कर्नाटक में डीके शिवकुमार को पहला तगड़ा झटका, नाराज रामलिंगा रेड्डी ने की बगावत, मंत्री पद से दिया इस्तीफा  

कर्नाटक में सत्ता संभालते ही डीके शिवकुमार को बड़ा झटका लगा है। कर्नाटक कांग्रेस का असंतोष अब जगजाहिर हो चुका है। मनचाहा विभाग नहीं मिलने से नाराज चल रहे सीनियर कांग्रेस नेता रामलिंगा रेड्डी ने मंत्री पद छोड़ दिया है। उन्होंने डीके शिवकुमार कैबिनेट से इस्तीफा दे दिया है।

Jun 5, 2026 - 10:21
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कर्नाटक में डीके शिवकुमार को पहला तगड़ा झटका, नाराज रामलिंगा रेड्डी ने की बगावत, मंत्री पद से दिया इस्तीफा  

बेंगलुरू। कर्नाटक के नए मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार को पहला तगड़ा झटका लगा है। सीएम बनने के बाद डीके शिवकुमार को अपने ही सीनियर साथी ने झटका दिया है। मनचाहा मंत्री पद न मिलने से नाराज चल रहे रामलिंगा रेड्डी ने मंत्री पद छोड़ दिया है। उन्होंने मीडिया के सामने आकर डीके शिवकुमार की कैबिनेट से इस्तीफा दे दिया है। इस तरह से कर्नाटक की डीके शिवकुमार सरकार में दरार प़ड़ गई है। कर्नाटक के मुख्यमंत्री के रूप में डीके शिवकुमार के शपथ लेने और नई कैबिनेट के गठन के कुछ ही दिन बाद सरकार के भीतर असंतोष दिखा है।
 

सीनियर कांग्रेस नेता और कर्नाटक के मंत्री रामलिंगा रेड्डी विभागों के बंटवारे को लेकर नाराज हैं। इसी कारण से उन्होंने इस्तीफा दिया है। सूत्रों की मानें तो रामलिंगा रेड्डी को बेंगलुरु विकास विभाग न मिलने और मेजर व मीडियम सिंचाई विभाग दिए जाने से वे नाराज हैं। सूत्रों का कहना है कि रामलिंगा रेड्डी को 2023 से ही बेंगलुरु विकास विभाग देने का आश्वासन दिया गया था। हालांकि, कर्नाटक सरकार के सबसे प्रभावशाली विभागों में से एक माने जाने वाला यह विभाग अब मंत्री कृष्णा बैरे गौड़ा को सौंप दिया गया है।

कर्नाटक के मंत्री रामालिंगा रेड्डी ने अपने इस्तीफे पर कहा, ‘मैं अभी भी कांग्रेस पार्टी में हूं। मैंने पार्टी से इस्तीफ़ा नहीं दिया है। मैं पिछले 53 सालों से कांग्रेस पार्टी में हूं। मैंने पार्टी में कई ज़िम्मेदारियां निभाई हैं। मैंने पूर्व मुख्यमंत्री एम. वीरप्पा मोइली और एस.एम. कृष्णा समेत कई मुख्यमंत्रियों की कैबिनेट में मंत्री के तौर पर काम किया है। मैंने कभी किसी से मंत्री पद नहीं मांगा।’