भागवत कथा में 'वीआईपी पास' का खेल! 500 रुपये में बिके कथित नकली एंट्री पास, प्रवेश द्वार पर महिलाओं को रोके जाने पर पंडाल के बाहर हंगामा, क्यूआर कोड वाले पास बने चर्चा का विषय

आगरा। बल्केश्वर पार्क में चल रही श्रीमद्भागवत कथा के दौरान कथित नकली वीआईपी पास का मामला सामने आने से नया विवाद खड़ा हो गया है। आरोप है कि कुछ महिलाओं को 500 रुपये लेकर वीआईपी एंट्री पास बेचे गए, लेकिन कथा पंडाल में प्रवेश के दौरान उन्हें रोक दिया गया। जांच में पता चला कि उनके पास मौजूद पास कथित रूप से नकली थे। घटना के बाद कथा स्थल पर काफी देर तक असमंजस और अव्यवस्था का माहौल बना रहा।

Jun 5, 2026 - 19:27
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भागवत कथा में 'वीआईपी पास' का खेल! 500 रुपये में बिके कथित नकली एंट्री पास, प्रवेश द्वार पर महिलाओं को रोके जाने पर पंडाल के बाहर हंगामा, क्यूआर कोड वाले पास बने चर्चा का विषय
बल्केश्वर पार्क में चल रही श्रीमदभागवत कथा के पंडाल के गेट पर कथित वीआईपी पास को लेकर महिला श्रद्धालु और स्वयंसेवकों के बीच हो रही बहस।

500 रुपये में बेचे गए कथित वीआईपी पास

जानकारी के अनुसार कथा में शामिल होने पहुंची कुछ महिलाओं ने आरोप लगाया कि उन्हें कथा पंडाल के बाहर ही 500 रुपये लेकर वीआईपी एंट्री पास उपलब्ध कराए गए थे। महिलाओं का कहना है कि उन्हें भरोसा दिलाया गया था कि इन पास के माध्यम से उन्हें विशेष प्रवेश मिलेगा।

हालांकि जब वे प्रवेश द्वार पर पहुंचीं तो ड्यूटी पर मौजूद लोगों ने उनके पास को मान्य मानने से इनकार कर दिया। इसके बाद पूरे मामले का खुलासा हुआ और वहां मौजूद लोगों में चर्चा शुरू हो गई।

असली और नकली पास में मिला अंतर

बताया जा रहा है कि कथित नकली पासों पर क्यूआर कोड छपा हुआ था, जबकि आयोजन समिति द्वारा जारी किए गए वास्तविक पासों पर यूनिक आईडी वाला विशेष स्टीकर लगाया गया है। इसी अंतर के आधार पर प्रवेश द्वार पर पास की जांच के दौरान संदेह पैदा हुआ।

कथा में पहले से गर्म था पास का मुद्दा

श्रीमद्भागवत कथा में प्रवेश व्यवस्था और पास वितरण को लेकर पहले से ही चर्चाओं का माहौल बना हुआ था। अब कथित नकली पास की बिक्री की बात सामने आने के बाद यह मामला और अधिक चर्चा का विषय बन गया है। श्रद्धालुओं के बीच भी यह सवाल उठ रहा है कि यदि आरोप सही हैं तो आखिर ऐसे पास किसने तैयार किए और उन्हें बेचने वाले लोग कौन हैं।

प्रवेश से रोकी गई महिलाओं का आरोप है कि उन्हें कथा पंडाल के आसपास ही पास बेचे गए थे। उनका कहना है कि यदि पास फर्जी थे तो उन्हें बेचने वालों के खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए, क्योंकि उन्होंने श्रद्धालुओं की धार्मिक भावना और विश्वास का लाभ उठाकर धन वसूला है।

अव्यवस्था से श्रद्धालु हुए परेशान

घटना के दौरान प्रवेश द्वार पर कुछ समय के लिए अव्यवस्था की स्थिति बन गई। कई श्रद्धालु यह जानने की कोशिश करते रहे कि आखिर कौन से पास मान्य हैं और कौन से नहीं। इससे कथा में आने वाले लोगों को असुविधा का सामना करना पड़ा।

मामला सामने आने के बाद श्रद्धालुओं और स्थानीय लोगों ने पूरे प्रकरण की जांच कराने तथा कथित फर्जी पास तैयार कर बेचने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। थाना कमला नगर क्षेत्र स्थित बल्केश्वर पार्क में हुए इस घटनाक्रम ने धार्मिक आयोजनों की प्रवेश व्यवस्था और सुरक्षा तंत्र पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं।

SP_Singh AURGURU Editor