ताजमहल की सुरक्षा पर हाई अलर्ट, विस्फोटक होने की परिकल्पना पर हुआ मेगा मॉक ड्रिल

आगरा के ताजमहल के पश्चिमी गेट पर शुक्रवार को लावारिस बैग में विस्फोटक सामग्री होने की काल्पनिक स्थिति पर आधारित बहु-एजेंसी मॉक ड्रिल आयोजित की गई। सुबह 10:40 से 11:50 बजे तक चले इस अभ्यास में CISF, उत्तर प्रदेश पुलिस, ASI, अग्निशमन सेवा, BDDS, डॉग स्क्वाड, LIU, SIS और मेडिकल टीम ने भाग लिया। संदिग्ध बैग मिलने की सूचना के बाद क्षेत्र को खाली कराया गया, जांच की गई और विस्फोटक के सुरक्षित निस्तारण की प्रक्रिया का अभ्यास किया गया। ड्रिल का उद्देश्य ताजमहल की सुरक्षा व्यवस्था, एजेंसियों के समन्वय और आपातकालीन प्रतिक्रिया क्षमता का परीक्षण करना था।

Jul 31, 2026 - 15:19
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ताजमहल की सुरक्षा पर हाई अलर्ट, विस्फोटक होने की परिकल्पना पर हुआ मेगा मॉक ड्रिल
ताजमहल पर मॉक ड्रिल करते सुरक्षाकर्मी।

आगरा। विश्व धरोहर ताजमहल की सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक मजबूत एवं आपात परिस्थितियों में विभिन्न एजेंसियों की तत्परता परखने के उद्देश्य से शुक्रवार को ताजमहल के पश्चिमी गेट के प्री-सिक्योरिटी एरिया में एक बहु-एजेंसी मॉक ड्रिल का आयोजन किया गया। इस अभ्यास में लावारिस बैग में विस्फोटक सामग्री होने की काल्पनिक स्थिति तैयार कर सुरक्षा एजेंसियों की प्रतिक्रिया, समन्वय और मानक संचालन प्रक्रिया (SOP) के पालन का परीक्षण किया गया। यह मॉक ड्रिल सुबह 10:40 बजे से 11:50 बजे तक आयोजित की गई। अभ्यास के दौरान ताजमहल आने वाले पर्यटकों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए सभी प्रक्रियाएं पूर्व निर्धारित सुरक्षा मानकों के अनुरूप संचालित की गईं।

संदिग्ध बैग मिलने की सूचना से शुरू हुआ अभ्यास

मॉक ड्रिल की शुरुआत उस समय हुई जब पश्चिमी गेट के प्री-सिक्योरिटी क्षेत्र में एक संदिग्ध लावारिस बैग दिखाई देने की सूचना कंट्रोल रूम को दी गई। सूचना मिलते ही सुरक्षा व्यवस्था सक्रिय हो गई और सभी संबंधित एजेंसियों तथा ड्यूटी पर तैनात अधिकारियों को तत्काल अलर्ट जारी किया गया। निर्धारित SOP के अनुसार सबसे पहले पूरे क्षेत्र की घेराबंदी (Cordon Off) की गई। सुरक्षा के मद्देनजर आसपास के क्षेत्र को खाली कराया गया तथा आम लोगों की आवाजाही पूरी तरह रोक दी गई। इसके साथ ही किसी भी संभावित खतरे से निपटने के लिए सुरक्षा एजेंसियों ने अपने-अपने निर्धारित दायित्वों का तत्काल निर्वहन शुरू कर दिया।

डॉग स्क्वाड और बीडीडीएस ने की जांच

घटनास्थल पर पहुंची सीआईएसएफ की बम निरोधक एवं निस्तारण टीम (BDDS) तथा डॉग स्क्वाड ने संदिग्ध बैग की गहन जांच की। जांच के दौरान बैग में विस्फोटक सामग्री होने की परिकल्पना के अनुसार कार्रवाई आगे बढ़ाई गई। इसके बाद उत्तर प्रदेश पुलिस के BDDS ने निर्धारित सुरक्षा मानकों एवं SOP का पालन करते हुए विस्फोटक सामग्री के सुरक्षित निस्तारण (Disposal) की पूरी प्रक्रिया का अभ्यास किया। पूरे अभियान के दौरान सुरक्षा घेरे को बनाए रखा गया और सभी गतिविधियां नियंत्रित वातावरण में संपन्न हुईं।

कई एजेंसियों ने निभाई अहम भूमिका

इस हाई-लेवल मॉक ड्रिल में सीआईएसएफ, उत्तर प्रदेश पुलिस, भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (ASI), अग्निशमन सेवा, सीआईएसएफ एवं यूपी पुलिस के बीडीडीएस, डॉग स्क्वाड, एसआईएस, एलआईयू तथा मेडिकल टीम सहित कई एजेंसियों ने सक्रिय भागीदारी निभाई। अभ्यास के दौरान सभी एजेंसियों के बीच बेहतर समन्वय, त्वरित प्रतिक्रिया, सूचना का प्रभावी आदान-प्रदान और संकट की स्थिति में संयुक्त कार्रवाई की क्षमता का सफल प्रदर्शन देखने को मिला।

कमांडेंट के निर्देशन में हुआ आयोजन

पूरी मॉक ड्रिल का संचालन सीआईएसएफ यूनिट ताजमहल, आगरा के कमांडेंट ऋषि कौशिक के निर्देशन में किया गया। अभ्यास समाप्त होने के बाद सभी संबंधित अधिकारियों एवं एजेंसियों के साथ डी-ब्रीफिंग सत्र आयोजित किया गया, जिसमें ड्रिल के दौरान अपनाई गई रणनीति, प्रतिक्रिया, समन्वय, चुनौतियों और भविष्य में सुधार के बिंदुओं पर विस्तार से चर्चा की गई। अधिकारियों ने बताया कि इस प्रकार के नियमित मॉक ड्रिल का उद्देश्य किसी भी संभावित आपात स्थिति में सुरक्षा बलों की तैयारियों को परखना, विभिन्न एजेंसियों के बीच बेहतर तालमेल विकसित करना तथा ताजमहल जैसे संवेदनशील और अंतरराष्ट्रीय महत्व के पर्यटन स्थल की सुरक्षा को और अधिक प्रभावी बनाना है। पूरी मॉक ड्रिल शांतिपूर्ण, व्यवस्थित और सफलतापूर्वक संपन्न हुई तथा अपने सभी निर्धारित उद्देश्यों को प्रभावी रूप से हासिल किया।