अन्नामलाई ने छोड़ा साथ, नई पार्टी का किया ऐलान, बीजेपी बोली- 'उनके जाने से कोई नुकसान नहीं'
अपने इस्तीफे में अन्नामलाई ने लिखा कि राष्ट्रीय पार्टियां अक्सर तमिलनाडु की जनता की भाषा और भावनाओं को नहीं समझ पातीं।
चेन्नई। तमिलनाडु बीजेपी के सबसे चर्चित नेताओं में से एक के. अन्नमलाई ने पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफा दे दिया है। कई दिनों से चल रही अटकलों के बाद बीजेपी ने शुक्रवार को उनका इस्तीफा स्वीकार कर लिया। इस पर प्रतिक्रिया देते हुए तमिलनाडु बीजेपी अध्यक्ष नैनार नागेंद्रन ने कहा कि अन्नामलाई के जाने से पार्टी को कोई नुकसान नहीं होगा।
पार्टी की ओर से जारी बयान में कहा गया कि BJP के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ने तमिलनाडु के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष अन्नामलाई का इस्तीफा स्वीकार कर लिया है। यह फैसला उस समय आया जब अन्नामलाई सोशल मीडिया पर जनता के साथ खुली बातचीत करने वाले थे।
अन्नामलाई के इस्तीफे पर प्रतिक्रिया देते हुए नैनार नागेंद्रन ने कहा, 'बीजेपी को इससे कोई नुकसान नहीं है। बीजेपी दुनिया की एक बड़ी पार्टी है।' उनके इस बयान को पार्टी के आधिकारिक रुख के तौर पर देखा जा रहा है।
वहीं, आंध्र प्रदेश बीजेपी अध्यक्ष पीवीएन माधव ने उम्मीद जताई कि अन्नामलाई भविष्य में फिर पार्टी में लौट सकते हैं। उन्होंने कहा कि तमिलनाडु में पार्टी को मजबूत बनाने में अन्नामलाई की अहम भूमिका रही है और उनकी वापसी की उम्मीद बनी हुई है।
अपने इस्तीफे में अन्नामलाई ने लिखा कि राष्ट्रीय पार्टियां अक्सर तमिलनाडु की जनता की भाषा और भावनाओं को नहीं समझ पातीं। उन्होंने कहा कि पिछले कुछ वर्षों में उन्होंने इस धारणा को बदलने की कोशिश की और इसमें काफी हद तक सफलता भी मिली।
अन्नामलाई ने यह भी कहा कि पिछले 18 महीनों में उन्होंने पार्टी के शीर्ष नेतृत्व के सामने अपने मतभेद रखे, लेकिन तमिलनाडु को लेकर उनकी सोच और पार्टी नेतृत्व की सोच में तालमेल नहीं बन सका।
राजनीतिक जानकारों के अनुसार बीजेपी और एडप्पाडी के. पलानीस्वामी के नेतृत्व वाली अद्रमुक के बीच 2026 विधानसभा चुनाव से पहले गठबंधन की वापसी के बाद मतभेद बढ़े। सूत्रों का कहना है कि अन्नामलाई चाहते थे कि बीजेपी अकेले चुनाव लड़कर अपना जनाधार बढ़ाए, जबकि केंद्रीय नेतृत्व गठबंधन के पक्ष में था।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के समर्थक माने जाने वाले अन्नामलाई ने 2020 में सिविल सेवा छोड़कर बीजेपी जॉइन की थी। कुछ ही समय में उन्हें प्रदेश उपाध्यक्ष बनाया गया और 2021 में वे तमिलनाडु बीजेपी अध्यक्ष बने। हालांकि, अब तक उन्हें कोई चुनावी सफलता नहीं मिली। उन्होंने 2021 विधानसभा और 2024 लोकसभा चुनाव लड़ा, लेकिन जीत हासिल नहीं कर सके।