'उदयपुर फाइल्स' पर विवाद गहराया: रिलीज से पहले समर्थन और विरोध की सियासत तेज
नई दिल्ली। दर्जी कन्हैयालाल साहू हत्याकांड पर आधारित फिल्म फिल्म ‘उदयपुर फाइल्स’ की रिलीज से पहले देश भर में विवाद की स्थिति बन गई है। 11 जुलाई को देश-विदेश के 4000 सिनेमाघरों में रिलीज हो रही इस फिल्म को लेकर एक ओर जहां मुस्लिम संगठनों ने रोक लगाने की मांग की है, वहीं दूसरी ओर हिंदू संत समाज और कुछ राजनेता इसके समर्थन में सामने आए हैं। फिल्म के निर्माता अमित जानी हैं, जो स्वयं भी राजनीति और आंदोलनों में सक्रिय चेहरा रहे हैं।
-कन्हैयालाल दर्जी का परिवार भी उतरा मैदान में, धार्मिक और कानूनी मोर्चों पर बंटी फिल्म
-तीन हाईकोर्ट संग सुप्रीम कोर्ट तक पहुंचा मामला, 11 जुलाई को रिलीज होनी है यह फिल्म
कन्हैयालाल की पत्नी-बेटे कर रहे फिल्म का प्रचार
फिल्म की कहानी कन्हैयालाल साहू की हत्या, ज्ञानवापी विवाद, और नूपुर शर्मा प्रकरण जैसे संवेदनशील मामलों पर आधारित है। फिल्म को लेकर कन्हैयालाल की धर्मपत्नी और दोनों बेटों ने दो तीन पहले लखनऊ पहुंचकर फिल्म के समर्थन में अपनी बात रखी।
मौलाना अरशद मदनी ने हाई कोर्ट में लगाई रोक की याचिका
जमीयत उलेमा-ए-हिंद के प्रमुख मौलाना अरशद मदनी ने फिल्म की रिलीज पर रोक लगाने की माँग करते हुए दिल्ली हाईकोर्ट, गुजरात हाईकोर्ट और बॉम्बे हाईकोर्ट में याचिकाएं दायर की हैं। उनका कहना है कि फिल्म से सांप्रदायिक माहौल बिगड़ सकता है और यह समाज में विभाजन उत्पन्न कर सकती है।
सुप्रीम कोर्ट में दाखिल हुई याचिका, विरोधियों को जवाब
मदनी की याचिकाओं के विरोध में फिल्म निर्माता की ओर से सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल की गई है। यह याचिका सुप्रीम कोर्ट के अधिवक्ता पुलकित अग्रवाल के माध्यम से दायर की गई है, जिसमें मांग की गई है कि फिल्म को अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के तहत रिलीज होने दिया जाए।
संतों का समर्थन, सनातन महाकुंभ में उठा पोस्टर
इस फिल्म को पटना में हुए सनातन महाकुंभ में भी विशेष समर्थन मिला। महाकुंभ के मंच पर कन्हैयालाल साहू के पुत्र यश साहू ने फिल्म ‘उदयपुर फाइल्स’ का पोस्टर हाथ में लेकर वहां मौजूद संतों से आशीर्वाद लिया। इस दौरान आचार्य धीरेन्द्र शास्त्री ने खुले मंच से कहा, हम 11 जुलाई को आ रही उदयपुर फाइल्स का स्वागत करते हैं, हमें इसका इंतजार है।
टाइगर राजा सिंह ने दिया समर्थन, विरोधियों पर बरसे
हैदराबाद के हिंदूवादी नेता और हाल ही में बीजेपी से इस्तीफा देने वाले विधायक और टाइगर के नाम से मशहूर राजा सिंह ने भी फिल्म का समर्थन किया है। उन्होंने बयान दिया, जो मुसलमान इस फिल्म का विरोध कर रहे हैं, उनका विरोध होना चाहिए। यह फिल्म हर भारतवासी को देखनी चाहिए।
अब निगाहें रिलीज पर, बढ़ती सियासी गर्मी
अब देखना यह है कि क्या यह फिल्म आगामी 11 जुलाई को जब सिनेमाघरों में उतर पाएगी या कानूनी पचड़ों में फंस जाएगी। हालांकि अभी किसी कोर्ट से फिल्म की रिलीज पर स्टे जैसा कोई आर्डर नहीं आया है। फिलहाल फिल्म एक धार्मिक, राजनीतिक और सामाजिक बहस का केंद्र बन चुकी है।