घुंघरुओं की गूंज में जागी आत्मा की भाषा: आगरा में विश्व नृत्य दिवस पर कला, संस्कृति और संवाद का भव्य संगम

आगरा। नृत्य जब भाव, भक्ति और अभिव्यक्ति का माध्यम बनता है, तो वह केवल कला नहीं बल्कि आत्मा की आवाज बन जाता है। विश्व नृत्य दिवस के अवसर पर आगरा में आयोजित भव्य सांस्कृतिक संध्या और कला संवाद कार्यक्रम ने इसी दिव्यता को सजीव कर दिया। घुंघरुओं की मधुर झंकार, भावों की गहराई और प्रस्तुतियों की विविधता ने पूरे वातावरण को आध्यात्मिक ऊर्जा से भर दिया।

Apr 30, 2026 - 22:02
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घुंघरुओं की गूंज में जागी आत्मा की भाषा: आगरा में विश्व नृत्य दिवस पर कला, संस्कृति और संवाद का भव्य संगम
विश्व नृत्य दिवस पर गुरुवार को ईदगाह में आयोजित सांस्कृतिक संध्या एवं कला संवाद कार्यक्रम की कुछ तस्वीरें।

ईदगाह में सजी भव्य नृत्य संध्या

ब्रह्माकुमारीज के कला एवं संस्कृति प्रभाग और नृत्य ज्योति कथक केंद्र के संयुक्त तत्वावधान में ईदगाह क्षेत्र में इस भव्य आयोजन का शुभारंभ दीप प्रज्ज्वलन और ध्यानयोग से हुआ। कार्यक्रम में बीके अश्विन बहन, बृज खंडेलवाल, डॉ. ज्योति खंडेलवाल, बीके अमर भाई और देवाशीष गांगुली सहित कई गणमान्य अतिथि उपस्थित रहे।

कथक से लोकनृत्य तक, बच्चों ने बांधा समां

कार्यक्रम की शुरुआत नृत्य ज्योति कथक केंद्र के बच्चों की प्रस्तुतियों से हुई, जिसमें शिव वंदना, संदेशात्मक नृत्य, कथक तराना और राजस्थानी लोकनृत्य ने दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। पाखी, अद्विका, अविका, पीहू, आध्या, आरना, दर्शना, प्रज्ञा, मोनिष्का, चांदनी, निमिषी, शालू, अवनी, अविशी, अंशिका, अक्षयिनी, कनिष्का सहित प्रतिभाशाली बच्चों ने अपनी कला का शानदार प्रदर्शन किया।

कला संवाद में उठा ‘नृत्य के बदलते स्वरूप’ का मुद्दा

कार्यक्रम का विशेष आकर्षण रहा विचारोत्तेजक कला संवाद, जिसका विषय था- नृत्य का बदलता स्वरूप: अभिव्यक्ति, प्रदर्शन और डिजिटल युग की दुविधा।
इस संवाद में बीके अश्विना बहन, डॉ. ज्योति खंडेलवाल, डॉ. मनु शर्मा, डॉ. रश्मि खंडेलवाल, आंचल जैन (भरतनाट्यम गुरु) और अजीत सिंह (कोरियोग्राफर) ने अपने विचार रखे। वक्ताओं ने कहा कि नृत्य न केवल आध्यात्मिकता से जोड़ता है, बल्कि शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य के लिए भी अत्यंत लाभकारी है।

पत्रकार डॉ. महेश धाकड़ ने जोर देते हुए कहा कि आधुनिकता को अपनाते हुए भी भारतीय संस्कृति की शुद्धता को बनाए रखना आवश्यक है।

वरिष्ठ कलाकारों का सम्मान

इस अवसर पर वरिष्ठ गायन गुरु डॉ. अमिता त्रिपाठी और तबला गुरु रविंद्र सिंह को सम्मानित किया गया। कार्यक्रम का संचालन श्रुति सिन्हा ने किया, जबकि विशाल झा ने सभी अतिथियों का आभार व्यक्त किया।

युवा पीढ़ी में बढ़ता नृत्य का आकर्षण

वरिष्ठ पत्रकार बृज खंडेलवाल ने संतोष व्यक्त करते हुए कहा कि युवा पीढ़ी तेजी से नृत्य की ओर आकर्षित हो रही है। नृत्य अकादमियों की बढ़ती संख्या, शिक्षा में नृत्य का समावेश और फिल्मों के प्रभाव ने कलाकारों के लिए नए अवसर खोले हैं।

कार्यक्रम में रिद्धि गुप्ता, आरती शर्मा, अंजली वर्मा, इदित्रि गुप्ता, डॉ. विनीता गुप्ता, दिलीप अग्रवाल, किरण, पद्मिनी अय्यर, निधि पाठक, चतुर्भुज तिवारी सहित अनेक गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।

SP_Singh AURGURU Editor