टीटीजेड की बंदिशों से जूझ रहे उद्योगों की आवाज पहुंची उपमुख्यमंत्री तक: चैम्बर ने उठाया विद्युत कनेक्शन का मुद्दा, केशव मौर्य ने दिया समाधान का भरोसा
आगरा। ताज ट्रेपेजियम जोन (टीटीजेड) में गैर प्रदूषणकारी और व्हाइट कैटेगरी के उद्योगों को नए विद्युत कनेक्शन न मिलने से उत्पन्न गंभीर संकट को लेकर चैम्बर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज के प्रतिनिधिमंडल ने उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री श्री केशव प्रसाद मौर्य से मुलाकात कर उद्योग जगत की समस्याओं को प्रमुखता से उठाया। प्रतिनिधिमंडल ने बताया कि विद्युत विभाग की वर्तमान व्यवस्था के कारण अनेक उद्योगों का संचालन प्रभावित हो रहा है, जबकि सर्वोच्च न्यायालय के आदेशों में ऐसे उद्योगों को विद्युत कनेक्शन देने पर किसी प्रकार की रोक नहीं है। उपमुख्यमंत्री ने समस्याओं को गंभीरता से सुनते हुए उनके शीघ्र समाधान का आश्वासन दिया।
उपमुख्यमंत्री के आगरा प्रवास के दौरान चैम्बर का प्रतिनिधिमंडल उपाध्यक्ष अम्बा प्रसाद गर्ग के नेतृत्व में उनसे मिला। प्रतिनिधिमंडल ने विस्तार से बताया कि टीटीजेड क्षेत्र में व्हाइट कैटेगरी और गैर प्रदूषणकारी उद्योगों की स्थापना तथा संचालन के लिए वर्तमान में विद्युत विभाग नए विद्युत कनेक्शन जारी नहीं कर रहा है। जबकि सर्वोच्च न्यायालय के निर्देशों के अनुसार न तो नए प्रदूषणकारी उद्योग लगाए जा रहे हैं और न ही उद्योगों का विस्तार किया जा रहा है।
चैम्बर उपाध्यक्ष अम्बा प्रसाद गर्ग ने उपमुख्यमंत्री को अवगत कराया कि कई उद्योग वर्तमान में गैस जेनरेटर के माध्यम से संचालित हो रहे हैं और उनके प्रदूषण अनापत्ति प्रमाणपत्र में गैस जेनरेटर का उल्लेख भी शामिल है। लेकिन गैस जेनरेटर तकनीक अब लगभग अप्रचलित हो चुकी है। ऐसे में जब उद्योग संचालक विद्युत कनेक्शन के लिए आवेदन करते हैं तो विद्युत विभाग टीटीजेड क्षेत्र का हवाला देकर आवेदन निरस्त कर देता है। जबकि उद्योग का स्वामित्व, उत्पादन और स्वरूप पूर्ववत बना रहता है तथा किसी प्रकार का विस्तार भी नहीं किया जाता।
प्रतिनिधिमंडल ने यह भी बताया कि ब्रश उद्योग, हस्तशिल्प उद्योग और अन्य कई ऐसे उद्योग, जिनसे किसी प्रकार का वायु प्रदूषण नहीं होता, उन्हें भी विद्युत कनेक्शन नहीं दिए जा रहे हैं। इससे उद्योगों के संचालन और रोजगार पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है। वर्तमान में गैस आपूर्ति करने वाली कंपनी द्वारा औद्योगिक गैस की आपूर्ति में कटौती किए जाने से उद्योगों के सामने और अधिक संकट खड़ा हो गया है।
चैम्बर पदाधिकारियों ने मांग रखी कि उद्योगों को वैकल्पिक ईंधन के रूप में विद्युत कनेक्शन उपलब्ध कराए जाएं ताकि आगरा के गैर प्रदूषणकारी उद्योग निर्बाध रूप से संचालित हो सकें और उत्पादन प्रभावित न हो। उन्होंने स्पष्ट किया कि सर्वोच्च न्यायालय के आदेशों में विद्युत कनेक्शन देने पर कोई प्रतिबंध नहीं है, इसलिए विद्युत विभाग को इस संबंध में व्यावहारिक और उद्योग हितैषी निर्णय लेना चाहिए।
उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने प्रतिनिधिमंडल की बातों को गंभीरता और ध्यानपूर्वक सुना। उन्होंने कहा कि टीटीजेड क्षेत्र में उद्योग एवं व्यापार से जुड़ी समस्याओं के समाधान के लिए उच्च स्तर पर वार्ता की जाएगी तथा संबंधित विभागों से आवश्यक चर्चा कर उचित कार्रवाई सुनिश्चित करने का प्रयास किया जाएगा।
प्रतिनिधिमंडल में चैम्बर के उपाध्यक्ष अम्बा प्रसाद गर्ग, कोषाध्यक्ष विनय मित्तल, सदस्य अपूर्व मित्तल, चन्द्रवीर सिंह तथा भीष्म लालवानी प्रमुख रूप से शामिल रहे।