देर रात एक घंटे की बारिश, करोड़ों का नुकसान, सड़कों व घरों में जलभराव, व्यापारियों ने नगर निगम को कोसा
आगरा में सोमवार देर रात हुई मूसलाधार बारिश ने शहर की व्यवस्थाओं की पोल खोल दी। शहर के 55 से अधिक इलाकों में जलभराव हो गया, कई जगह 3 से 4 फीट तक पानी भर गया। राजामंडी, आवास विकास, अलबतिया रोड और खेरिया मोड़ समेत कई बाजारों में पानी दुकानों के अंदर घुस गया, जिससे व्यापारियों को करोड़ों रुपये के नुकसान का दावा है। व्यापारियों और जनप्रतिनिधियों ने नगर निगम की नाला सफाई व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए नुकसान की भरपाई की मांग की है।
आगरा। आगरा में मानसून की पहली तेज बारिश ने स्मार्ट सिटी के दावों की हकीकत सामने ला दी। सोमवार देर रात करीब एक घंटे तक हुई मूसलाधार बारिश के बाद पूरा शहर जलमग्न नजर आया। सड़कों पर नदियों जैसा दृश्य दिखाई दिया, बाजार तालाब में तब्दील हो गए और कई रिहायशी इलाकों में घरों तक पानी पहुंच गया।
सुबह जब लोग नींद से जागे तो शहर के कई हिस्सों में सड़कें पानी में डूबी हुई थीं। अनेक परिवार घंटों तक घरों में कैद रहे, जबकि दुकानदार अपनी दुकानों में घुसे पानी को निकालने के लिए मशक्कत करते दिखाई दिए।
55 से अधिक स्थानों पर जलभराव
बारिश के बाद शहर के 55 से ज्यादा स्थानों पर गंभीर जलभराव की स्थिति बन गई। खेरिया मोड़, अलबतिया रोड, मारुति एस्टेट, शंकरगढ़ पुलिया, बिजलीघर, राजपुर चुंगी, रामबाग, राजा मंडी, गोकुलपुरा, अशोक नगर, नराइच, इंदिरा नगर, मानस नगर, सुभाष नगर, मदिया कटरा और आवास विकास जैसे इलाकों में 3 से 4 फीट तक पानी भर गया।
हालात इतने खराब थे कि बारिश बंद होने के करीब सात घंटे बाद तक सड़कों पर पानी जमा रहा। कई मार्गों पर यातायात प्रभावित हुआ और लोगों को आवाजाही में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ा।
सड़कें धंसीं, वाहन फंसे
भारी जलभराव के कारण शहर में कई जगहों पर सड़कें और फुटपाथ भी धंस गए। आवास विकास क्षेत्र में फुटपाथ धंसने से ईंटों से भरी एक ट्रॉली गड्ढे में फंस गई। वहीं इंदिरापुरम इलाके में सड़क धंसने से एक कार बीच रास्ते में अटक गई। इन घटनाओं ने बारिश से पहले किए गए विकास कार्यों और उनकी गुणवत्ता पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं।
बाजारों में घुसा पानी, व्यापारियों को भारी नुकसान
बारिश का सबसे ज्यादा असर शहर के प्रमुख बाजारों पर पड़ा। राजामंडी बाजार, अलबतिया रोड, केदार नगर और आवास विकास की मार्केटों में पानी दुकानों के अंदर तक पहुंच गया। आवास विकास सेंट्रल पार्क और पुलिस चौकी के पास स्थित बाजार में करीब चार फीट तक पानी भर गया। कई दुकानों में रखा सामान पानी में भीगकर खराब हो गया। एक रेस्टोरेंट संचालक ने बताया कि जब वह सुबह अपने प्रतिष्ठान पहुंचे तो अंदर दो से तीन फीट तक पानी भरा हुआ था। रसोई और स्टोर में रखा काफी सामान खराब हो गया। इसी तरह राजामंडी बाजार के व्यापारियों ने भी बड़े पैमाने पर नुकसान होने की बात कही।
नाला सफाई अभियान पर उठे सवाल
नगर निगम के रिकॉर्ड के अनुसार शहर में 18 बड़े और 410 छोटे नाले हैं। मानसून से पहले नगर निगम ने दावा किया था कि सभी नालों की सफाई पूरी कर ली गई है। लेकिन पहली ही तेज बारिश के बाद हुए व्यापक जलभराव ने इन दावों की पोल खोल दी। शहरवासियों का कहना है कि यदि समय पर नालों की सफाई और जल निकासी की उचित व्यवस्था की गई होती तो इतनी गंभीर स्थिति पैदा नहीं होती।
व्यापारियों का फूटा गुस्सा
सपा के प्रदेश सचिव राहुल चतुर्वेदी ने नगर निगम और प्रशासन की कार्यशैली पर सवाल उठाते हुए कहा कि मानसून की पहली बारिश ने आगरा की बदहाल व्यवस्था को उजागर कर दिया है। उन्होंने कहा कि राजामंडी बाजार में दो से तीन फीट तक पानी दुकानों के अंदर घुस गया, जिससे व्यापारियों को करोड़ों रुपये का नुकसान हुआ है। छोटे व्यापारी सबसे अधिक प्रभावित हुए हैं, जिनकी पूंजी और माल पानी में खराब हो गया।
राहुल चतुर्वेदी ने कहा कि प्रशासन पहले से भारी बारिश की चेतावनी जारी कर रहा था, इसके बावजूद नगर निगम ने कोई प्रभावी इंतजाम नहीं किए। यदि समय रहते तैयारी की जाती तो व्यापारियों को इतना बड़ा नुकसान नहीं उठाना पड़ता। उन्होंने सवाल उठाया कि जब व्यापारियों और नागरिकों से नियमित रूप से टैक्स वसूला जाता है तो बदले में उन्हें बुनियादी सुविधाएं क्यों नहीं मिलतीं।
नुकसान की भरपाई की मांग
व्यापारियों की ओर से शासन और प्रशासन से नुकसान का आकलन कर प्रभावित दुकानदारों को आर्थिक सहायता देने की मांग की गई है। साथ ही जलभराव की समस्या के स्थायी समाधान और जिम्मेदार अधिकारियों की जवाबदेही तय करने की भी मांग उठाई गई है। पहली बारिश ने साफ कर दिया है कि यदि समय रहते जल निकासी व्यवस्था में सुधार नहीं किया गया तो आगामी मानसून के दौरान शहर को और भी बड़ी समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है।