यमुना पुल निर्माण में बड़ा हादसा टला: 53 मीटर लंबा गार्डर धड़ाम से गिरा, मजदूर लंच पर होने से बचीं जानें

आगरा के फतेहाबाद क्षेत्र स्थित भोलपुरा गांव के पास यमुना नदी पर निर्माणाधीन पुल का एक विशाल गार्डर गुरुवार दोपहर अचानक नीचे गिर गया। हादसे के समय निर्माण स्थल पर मौजूद मजदूर भोजनावकाश पर थे, जिससे किसी प्रकार की जनहानि नहीं हुई। घटना के बाद निर्माण स्थल पर अफरा-तफरी मच गई और स्थानीय लोग मौके पर पहुंच गए। प्रारंभिक तौर पर गार्डर के असंतुलित होने को हादसे का कारण माना जा रहा है।

Jun 4, 2026 - 22:20
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यमुना पुल निर्माण में बड़ा हादसा टला: 53 मीटर लंबा गार्डर धड़ाम से गिरा, मजदूर लंच पर होने से बचीं जानें
यमुना पर निर्माणाधीन पुल का गिरा हुआ गार्डर।

आगरा। आगरा और फिरोजाबाद के बीच संपर्क को मजबूत बनाने के लिए यमुना नदी पर बनाए जा रहे महत्वपूर्ण पुल के निर्माण कार्य के दौरान गुरुवार को बड़ा हादसा होते-होते टल गया। फतेहाबाद क्षेत्र के भोलपुरा गांव के समीप निर्माणाधीन पुल का एक भारी-भरकम गार्डर अचानक नीचे गिर गया, जिससे मौके पर तेज धमाके जैसी आवाज गूंज उठी।

प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, दोपहर करीब 2:30 बजे पुल के पिलरों पर दूसरा गार्डर स्थापित करने की प्रक्रिया चल रही थी। इसी दौरान पहले से रखा गया एक गार्डर अचानक संतुलन खो बैठा और नीचे आ गिरा। गार्डर के गिरते ही निर्माण स्थल पर अफरा-तफरी मच गई और आसपास मौजूद लोग घटनास्थल की ओर दौड़ पड़े।

लंच ब्रेक ने बचाईं कई जानें

सबसे राहत की बात यह रही कि हादसे के समय अधिकांश मजदूर भोजन करने गए हुए थे। यदि निर्माण कार्य सामान्य रूप से चल रहा होता तो बड़ा जानलेवा हादसा हो सकता था। मजदूरों के मौके पर मौजूद न होने के कारण किसी भी व्यक्ति के घायल होने की सूचना नहीं है।

53 मीटर लंबा था गिरा हुआ गार्डर

निर्माण कार्य से जुड़े कर्मचारियों के अनुसार, नीचे गिरा गार्डर लगभग 53 मीटर लंबा था। इतना बड़ा ढांचा गिरने से मौके पर भारी कंपन महसूस हुआ और दूर तक इसकी आवाज सुनाई दी। घटना के बाद सुरक्षा मानकों और निर्माण प्रक्रिया को लेकर भी सवाल उठने लगे हैं।

हादसे को लेकर सामने आए दो अलग-अलग कारण

सेतु निगम के सुपरवाइजर के अनुसार, गार्डर को पिलर पर लकड़ी के गट्टों के सहारे रखा गया था। आशंका है कि इनमें से कोई गट्टा खिसक गया, जिससे गार्डर का संतुलन बिगड़ गया और वह नीचे गिर पड़ा।

वहीं, निर्माण कार्य से जुड़े कर्मचारी निखिल शर्मा का कहना है कि गार्डर स्थापित करने के दौरान क्रेन असंतुलित हो गई थी। इसके चलते गार्डर का संतुलन बिगड़ा और वह नीचे आ गिरा। अधिकारियों द्वारा घटना के वास्तविक कारणों की जांच की जा रही है।

ग्रामीणों की लगी भीड़, सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल

गार्डर गिरने की आवाज सुनकर आसपास के ग्रामीण और राहगीर मौके पर पहुंच गए। कुछ समय के लिए निर्माण स्थल पर अफरा-तफरी का माहौल रहा। हालांकि बाद में अधिकारियों और कर्मचारियों ने स्थिति को नियंत्रित किया। घटना के बाद निर्माण कार्य में बरती जा रही सुरक्षा व्यवस्थाओं की भी समीक्षा किए जाने की संभावना है।