ताजमहल के मुख्य द्वार पर हादसा, रॉयल गेट से गिरा संगमरमर का पत्थर, बाल-बाल बचे पर्यटक
विश्व धरोहर ताजमहल में एक बार फिर संरक्षा और संरक्षण को लेकर चिंता बढ़ गई है। ताजमहल के मुख्य प्रवेश द्वार रॉयल गेट की पच्चीकारी में लगा संगमरमर का एक पत्थर अचानक टूटकर नीचे गिर गया। पत्थर वीडियो प्लेटफॉर्म के पास बने रैंप के निकट गिरा और कई टुकड़ों में बिखर गया। राहत की बात यह रही कि घटना के समय वहां कोई पर्यटक मौजूद नहीं था, जिससे बड़ा हादसा टल गया। प्रारंभिक तौर पर पुराने मसाले और पत्थर के कमजोर होने को घटना का कारण माना जा रहा है।
आगरा। ताजमहल के ऐतिहासिक रॉयल गेट से जुड़ी एक चिंताजनक घटना सामने आई है। जानकारी के अनुसार रॉयल गेट की पच्चीकारी में लगा संगमरमर का पत्थर अचानक अपनी जगह से निकलकर नीचे आ गिरा। पत्थर गिरते ही उसके कई टुकड़े हो गए, जिससे मौके पर मौजूद कर्मचारियों और पर्यटकों में कुछ देर के लिए अफरा-तफरी का माहौल बन गया।
घटना उस स्थान के निकट हुई जहां पर्यटकों की सुविधा के लिए वीडियो प्लेटफॉर्म और रैंप बनाया गया है। यह क्षेत्र आमतौर पर पर्यटकों की आवाजाही वाला इलाका माना जाता है।
बड़ा हादसा होने से बचा
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार जिस स्थान पर पत्थर गिरा, वहां कुछ समय पहले तक पर्यटकों की आवाजाही थी। यदि उस समय कोई व्यक्ति वहां मौजूद होता तो गंभीर चोट लग सकती थी। सौभाग्य से घटना के दौरान कोई पर्यटक या कर्मचारी इसकी चपेट में नहीं आया और बड़ा हादसा टल गया।
पुराना मसाला और कमजोर संरचना बनी वजह
प्रारंभिक जांच में माना जा रहा है कि पत्थर को थामे हुए पुराना मसाला समय के साथ कमजोर पड़ गया था। इसके अलावा मौसम के प्रभाव और संरचना की बढ़ती उम्र के कारण पत्थर की पकड़ ढीली हो गई, जिसके चलते वह अचानक नीचे गिर गया। विशेषज्ञों का मानना है कि ऐतिहासिक इमारतों में समय-समय पर संरक्षण और मरम्मत कार्य की आवश्यकता होती है, ताकि इस तरह की घटनाओं को रोका जा सके।
संरक्षण व्यवस्था पर उठे सवाल
विश्वभर से लाखों पर्यटकों को आकर्षित करने वाले ताजमहल में हुई इस घटना ने संरक्षण व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। रॉयल गेट ताजमहल का प्रमुख प्रवेश द्वार है और यहां प्रतिदिन हजारों पर्यटक गुजरते हैं। ऐसे में पच्चीकारी का पत्थर गिरना सुरक्षा की दृष्टि से गंभीर माना जा रहा है। अब संबंधित विभाग द्वारा प्रभावित हिस्से का निरीक्षण कर अन्य कमजोर पत्थरों और पच्चीकारी की जांच किए जाने की संभावना है, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।