विजय नगर में सराफा व्यापारी पिता-पुत्र से मारपीट, सपा नेता के भाई का नाम सामने आने से गरमाया मामला
विजय नगर कॉलोनी में कार के सामने स्कार्पियो आने को लेकर हुए विवाद में सराफा व्यापारी शिवम गुप्ता समेत पिता-पुत्र और भतीजे से मारपीट का आरोप लगा है। मामले में सपा नेता व पूर्व दर्जा प्राप्त राज्यमंत्री के भाई का नाम सामने आया है। पीड़ित पक्ष ने हरीपर्वत थाने में सुनवाई नहीं होने और दूसरे पक्ष की ओर से धमकाने का आरोप लगाया। देर रात करीब दो बजे शिवम गुप्ता पक्ष की ओर से लिखित समझौता दिए जाने की बात सामने आई है।
कार के सामने स्कार्पियो आने से शुरू हुआ विवाद, पिता को बुलाने पर भतीजे से भी मारपीट का आरोप, हरीपर्वत थाने में सुनवाई को लेकर पीड़ितों ने उठाए सवाल
आगरा। हरीपर्वत थाना क्षेत्र की विजय नगर कॉलोनी में कार के सामने स्कार्पियो आने को लेकर शुरू हुआ विवाद मारपीट तक पहुंच गया। सराफा व्यापारी शिवम गुप्ता समेत पिता-पुत्र के साथ मारपीट किए जाने का आरोप लगाया गया है। मामले में एक सपा नेता और पूर्व दर्जा प्राप्त राज्यमंत्री के भाई का नाम सामने आने के बाद विवाद और चर्चा में आ गया है। घटना से जुड़ा वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है।
पीड़ित पक्ष के मुताबिक, विजय नगर कॉलोनी में कार से जाते समय उनकी कार के सामने एक स्कार्पियो आ गई थी। इसी बात को लेकर दोनों पक्षों में कहासुनी शुरू हुई। आरोप है कि विवाद बढ़ने पर शिवम गुप्ता के साथ मारपीट की गई। इसके बाद जब उन्होंने अपने पिता को मौके पर बुलाया तो उनके साथ भी कथित तौर पर मारपीट की गई। परिवार के एक भतीजे के साथ भी मारपीट किए जाने का आरोप लगाया गया है।
पीड़ितों का आरोप है कि घटना के बाद वे शिकायत लेकर हरीपर्वत थाने पहुंचे, लेकिन वहां उनकी शिकायत पर तत्काल कार्रवाई करने के बजाय उन्हें ही थाने में बैठा लिया गया। आरोप है कि दूसरे पक्ष के लोग भी थाने पहुंच गए और वहां कथित तौर पर उन्हें धमकाया गया। इसको लेकर पीड़ित पक्ष ने पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए हैं।
बताया गया है कि मारपीट से जुड़े घटनाक्रम का वीडियो भी सामने आया है। वीडियो में विवाद के दौरान लोगों के बीच कहासुनी और धक्का-मुक्की दिखाई देने का दावा किया जा रहा है। हालांकि, वायरल वीडियो की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हो सकी है। मामले में देर रात करीब दो बजे शिवम गुप्ता पक्ष की ओर से लिखित समझौता दिए जाने की बात सामने आई है। इसके बाद घटनाक्रम को लेकर स्थिति बदल गई। वहीं, पीड़ित पक्ष की ओर से पुलिस पर सुनवाई में भेदभाव किए जाने के आरोप लगाए जाने के कारण मामले ने तूल पकड़ लिया है।
इस पूरे प्रकरण में सपा नेता और पूर्व दर्जा प्राप्त राज्यमंत्री के भाई का नाम सामने आने से राजनीतिक प्रभाव को लेकर भी चर्चा शुरू हो गई है। हालांकि, किसी व्यक्ति की भूमिका अथवा आरोपों की पुष्टि जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी। पुलिस की ओर से मामले में क्या कार्रवाई की गई, यह भी आधिकारिक रूप से स्पष्ट होना बाकी है।
विजय नगर कॉलोनी में हुई इस घटना ने एक बार फिर थाने में शिकायत लेकर पहुंचने वाले पक्षों की सुनवाई और पुलिस की भूमिका को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं। अब पुलिस जांच और सामने आने वाले साक्ष्यों के आधार पर ही स्पष्ट होगा कि विवाद में किसकी भूमिका रही और घटनाक्रम की वास्तविक वजह क्या थी।