पीएम का नार्वे में मीडिया के सवाल नहीं लेने पर विवाद, विदेश मंत्रालय ने दिया कड़ा जवाब
नॉर्वे दौरे के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा मीडिया के सवाल नहीं लेने पर विवाद खड़ा हो गया।
ओस्लो। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के यूरोप दौरे के दौरान नॉर्वे में एक प्रेस कार्यक्रम के बाद सवाल-जवाब को लेकर माहौल गरमा गया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नॉर्वे के प्रधानमंत्री के साथ संयुक्त बयान तो दिया, लेकिन मीडिया के सवाल नहीं लिए। इसके बाद विदेश मंत्रालय की प्रेस वार्ता में नॉर्वे की एक पत्रकार ने भारत में मानवाधिकार और प्रेस की स्वतंत्रता को लेकर तीखे सवाल पूछे, जिस पर विदेश मंत्रालय के पश्चिमी मामलों के सचिव सिबी जॉर्ज ने कड़ा जवाब दिया।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इस समय पांच देशों के दौरे पर हैं। नॉर्वे उनकी इस यात्रा का चौथा पड़ाव है। इससे पहले वह संयुक्त अरब अमीरात, नीदरलैंड और स्वीडन का दौरा कर चुके हैं। नॉर्वे के बाद उन्हें इटली जाना है।
नॉर्वे की पत्रकार हेले लिंग ने सोशल मीडिया पर एक वीडियो साझा किया, जिसमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी संयुक्त बयान के बाद वहां से निकलते दिखाई दे रहे हैं। वीडियो में एक महिला की आवाज सुनाई देती है, जो पूछती है कि दुनिया की सबसे स्वतंत्र प्रेस के सवालों का जवाब क्यों नहीं दिया जा रहा। पत्रकार ने अपने संदेश में लिखा कि नॉर्वे प्रेस स्वतंत्रता सूचकांक में पहले स्थान पर है, जबकि भारत 157वें स्थान पर है। उन्होंने कहा कि सरकारों से सवाल पूछना पत्रकारों का काम है।
इस घटना के बाद विदेश मंत्रालय की प्रेस वार्ता में वही पत्रकार फिर मौजूद रहीं। उन्होंने सिबी जॉर्ज से पूछा कि दुनिया भारत पर भरोसा क्यों करे और क्या भारत में मानवाधिकार उल्लंघन बंद होंगे। उन्होंने यह भी पूछा कि क्या प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भारतीय मीडिया के कठिन सवालों का जवाब देना शुरू करेंगे।
सवालों के जवाब में सिबी जॉर्ज ने कहा कि भारत केवल एक देश नहीं, बल्कि पांच हजार साल पुरानी निरंतर सभ्यता है। उन्होंने कहा कि किसी भी देश की पहचान उसकी आबादी, सरकार, संप्रभुता और क्षेत्र से होती है और भारत इन सभी मूल्यों के साथ दुनिया में मजबूती से खड़ा है। उन्होंने कहा कि भारत ने दुनिया को बहुत कुछ दिया है और कोरोना महामारी के समय भारत ने खुद को दुनिया से अलग नहीं किया, बल्कि जरूरतमंद देशों की मदद के लिए आगे आया। यही भरोसा दुनिया को भारत पर विश्वास दिलाता है।