फर्जी हस्ताक्षरों से संपत्ति हड़पने का खेल बेनकाब, पुलिस ने दबोचा शातिर आरोपी, दो आरोपी फरार
आगरा के थाना नाई की मंडी क्षेत्र में फर्जी दस्तावेज, जाली हस्ताक्षर और झूठे अंगूठे के निशान के जरिए संपत्ति हड़पने के मामले में पुलिस ने आरोपी रविकान्त लवानिया को टुंडला रेलवे स्टेशन से गिरफ्तार किया है। जांच में जालसाजी की पुष्टि हुई है। मामले के दो अन्य आरोपी शिशुपाल और महेश कुमार अभी फरार हैं, जिनकी तलाश जारी है।
आगरा। आगरा कमिश्नरेट की थाना नाई की मंडी पुलिस ने फर्जी दस्तावेजों और जालसाजी के जरिए संपत्ति हड़पने के एक गंभीर मामले का खुलासा करते हुए मुख्य आरोपियों में शामिल एक शातिर अभियुक्त को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपी रविकान्त लवानिया को टूंडला रेलवे स्टेशन के प्लेटफॉर्म नंबर-1 से गिरफ्तार किया। मामले में दो अन्य नामजद आरोपी अभी फरार हैं, जिनकी तलाश में पुलिस लगातार दबिश दे रही है।
पुलिस के अनुसार, वादी द्वारा दर्ज कराई गई शिकायत में आरोप लगाया गया था कि कुछ लोग फर्जी दस्तावेज तैयार कर, जाली हस्ताक्षर और झूठे अंगूठे के निशानों का इस्तेमाल करते हुए संपत्ति पर अवैध कब्जा करने का प्रयास कर रहे हैं। शिकायत के आधार पर थाना नाई की मंडी में मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की गई।
जांच के दौरान पुलिस ने दस्तावेजों की गहन पड़ताल की। विवेचना में सामने आया कि संपत्ति से संबंधित अभिलेखों में फर्जी हस्ताक्षरों और कूटरचित अंगूठे के निशानों का उपयोग किया गया था। प्रारंभिक साक्ष्यों और तकनीकी जांच में धोखाधड़ी और जालसाजी की पुष्टि होने के बाद पुलिस ने कार्रवाई तेज कर दी।
इसी क्रम में थाना नाई की मंडी पुलिस टीम ने आरोपी रविकान्त लवानिया को टूंडला रेलवे स्टेशन से गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में पुलिस को मामले से जुड़े कई महत्वपूर्ण तथ्य प्राप्त हुए हैं, जिनके आधार पर आगे की कार्रवाई की जा रही है।
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि इस प्रकरण में शिशुपाल और महेश कुमार नामक दो अन्य आरोपी अभी फरार हैं। उनकी गिरफ्तारी के लिए संभावित ठिकानों पर लगातार दबिश दी जा रही है। पुलिस का कहना है कि जल्द ही दोनों आरोपियों को भी गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
थाना नाई की मंडी पुलिस की इस कार्रवाई को संपत्ति संबंधी धोखाधड़ी और जालसाजी के मामलों पर प्रभावी अंकुश लगाने की दिशा में महत्वपूर्ण सफलता माना जा रहा है। पुलिस ने लोगों से अपील की है कि संपत्ति खरीद-फरोख्त या हस्तांतरण से पहले दस्तावेजों की वैधता की पूरी जांच अवश्य कराएं, ताकि इस प्रकार की धोखाधड़ी से बचा जा सके।