गाजा में अमेरिकी हथियारों से आई शांति - ट्रंप
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इजरायली संसद को संबोधित करते हुए शांति की जोरदार वकालत की है। उन्होंने कहा है कि अमेरिकी हथियारों से गाजा में शांति कायम हुई। इस दौरान ट्रंप ने यह भी कहा कि मध्य पूर्व के देशों को हथियारों की जगह पैसों को स्कूलों-दवाइयों में लगाना चाहिए।
तेल अवीव। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इजरायली संसद को संबोधित करते हुए जमकर अपनी पीठ थपथपाई है। उन्होंने कहा कि इजरायल ने अमेरिका की मदद से जो भी चाहा, उसे हासिल किया। उन्होंने यह भी कहा कि गाजा में हथियारों से शांति आई। लेकिन, थोड़ी देर बाद उन्होंने यह भी कहा कि दुनिया के देशों को हथियार बनाने की जगह अपने पैसों को स्कूल और दवाएं बनाने में खर्च करना चाहिए। इस दौरान ट्रंप यह भूल गए कि दुनिया में हथियारों पर सबसे ज्यादा खर्च अमेरिका ही करता है। वह न सिर्फ दुनिया का सबसे बड़ा हथियार निर्यातक देश है, बल्कि सबसे बड़ा रक्षा बजट वाला देश भी है।
ट्रंप ने कहा, मध्य पूर्व के देशों को दुश्मनी करना बंद करना चाहिए और "अवसर और समृद्धि" पैदा करने के लिए मिलकर काम करना चाहिए। उनका कहना है कि "हथियार बनाने के बजाय", इस क्षेत्र के देशों को स्कूलों, चिकित्सा, उद्योग और कृत्रिम बुद्धिमत्ता पर पैसा खर्च करने पर ध्यान केंद्रित करना चाहिए। उन्होंने कहा, "यहां तक कि ईरान के लिए भी, जिसके शासन ने मध्य पूर्व पर इतना कहर ढाया है।"
ट्रंप ने कहा, "बीबी (बेंजामिन नेतन्याहू) मुझे इतनी बार फोन करते थे और वे हथियार मांगते थे। इतनी बार कि इजरायल मजबूत और शक्तिशाली बन गया... यही शांति का कारण बना।" ट्रंप ने अपने भाषण के अंत में अपने विशेष दूत स्टीव विटकॉफ, अपने सलाहकार और दामाद जेरेड कुशनर के साथ-साथ विदेश मंत्री मार्को रुबियो और युद्ध मंत्री पीट हेगसेथ का भी धन्यवाद किया।
अमेरिका हथियारों का सबसे बड़ा निर्यातक है, जो 2020-2024 के बीच वैश्विक हथियार निर्यात का 43% हिस्सा है। इस अवधि के दौरान, अमेरिका ने 107 देशों को हथियार बेचे, जिसमें यूक्रेन सबसे बड़ा प्राप्तकर्ता था। 2023-2024 में अमेरिका के मुख्य निर्यात गंतव्यों में यूक्रेन, जापान, सऊदी अरब, कतर और संयुक्त अरब अमीरात शामिल थे।