बरेलीः बारिश में खेलते-खेलते खुले नाले में समाया छह वर्षीय दिव्यांग मासूम, 24 घंटे बाद भी सुराग नहीं; 25 हजार के इनाम का ऐलान
-आरके सिंह- बरेली। जिले के आंवला कस्बे में नगर पालिका की लापरवाही एक परिवार पर भारी पड़ गई। तेज बारिश के दौरान सड़क पर नहा रहे छह वर्षीय दिव्यांग बालक प्रीत का पैर फिसलने से वह खुले नाले में जा गिरा और तेज बहाव उसे मुख्य नाले में बहाकर ले गया। घटना के बाद से पुलिस, प्रशासन, नगर पालिका, पीएसी और एसडीआरएफ की टीमें लगातार रेस्क्यू अभियान चला रही हैं, लेकिन बुधवार दोपहर तक बच्चे का कोई सुराग नहीं लग सका था। नगर पालिका अध्यक्ष ने बच्चे को खोजने अथवा उसकी सूचना देने वाले को 25 हजार रुपये का इनाम देने की घोषणा की है।

नाले में बहे बालक प्रीत की फाइल फोटो।
बारिश में नहाते समय हुआ हादसा
घटना मंगलवार शाम करीब चार बजे आंवला कस्बे के मोहल्ला खेड़ा की है। तेज बारिश के दौरान मोहल्ले के कई बच्चे सड़क पर नहा रहे थे। इन्हीं बच्चों के साथ छह वर्षीय दिव्यांग प्रीत भी नहाने पहुंच गया। प्रीत दाएं पैर से दिव्यांग था।
नहाते-नहाते वह बारिश के पानी से लबालब भरे खुले छोटे नाले के पास पहुंच गया। अचानक उसका संतुलन बिगड़ गया और वह नाले में गिर पड़ा। तेज जल प्रवाह उसे छोटे नाले से मुख्य नाले में बहाकर ले गया। जब तक अन्य बच्चे शोर मचाते और आसपास के लोग पहुंचते, तब तक मासूम आंखों से ओझल हो चुका था।
पूरी रात चला अभियान, बुधवार को फिर शुरू हुई तलाश
घटना की सूचना मिलते ही थाना पुलिस, नगर पालिका के कर्मचारी और प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंच गए। पूरी रात रेस्क्यू अभियान चलाया गया। बुधवार सुबह एक बार फिर एसडीआरएफ, पुलिस और प्रशासन की टीमों ने तलाश अभियान शुरू किया।
रेस्क्यू के दौरान दो जेसीबी (बैकहो लोडर) की मदद से नाले की सफाई कराई गई और कई स्थानों पर नाले को खंगाला गया, लेकिन बच्चे का कोई पता नहीं चल सका।
गरीब परिवार पर टूटा दुखों का पहाड़
प्रीत के पिता नंदराम प्रजापति ने बताया कि उसकी मां कई वर्ष पहले उसे छोड़कर चली गई थी। तब से उसकी दादी ही उसका पालन-पोषण कर रही हैं। परिवार मिट्टी के बर्तन बनाकर और बेचकर किसी तरह गुजर-बसर करता है। घटना के बाद से पूरे परिवार का रो-रोकर बुरा हाल है।
अधिकारी मौके पर डटे रहे
घटना की सूचना मिलते ही नगर पालिका परिषद आंवला के अधिशासी अधिकारी प्रदीप गिरी सफाई कर्मचारियों और टीम के साथ मौके पर पहुंचे। नगर पालिका अध्यक्ष सैयद आबिद अली भी घटनास्थल पर पहुंचे।
रेस्क्यू अभियान की निगरानी के लिए एसडीएम सुशील कुमार मिश्र, तहसीलदार अतुल सेन सिंह, नायब तहसीलदार दीप्ति पाल, सीओ हेमंत उपाध्याय, लेखपाल तथा अन्य अधिकारी मौके पर मौजूद रहे। पीएसी और एसडीआरएफ की टीमों ने भी अभियान में भाग लिया।
जिलाधिकारी ने दिए लगातार निगरानी के निर्देश
जिलाधिकारी अविनाश सिंह ने बताया कि दिव्यांग बच्चे की तलाश के लिए कई टीमें लगातार अभियान चला रही हैं। मौके पर एसडीएम और सीओ मौजूद हैं। एसडीआरएफ की टीम को भी लगाया गया है और जल्द से जल्द बच्चे का पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है।
एसडीएम सुशील कुमार मिश्र ने बताया कि पीएसी सहित सभी संबंधित अधिकारी तहसील मुख्यालय पर मौजूद हैं। एसडीआरएफ की टीम ने संभावित स्थान को चिन्हित कर लिया है। बुधवार सुबह से दोबारा व्यापक स्तर पर रेस्क्यू अभियान शुरू किया गया है।
नगर पालिका परिषद आंवला के अधिशासी अधिकारी प्रदीप गिरी ने बताया कि दो जेसीबी और लगभग 60 कर्मचारियों की मदद से लगातार बच्चे की तलाश की जा रही है। अभी तक सफलता नहीं मिली है। भविष्य में ऐसे हादसों की पुनरावृत्ति रोकने के लिए खुले नालों को ढंकने की कार्रवाई की जाएगी।
वहीं, नगर पालिका अध्यक्ष सैयद आबिद अली ने बच्चे को खोजने अथवा उसकी सूचना देने वाले को 25 हजार रुपये का इनाम देने की घोषणा की है।