क्षमावाणी महापर्व में पहुंचे राज्यपाल संतोष गंगवार, दिया क्षमा और सद्भाव का संदेश

छीपीटोला स्थित श्री पार्श्वधाम, बालूगंज में पर्युषण महापर्व के समापन पर पारंपरिक क्षमावाणी महापर्व समारोह आयोजित हुआ। मुनिश्री समत्वसागर जी महाराज, मुनिश्री शीलसागर जी महाराज और मुनिश्री सुप्रभात सागर जी महाराज ससंघ के सान्निध्य में हुए कार्यक्रम में झारखंड के राज्यपाल संतोष गंगवार मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। राज्यसभा सांसद नवीन जैन ने उनका स्वागत-सम्मान किया। संतों और अतिथियों ने क्षमा, अहिंसा, मैत्री और भाईचारे को जीवन में अपनाने का संदेश दिया। कार्यक्रम में शास्त्रों का विमोचन हुआ और जैन समाज के लोगों ने एक-दूसरे से क्षमा मांगकर क्षमावाणी पर्व मनाया।

Sep 27, 2026 - 18:30
Sep 27, 2026 - 23:27
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क्षमावाणी महापर्व में पहुंचे राज्यपाल संतोष गंगवार, दिया क्षमा और सद्भाव का संदेश
राज्यसभा सांसद नवीन जैन झारखंड के राज्यपाल संतोष गंगवार का स्वागत करते हुए।

छीपीटोला में संतों के सान्निध्य में उमड़ा जैन समाज, राज्यसभा सांसद नवीन जैन ने किया राज्यपाल का स्वागत, मुनिश्री समत्वसागर जी महाराज ने बताया क्षमा को आत्मशुद्धि का मार्ग

आगरा। पर्युषण महापर्व के समापन अवसर पर श्री 1008 पार्श्वनाथ दिगंबर जैसवाल जैन उपरोंचिया पंचायती मंदिर, छीपीटोला के तत्वावधान में रविवार को पारंपरिक क्षमावाणी महापर्व समारोह श्रद्धा, भक्ति और उल्लास के साथ आयोजित किया गया। छीपीटोला स्थित श्री पार्श्वधाम, बालूगंज में हुए समारोह में जैन समाज के बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए। पूरे आयोजन के दौरान क्षमा, प्रेम, मैत्री, करुणा और भाईचारे का संदेश गूंजता रहा।

समारोह युवा प्रणेता मुनिश्री समत्वसागर जी महाराज, मुनिश्री शीलसागर जी महाराज एवं मुनिश्री सुप्रभात सागर जी महाराज ससंघ के मंगल सान्निध्य में संपन्न हुआ। कार्यक्रम का शुभारंभ महिलाओं द्वारा प्रस्तुत भक्तिगीत एवं मंगलाचरण से हुआ। इसके बाद संतों के सान्निध्य में धार्मिक एवं आध्यात्मिक कार्यक्रम आयोजित किए गए।

समारोह में झारखंड के राज्यपाल संतोष गंगवार मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। उनकी मौजूदगी से कार्यक्रम की गरिमा बढ़ी। राज्यसभा सांसद नवीन जैन ने भी समारोह में सहभागिता की और समस्त जैन समाज की ओर से राज्यपाल संतोष गंगवार का स्वागत-सम्मान कर उन्हें क्षमावाणी पर्व की शुभकामनाएं दीं।

क्षमावाणी अंतर्मन को निर्मल करने का पर्व : नवीन जैन

समारोह को संबोधित करते हुए राज्यसभा सांसद नवीन जैन ने कहा कि क्षमावाणी केवल धार्मिक परंपरा नहीं, बल्कि अपने अंतर्मन को निर्मल करने, अहंकार और द्वेष का त्याग करने तथा सभी जीवों के प्रति मैत्रीभाव स्थापित करने का पर्व है। जैन धर्म की यह परंपरा व्यक्ति को अपने भीतर झांकने और अपने व्यवहार एवं कर्मों का आत्ममंथन करने की प्रेरणा देती है। उन्होंने कहा कि ‘मिच्छामि दुक्कडम्’ का भाव हमें यह सिखाता है कि जाने-अनजाने में हुई भूलों के लिए हृदय से क्षमा मांगें और दूसरों की गलतियों को भी खुले मन से क्षमा करें। क्षमा का भाव मनुष्य को भीतर से मजबूत बनाता है और समाज में आपसी प्रेम एवं भाईचारे को बढ़ाता है।

नवीन जैन ने कहा कि भगवान महावीर के सिद्धांतों में सत्य, अहिंसा, संयम, करुणा और अपरिग्रह का विशेष महत्व है। वर्तमान समय में जब समाज और दुनिया विभिन्न प्रकार के तनाव एवं मतभेदों से गुजर रही है, ऐसे में जैन संतों का संदेश और जैन दर्शन की शिक्षाएं शांति, सद्भाव और मानवता का मार्ग दिखाने का कार्य कर सकती हैं। उन्होंने कहा कि धर्म केवल पूजा-पाठ तक सीमित नहीं है। धर्म का वास्तविक उद्देश्य मनुष्य के आचरण में सकारात्मक परिवर्तन लाना है। जब व्यक्ति अपने भीतर से क्रोध, अहंकार और द्वेष को कम करता है और प्रत्येक जीव के प्रति करुणा का भाव रखता है, तभी धर्म की वास्तविक भावना जीवन में दिखाई देती है।

क्षमा आत्मशुद्धि और मन की निर्मलता का मार्ग : मुनिश्री

मुनिश्री समत्वसागर जी महाराज ने अपने मंगल उद्बोधन में क्षमा के आध्यात्मिक महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि क्षमा केवल एक शब्द नहीं, बल्कि आत्मशुद्धि और मन की निर्मलता का मार्ग है। मनुष्य को अहंकार, क्रोध और वैमनस्य का त्याग कर प्रेम, करुणा और मैत्री की भावना को अपनाना चाहिए। उन्होंने कहा कि क्षमावाणी पर्व आपसी मनमुटाव को भुलाकर रिश्तों में मधुरता लाने और संबंधों को मजबूत करने की प्रेरणा देता है। क्षमा मांगना और क्षमा करना दोनों ही व्यक्ति को आत्मिक रूप से ऊंचा उठाते हैं।

क्षमा समाज को जोड़ने वाली भावना : राज्यपाल

मुख्य अतिथि झारखंड के राज्यपाल संतोष गंगवार ने कहा कि क्षमावाणी का पर्व भारतीय संस्कृति और आध्यात्मिक परंपरा में क्षमा, आत्मसंयम और सद्भाव के महत्व को रेखांकित करता है। क्षमा की भावना व्यक्ति और समाज दोनों को जोड़ने का कार्य करती है। उन्होंने जैन संतों के त्याग, तपस्या और संयम को समाज के लिए प्रेरणादायी बताया। उन्होंने कहा कि भगवान महावीर के अहिंसा और शांति के संदेश की प्रासंगिकता आज भी बनी हुई है। प्रेम, भाईचारे और सद्भाव को मजबूत करने में ऐसे धार्मिक एवं सामाजिक आयोजनों की महत्वपूर्ण भूमिका है।

राज्यपाल ने कहा कि क्षमा भारतीय जीवन-दर्शन की ऐसी भावना है, जो मनुष्य को अपनी कमियों को पहचानने और उन्हें दूर करने की प्रेरणा देती है। क्षमावाणी जैसे पर्व केवल धार्मिक आयोजनों तक सीमित नहीं हैं, बल्कि समाज में आपसी विश्वास, सहयोग और सद्भाव को मजबूत करने का माध्यम भी हैं। ऐसे आयोजनों से नई पीढ़ी को भारतीय संस्कृति, आध्यात्मिक मूल्यों और भगवान महावीर के सिद्धांतों से जोड़ने का अवसर मिलता है।

चित्र अनावरण, दीप प्रज्ज्वलन और शास्त्रों का विमोचन

समारोह के दौरान आगरा के श्रेष्ठियों द्वारा चित्र अनावरण एवं दीप प्रज्ज्वलन किया गया। इसके बाद मुनिश्री समत्वसागर जी महाराज के समक्ष शास्त्र भेंट किए गए। इस अवसर पर मुनिश्री द्वारा रचित शास्त्रों का विमोचन भी किया गया। सांसद नवीन जैन ने धार्मिक ग्रंथों और शास्त्रों को समाज की समृद्ध ज्ञान परंपरा का महत्वपूर्ण आधार बताया। उन्होंने कहा कि इनमें निहित विचार व्यक्ति को आत्मचिंतन, संयम और सदाचार की दिशा में आगे बढ़ाते हैं। संतों द्वारा धर्म और साहित्य के माध्यम से समाज को ज्ञान देने का कार्य आने वाली पीढ़ियों के लिए भी मार्गदर्शक है।

एक-दूसरे से मांगी क्षमा, दिया मैत्री का संदेश

कार्यक्रम के समापन अवसर पर जैन समाज के लोगों ने क्षमावाणी पर्व की परंपरा के अनुरूप एक-दूसरे से क्षमा याचना की। श्रद्धालुओं ने आपसी मनमुटाव और गिले-शिकवों को भुलाकर प्रेम, मैत्री और सद्भाव के साथ आगे बढ़ने का संकल्प लिया। पूरे आयोजन में भक्ति और आध्यात्मिकता से ओतप्रोत वातावरण देखने को मिला। समारोह में मंदिर अध्यक्ष मनोज जैन बल्लो, महामंत्री राजीव जैन, उपमंत्री संजीव जैन, अक्षय जैन, दीपक जैन बोतल वाले, हेमंत जैन, सतेन्द्र जैन, प्रवीन जैन नेता, आयुष जैन, मीडिया प्रभारी शुभम जैन सहित छीपीटोला जैन समाज के पदाधिकारी, महिलाएं, युवा और बड़ी संख्या में श्रद्धालु मौजूद रहे।

संदेश जैन के आवास पर पहुंचे झारखंड के राज्यपाल संतोष गंगवार, आगरा की यादें कीं साझा

संदेश जैन के आवास पर राज्यपाल संतोष गंगवार का स्वागत करते संदेश जैन, राज कुमार जैन और अन्य। 

आगरा। आगरा के दौरे पर आए झारखंड के राज्यपाल संतोष गंगवार रविवार को अपने व्यस्त कार्यक्रम के बीच समय निकालकर सामाजिक कार्यकर्ता संदेश जैन के आवास पर पहुंचे। यहां उनका जोशीला स्वागत किया गया। इस दौरान राज्यपाल ने आगरा से जुड़ी अपनी पुरानी यादें ताजा कीं और आगरा विकास मंच की ओर से किए जा रहे सेवा कार्यों की सराहना करते हुए स्व. अशोक जैन का स्मरण किया।

राज्यपाल संतोष गंगवार ने आगरा से अपने जुड़ाव और पुरानी यादों को साझा किया। उन्होंने सामाजिक क्षेत्र में किए जा रहे सेवा कार्यों की चर्चा करते हुए आगरा विकास मंच के प्रयासों की सराहना की।

इस अवसर पर संदेश जैन ने राज्यपाल का स्वागत एवं बहुमान किया। स्वागत करने वालों में राज कुमार जैन, रमेश जैन (बरेली), सुनील जैन, अरुण अग्रवाल सीए, जयराम दास आदि शामिल रहे।