भव्य मंदिर गेट से निखरेगा ट्रांस यमुना के चंद्र प्रभु जैन मंदिर का स्वरूप
ट्रांस यमुना कॉलोनी स्थित श्री 1008 चंद्र प्रभु दिगंबर जैन पंचायती मंदिर को भव्य स्वरूप देने की तैयारी शुरू हो गई है। मंदिर समिति ने क्षेत्रीय विधायक डॉ. धर्मपाल सिंह को पत्र सौंपकर मुख्य प्रवेश द्वार के निर्माण की मांग की है। समिति का कहना है कि मंदिर गेट बनने से धार्मिक स्थल की भव्यता और क्षेत्र की सांस्कृतिक पहचान को मजबूती मिलेगी। वहीं, मंदिर परिसर में कलशाभिषेक एवं क्षमावाणी महोत्सव में समाजबंधुओं ने एक-दूसरे से क्षमा मांगकर प्रेम, सद्भाव, भाईचारे और अहिंसा का संदेश दिया।
मंदिर समिति ने विधायक डॉ. धर्मपाल सिंह को सौंपा पत्र, मुख्य प्रवेश द्वार निर्माण की रखी मांग, क्षमावाणी महोत्सव में दिया क्षमा और अहिंसा का संदेश
आगरा। ट्रांस यमुना कॉलोनी स्थित श्री 1008 चंद्र प्रभु दिगंबर जैन पंचायती मंदिर को भव्य और आकर्षक स्वरूप देने की दिशा में मंदिर समिति ने पहल शुरू कर दी है। मंदिर समिति की ओर से क्षेत्रीय विधायक डॉ. धर्मपाल सिंह को पत्र सौंपकर मंदिर के लिए भव्य मुख्य प्रवेश द्वार (मंदिर गेट) के निर्माण की मांग की गई है। समिति पदाधिकारियों का कहना है कि भव्य प्रवेश द्वार बनने से मंदिर की सुंदरता और पहचान में निखार आएगा तथा ट्रांस यमुना क्षेत्र की धार्मिक एवं सांस्कृतिक पहचान को भी मजबूती मिलेगी।
समिति पदाधिकारियों ने विधायक को दिए पत्र में बताया कि मंदिर में प्रतिदिन बड़ी संख्या में श्रद्धालु दर्शन और पूजा-अर्चना के लिए पहुंचते हैं। धार्मिक पर्वों, अनुष्ठानों और विशेष आयोजनों के दौरान जैन समाज के बड़ी संख्या में लोग मंदिर परिसर में एकत्र होते हैं। ऐसे में मंदिर का भव्य और कलात्मक मुख्य प्रवेश द्वार श्रद्धालुओं के स्वागत के साथ धार्मिक स्थल की विशिष्ट पहचान को भी सामने लाएगा।
मंदिर के विकास और सौंदर्यीकरण पर जोर
मंदिर समिति ने कहा कि मंदिर केवल पूजा-अर्चना का स्थान नहीं है, बल्कि क्षेत्र में जैन समाज की धार्मिक, सामाजिक और सांस्कृतिक गतिविधियों का प्रमुख केंद्र भी है। मंदिर के सौंदर्यीकरण और आधारभूत सुविधाओं के विकास से धार्मिक आयोजनों को बेहतर तरीके से संचालित करने में मदद मिलेगी। समिति का कहना है कि प्रस्तावित मुख्य प्रवेश द्वार मंदिर की भव्यता बढ़ाने के साथ आने वाली पीढ़ियों को भी अपनी धार्मिक एवं सांस्कृतिक विरासत से जोड़ने का माध्यम बनेगा। समिति ने मंदिर के विकास कार्यों को चरणबद्ध तरीके से आगे बढ़ाने की प्रतिबद्धता भी जताई।
क्षमावाणी महोत्सव में गूंजा क्षमा और अहिंसा का संदेश
मंदिर परिसर में वार्षिक कलशाभिषेक एवं क्षमावाणी महोत्सव का आयोजन भी धार्मिक श्रद्धा और उत्साह के साथ किया गया। श्रद्धालुओं ने भगवान श्री चंद्र प्रभु के प्रति आस्था व्यक्त करते हुए धार्मिक अनुष्ठानों में सहभागिता की। इस दौरान मंदिर परिसर भक्तिमय वातावरण से सराबोर रहा। क्षमावाणी पर्व के दौरान “क्षमावीरस्य भूषणम्, क्षमा वीरों का आभूषण है” का संदेश प्रमुखता से दिया गया। समाजबंधुओं ने एक-दूसरे से क्षमा याचना करते हुए मन-मुटाव भुलाने और आपसी प्रेम, सद्भाव तथा भाईचारे को मजबूत करने का संकल्प लिया। कार्यक्रम में अहिंसा, संयम और क्षमा को जैन धर्म की मूल भावना के रूप में आत्मसात करने का संदेश दिया गया। समिति परिवार की ओर से शीतल प्रसाद जैन एवं जितेंद्र जैन ‘बंटी’ ने समाजबंधुओं को क्षमावाणी पर्व की शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि क्षमा वीरों का आभूषण है और क्षमा की भावना समाज में प्रेम, सौहार्द और भाईचारे को मजबूत करती है।
नई कार्यकारिणी ने संभाली जिम्मेदारी
श्री 1008 चंद्र प्रभु दिगंबर जैन पंचायती मंदिर समिति की नवनिर्वाचित कार्यकारिणी में जितेंद्र जैन ‘बंटी’ को अध्यक्ष, धर्मेंद्र कुमार जैन को महामंत्री, राजीव जैन को कोषाध्यक्ष और विप्लव जैन को प्रचार मंत्री की जिम्मेदारी दी गई है। नवनिर्वाचित कार्यकारिणी ने मंदिर के धार्मिक आयोजनों को व्यवस्थित रूप से संचालित करने, समाज को एकजुट करने और मंदिर के विकास एवं सौंदर्यीकरण से जुड़े कार्यों को आगे बढ़ाने पर जोर दिया। पदाधिकारियों ने कहा कि सामूहिक प्रयासों से मंदिर को और बेहतर स्वरूप देने के साथ समाज की धार्मिक गतिविधियों को भी नई गति दी जाएगी।
धार्मिक परंपराओं को नई पीढ़ी तक पहुंचाने का संकल्प
समिति पदाधिकारियों ने कहा कि जैन मंदिर धार्मिक आस्था के साथ-साथ समाज की सांस्कृतिक चेतना का भी केंद्र होते हैं। यहां आयोजित होने वाले धार्मिक कार्यक्रम नई पीढ़ी को अपनी परंपराओं, संस्कारों और अहिंसा के सिद्धांतों से जोड़ने का काम करते हैं। मंदिर के विकास और सौंदर्यीकरण से इन गतिविधियों को और व्यापक रूप देने में सहायता मिलेगी।
इस अवसर पर अध्यक्ष जितेंद्र जैन ‘बंटी’, महामंत्री धर्मेंद्र कुमार जैन, राजीव जैन, विप्लव जैन, प्रशांत जैन, संदीप जैन, मोहित जैन, आशीष जैन, अंकित जैन, शेखर जैन, पंकज जैन, दिनेश बाबू जैन, कैलाश चंद जैन तथा श्रीमती प्रीति जैन, पारुल जैन, खुशबू जैन, शिप्रा जैन, सोनम जैन, संगीता जैन एवं शर्मिष्ठा जैन सहित बड़ी संख्या में समाजजन मौजूद रहे।