सतीश पूनिया, तरुण चुग को टिकट, भाजपा ने राज्यसभा चुनाव के लिए की उम्मीदवारों की घोषणा
बीजेपी ने राजस्थान से डॉ. अलका गुर्जर और सतीश पुनिया को उम्मीदवार बनाया है। वहीं मध्य प्रदेश से तरुण चुग और रजनीश अग्रवाल को उम्मीदवार बनाया गया है। इसके साथ ही अरुणाचल, मणिपुर और ओडिशा से भी पार्टी के प्रत्याशी घोषित किए गए हैं।
नई दिल्ली। बीजेपी ने राज्यसभा के लिए उम्मीदवारों के लिस्ट जारी कर दी है। पार्टी ने अरुणाचल प्रदेश से ताई तगाक को उम्मीदवार बनाया है। गुजरात से राजूभाई शुक्ला, मुकेशभाई राठवा, मानसिंह परमार, जीतेंद्र मेघजीभाई, कंजारिया को टिकट दिया है। इसके अलावा पार्टी ने मध्य प्रदेश से तरुण चुग और रजनीश अग्रवाल को उम्मीदवार बनाया है। वहीं मणिपुर से ए शारदी देवी को, राजस्थान से डॉ. अलका गुर्जर और सतीश पुनिया को उम्मीदवार बनाया है। ओडिशा से देबाशीष सामंतराय पार्टी के उम्मीदवार होंगे।
सतीश पूनिया बीजेपी के उन नेताओं में गिने जाते हैं, जिन्होंने छात्र राजनीति से अपने करियर की शुरुआत की और धीरे-धीरे कदम बढ़ाते हुए शीर्ष तक पहुंचे। वे राजस्थान बीजेपी के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष रह चुके हैं। इसके अलावा वे राजस्थान विधानसभा में उप नेता प्रतिपक्ष भी रहे हैं। वर्तमान में उनके पास हरियाणा बीजेपी के प्रभारी की बड़ी जिम्मेदारी है। जाट समुदाय से आने के कारण वे राजस्थान और हरियाणा दोनों राज्यों में सामाजिक और राजनीतिक समीकरणों को साधने में बहुत माहिर माने जाते हैं। बिहार विधानसभा चुनाव में उन्हें पार्टी कार्यकर्ताओं के साथ प्रचार करते हुए देखा गया था।
पंजाब के अमृतसर से आने वाले तरुण चुग छोटी उम्र में ही राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ से जुड़ गए थे। वह इस समय भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव हैं। उन्हें पार्टी का संकटमोचक और बेहतरीन चुनावी रणनीतिकार माना जाता है। उनके पास जम्मू-कश्मीर, लद्दाख और तेलंगाना जैसे महत्वपूर्ण राज्यों के प्रभारी की जिम्मेदारी रही है। चुनाव के दौरान कार्यकर्ताओं को एकजुट रखने और रैलियों का सफल मैनेजमेंट कराने के लिए पार्टी उन्हें आगे रखती है। इस लिस्ट में तरुण चुग ही ऐसे नाम हैं, जिन्हें दूसरे राज्य से उम्मीदवार बनाया गया है। बाकी सभी उम्मीदवार जिस राज्य से हैं वहीं से उम्मीदवार हैं।
देबाशीष सामंतराय ओडिशा के कटक क्षेत्र के जमीनी नेता माने जाते हैं। मई 2026 में उन्होंने बीजू जनता दल का साथ छोड़कर बीजेपी का दामन थामा था। बीजेपी में आने से ठीक एक दिन पहले उन्होंने राज्यसभा सांसद के पद से भी इस्तीफा दे दिया था। वह तीन बार विधायक भी रह चुके हैं।