बरेली में हवाला सिंडिकेट पर पुलिस का कड़ा प्रहार: 35 लाख कैश बरामद, दुबई कनेक्शन से जुड़े रैकेट का भंडाफोड़, फर्जी कंपनी बनाकर चल रहा था करोड़ों के बेनामी धन का खेल, दो गिरफ्तार; फर्जी आधार कार्ड, मोबाइल और अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क की जांच तेज

-आरके सिंह- बरेली। बरेली पुलिस ने हवाला कारोबार के एक बड़े नेटवर्क का पर्दाफाश करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार कर 35 लाख रुपये नकद, चार मोबाइल फोन और दो फर्जी आधार कार्ड बरामद किए हैं। पुलिस जांच में सामने आया है कि फर्जी कंपनी बनाकर बेनामी धन का लेन-देन किया जा रहा था और इसका तार दुबई में बैठे एक व्यक्ति से जुड़ा हुआ है। मामले को गंभीर मानते हुए पुलिस अब फंडिंग के स्रोतों और अंतरराष्ट्रीय कनेक्शन की गहन जांच कर रही है।

Jun 7, 2026 - 19:10
 0
बरेली में हवाला सिंडिकेट पर पुलिस का कड़ा प्रहार: 35 लाख कैश बरामद, दुबई कनेक्शन से जुड़े रैकेट का भंडाफोड़, फर्जी कंपनी बनाकर चल रहा था करोड़ों के बेनामी धन का खेल, दो गिरफ्तार; फर्जी आधार कार्ड, मोबाइल और अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क की जांच तेज
बरेली पुलिस द्वारा गिरफ्तार किये गये हवाला रैकेट के सदस्यों के बारे में जानकारी देते एसएसपी अनुराग आर्य। साथ हैं अन्य पुलिस अधिकारी।

वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अनुराग आर्य ने प्रेस वार्ता में बताया कि वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देशन में चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत थाना बारादरी पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली थी कि हवाला कारोबार से जुड़े कुछ लोग शहर में सक्रिय हैं। सूचना के आधार पर माधोबाड़ी क्षेत्र में छापेमारी कर हजियापुर चुंगी निवासी जमीर अहमद और राजस्थान के बीकानेर निवासी जगदीश चोटिया को गिरफ्तार किया गया।

पुलिस द्वारा की गई तलाशी में दोनों आरोपियों के कब्जे से 35 लाख रुपये नकद, दो फर्जी आधार कार्ड और चार मोबाइल फोन बरामद हुए। प्रारंभिक जांच में बरामद दस्तावेजों और इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों से हवाला नेटवर्क के बड़े स्तर पर संचालित होने के संकेत मिले हैं।

पूछताछ के दौरान आरोपी जमीर अहमद ने बताया कि उसका संपर्क दुबई निवासी अली जीशान से था। अली जीशान के निर्देश पर मोईन अली के नाम से केजीएन कंपनी बनाई गई थी। कंपनी का कार्यालय पीलीभीत बाईपास रोड स्थित आशुतोष सिटी में संचालित किया जा रहा था, जबकि वहां किसी प्रकार का वास्तविक व्यापारिक कार्य नहीं होता था। आरोप है कि अली जीशान व्हाट्सएप के माध्यम से टोकन नंबर भेजता था और विभिन्न खातों में बड़ी रकम जमा करवाई जाती थी। बाद में यही धन हवाला चैनल के जरिए दिल्ली स्थित लालचंद और धम्माराम तक पहुंचाया जाता था।

गिरफ्तार आरोपी जगदीश चोटिया ने पूछताछ में स्वीकार किया कि वह पिछले चार वर्षों से बरेली में हवाला कारोबार से जुड़ा हुआ था। उसका काम टैक्स बचाने के उद्देश्य से बेनामी धन को एक स्थान से दूसरे स्थान तक पहुंचाना था। वह कमीशन के बदले दिल्ली में टोकन धारकों तक रकम पहुंचाने का कार्य करता था। पूरे नेटवर्क में धन भेजने और प्राप्त करने वालों की पहचान गुप्त रखी जाती थी।

पुलिस ने मामले में मोईन अली निवासी हजियापुर तथा दिल्ली निवासी लालचंद और धम्माराम को वांछित घोषित किया है। तीनों आरोपी वर्तमान में फरार हैं और उनकी गिरफ्तारी के लिए विशेष टीमें गठित कर दी गई हैं।

एसएसपी अनुराग आर्य ने कहा कि मामले में दुबई कनेक्शन और धन के स्रोतों की गंभीरता से जांच की जा रही है। उन्होंने कहा कि यह नेटवर्क केवल आर्थिक अपराध तक सीमित नहीं हो सकता, इसलिए सभी पहलुओं को ध्यान में रखते हुए जांच आगे बढ़ाई जा रही है।

इस संबंध में थाना बारादरी में मुकदमा संख्या 752/2026 के तहत भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की विभिन्न धाराओं 61(2), 111, 318(4), 336(3), 338 और 340(2) में मामला दर्ज किया गया है। गिरफ्तार दोनों आरोपियों को न्यायालय में पेश कर रिमांड लेने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।

इस कार्रवाई में एसपी सिटी और सीओ नगर तृतीय के निर्देशन में थाना बारादरी पुलिस टीम ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। पुलिस अब बरामद मोबाइल फोन, बैंक खातों और अन्य दस्तावेजों की जांच कर हवाला नेटवर्क के पूरे तंत्र को उजागर करने में जुटी हुई है।

SP_Singh AURGURU Editor