मैथ्यू ब्रीट्जके (39) और टोनी डी जॉर्जी (72) ने एक लंबी पार्टनरशिप लगाई और साउथ अफ्रीका की मैच में वापसी हो गई। इसके बाद डेवाल्ड ब्रेविस ने भी तेज तर्रार 37 रन की पारी खेली। लेकिन मैच में असली रोमांच मार्को यान्सन के 39 गेंद पर 70 रन से आया। जिससे एक वक्त ऐसा लग रहा था कि साउथ अफ्रीकी टीम मैच को जीत सकती है। लेकिन एक ही ओवर में कुलदीप यादव ने यान्सन और ब्रीट्जके को दोनों को आउट कर टीम इंडिया की वापसी करा दी। हालांकि इसके बाद अंत के ओवरों में कॉर्बिन बॉस के 67 रन से मैच रोमांचक हो गया और टीम इंडिया ने जैसे-तैसे इसे जीत लिया।
इससे पहले स्टार बल्लेबाज विराट कोहली (135 रन) के शानदार 52वें वनडे शतक की मदद से भारत ने दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ 8 विकेट पर 349 रन का विशाल स्कोर खड़ा किया। कोहली ने 120 गेंद की तेज पारी के दौरान 11 चौके और 7 छक्के जमाए जो भारतीय पारी की रीढ़ बनी। क्रिकेट के एकमात्र इस फॉर्मेट में खेलने वाले इस स्टार ने अपनी अहमियत और दबदबे को फिर साबित किया। उन्होंने दूसरे विकेट के लिए रोहित शर्मा (51 गेंद में 57 रन) के साथ 136 रन की साझेदारी करके जेएससीए स्टेडियम की सपाट पिच पर भारत के बड़े स्कोर की नींव रखी।
कोहली अब टी20 अंतरराष्ट्रीय फॉर्मेट का हिस्सा नहीं हैं और अगले आठ महीनों में भारत को सिर्फ छह वनडे मैच खेलने हैं इसलिए 36 साल के इस क्रिकेटर के लिए इस प्रारूप का हर मैच अब अहमियत रखता है। उन्होंने अपनी पारी से चयनकर्ताओं और टीम प्रबंधन को याद दिलाया कि वह इस प्रारूप में भारत के सबसे भरोसेमंद बल्लेबाज बने हुए हैं। रोहित के पास भी खुद को साबित करने का एक शानदार मंच था। उन्होंने एक रन पर मिले जीवनदान का फायदा उठाया और मार्को यानसन की गेंद पर LBW होने से पहले अर्धशतक ही बना सके।
क्रिकेट प्रेमी कोहली और रोहित की बड़ी पारी खेलने के लिए बेकरार हैं और दोनों के बीच 136 रन की भागीदारी इन दोनों खिलाड़ियों का ही आत्मविश्वास नहीं बढ़ाएगी बल्कि टीम प्रबंधन को भी भरोसा देगी कि वे अब भी बड़े मंच के स्टार हैं और भारत के लिए अभी और खेल सकते हैं। पिच सपाट थी लेकिन दक्षिण अफ्रीका के गेंदबाजों ने भी सही लाइन एवं लेंथ में गेंदबाजी नहीं की। यानसन के अलावा नांद्रे बर्गर, कॉर्बिन बॉश और ओटनील बार्टमैन ने दो दो विकेट झटके। ओपनिंग बल्लेबाज यशस्वी जायसवाल (18 रन) बर्गर की गेंद पर बल्ला छुआकर आउट हो गए जिसके बाद कोहली क्रीज पर उतरे। रांची के दर्शकों को रोहित-कोहली (रो-को) की जोड़ी से जैसे प्रदर्शन की उम्मीद थी, उन्होंने वैसा ही खेल दिखाया।
रोहित को बर्गर की गेंद पर टोनी डी जोर्जी ने कैच छोड़कर जीवनदान दे दिया और इस बल्लेबाज ने इसका फायदा उठाते हुए यानसन और बॉश के खिलाफ लगातार बाउंड्री लगा दीं। उन्होंने यानसन पर पांच गेंद के अंदर दो बाउंड्री लगाईं और बॉश की अंदर आती गेंदों को आसानी से फ्लिक किया और शॉर्ट गेंदों को पुल किया। कोहली शानदार फॉर्म में दिख रहे थे और उन्होंने बर्गर की गेंद पर मिड-ऑफ के ऊपर से छक्का मारकर अपने इरादे स्पष्ट किए। इसके बाद उन्होंने एक शानदार कवर ड्राइव लगाया।
दोनों ने दक्षिण अफ्रीका के तेज गेंदबाजों की लाइन एवं लेंथ में हुई गलती का फायदा उठाते हुए तेजी से रन बनाए जिससे कार्यवाहक कप्तान एडन मारक्रम को ऑफस्पिनर प्रेनलन सुब्रयन को मैदान में उतारना पड़ा। लेकिन रन गति में कमी नहीं हुई। कोहली ने बॉश की गेंद पर छक्का लगाकर अपना अर्धशतक पूरा किया जबकि रोहित ने एक रन लेकर अपना अर्धशतक पूरा किया। जिससे भारत ने जल्दी ही 100 रन का आंकड़ा पार कर लिया। यानसन ने आखिरकार रोहित को पगबाधा आउट किया। इससे भारत की रन गति थोड़ी देर के लिए धीमी हुई।
रुतुराज गायकवाड़ (08) और पांचवें नंबर पर उतारे गए वाशिंगटन सुंदर जल्दी जल्दी आउट हो गए। लेकिन कोहली डटे रहे। उनके शतक पूरा करने के तुरंत बाद एक प्रशंसक सुरक्षा घेरे को तोड़ते हुए अंदर आ गया, वह घुटने के बल उनके सामने बैठ गया और उनके पैर छुए जिसके बाद सुरक्षाकर्मियों ने उसे बाहर किया।