हुगली में सियासी संग्राम, थाने के बाहर टीएमसी सांसद कल्याण बनर्जी के सिर पर हमला, भाजपा बोली-‘यह सिर्फ ड्रामा’

पश्चिम बंगाल के हुगली जिले में राजनीतिक तनाव उस समय हिंसक रूप ले गया जब चंडीतला थाने के बाहर तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) सांसद कल्याण बनर्जी घायल हो गए। टीएमसी ने आरोप लगाया कि भाजपा कार्यकर्ताओं ने उन पर पत्थर या गेंद जैसी वस्तु फेंकी, जिससे उनके सिर में चोट आई। दूसरी ओर भाजपा ने चोट लगने के दावों को खारिज करते हुए इसे राजनीतिक नाटक बताया है। घटना उस समय हुई जब कल्याण बनर्जी अभिषेक बनर्जी पर कथित हमले और गिरफ्तार टीएमसी कार्यकर्ताओं की रिहाई की मांग को लेकर ज्ञापन देने पहुंचे थे।

May 31, 2026 - 15:47
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हुगली में सियासी संग्राम, थाने के बाहर टीएमसी सांसद कल्याण बनर्जी के सिर पर हमला, भाजपा बोली-‘यह सिर्फ ड्रामा’
सांसद कल्याण बनर्जी की सुरक्षा में घेरा बनाए हुए उनके समर्थक।

थाने के बाहर भिड़े समर्थक, अचानक बढ़ा तनाव

कोलकाता। हुगली के चंडीतला थाना क्षेत्र में उस समय माहौल गरमा गया, जब तृणमूल कांग्रेस के वरिष्ठ सांसद कल्याण बनर्जी अपने समर्थकों के साथ पुलिस प्रशासन को ज्ञापन सौंपने पहुंचे। उनका उद्देश्य टीएमसी नेता अभिषेक बनर्जी पर हाल में हुए कथित हमले के विरोध में आवाज उठाना और गिरफ्तार पार्टी कार्यकर्ताओं की रिहाई की मांग करना था। ज्ञापन सौंपने से पहले ही थाने के बाहर टीएमसी और भाजपा समर्थकों के बीच तीखी नारेबाजी शुरू हो गई। दोनों पक्षों के कार्यकर्ता एक-दूसरे के खिलाफ जमकर नारे लगाने लगे, जिससे स्थिति तनावपूर्ण हो गई।

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, भाजपा कार्यकर्ताओं द्वारा टीएमसी नेताओं और समर्थकों के खिलाफ "चोर-चोर" के नारे लगाए जा रहे थे। जवाब में टीएमसी समर्थकों ने भी विरोध प्रदर्शन तेज कर दिया। इसी दौरान अचानक अफरा-तफरी मच गई। आरोप है कि भीड़ में मौजूद किसी व्यक्ति ने कल्याण बनर्जी की ओर पत्थर या गेंद जैसी कोई वस्तु फेंकी, जो सीधे उनके सिर पर लगी। चोट लगने के बाद उनके सिर से रक्तस्राव होने की खबर सामने आई। बाद में उन्हें सिर पर भीगा हुआ रूमाल रखे देखा गया।

कल्याण बनर्जी ने लगाया हमला कराने का आरोप

घटना के बाद नाराज दिखे कल्याण बनर्जी ने भाजपा कार्यकर्ताओं पर सीधा आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि वे लोकतांत्रिक तरीके से अपनी बात रखने और ज्ञापन देने जा रहे थे, लेकिन रास्ते में उन पर हमला किया गया। उन्होंने कहा कि विपक्षी दल लोकतांत्रिक विरोध की आवाज को दबाने का प्रयास कर रहे हैं। उनके मुताबिक, यह घटना राजनीतिक असहिष्णुता का उदाहरण है और इसकी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए।

भारी पुलिस और केंद्रीय बल रहे तैनात

क्षेत्र में पहले से ही राजनीतिक तनाव को देखते हुए पुलिस प्रशासन सतर्क था। चंडीतला थाने के बाहर बड़ी संख्या में पुलिसकर्मी और केंद्रीय सुरक्षा बलों की तैनाती की गई थी। हालांकि सुरक्षा व्यवस्था के बावजूद दोनों दलों के समर्थकों के बीच तीखी नोकझोंक हुई और माहौल कई बार तनावपूर्ण होता दिखाई दिया। घटना के बाद सुरक्षा एजेंसियों ने हालात को नियंत्रित करने का प्रयास किया।

भाजपा ने आरोपों को बताया ‘राजनीतिक ड्रामा’

दूसरी ओर भाजपा ने टीएमसी सांसद के आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया है। भाजपा नेताओं का कहना है कि कल्याण बनर्जी को कोई गंभीर चोट नहीं लगी और वे राजनीतिक सहानुभूति बटोरने के लिए इस घटना को बढ़ा-चढ़ाकर पेश कर रहे हैं। भाजपा का दावा है कि टीएमसी नेतृत्व अभिषेक बनर्जी से जुड़े विवादों और हालिया घटनाओं से जनता का ध्यान हटाने की कोशिश कर रहा है। पार्टी नेताओं ने पूरे घटनाक्रम को "पूर्व नियोजित राजनीतिक नाटक" करार दिया है।

बंगाल की राजनीति में फिर बढ़ी तल्खी

अभिषेक बनर्जी पर हाल में हुए कथित हमले और उसके बाद सामने आई यह घटना पश्चिम बंगाल की राजनीति में बढ़ते टकराव को दर्शाती है। दोनों प्रमुख दल एक-दूसरे पर लोकतंत्र को कमजोर करने और हिंसा को बढ़ावा देने के आरोप लगा रहे हैं। फिलहाल इस मामले को लेकर राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है और आने वाले दिनों में यह विवाद राज्य की राजनीति में बड़ा मुद्दा बन सकता है।