विशेष

नीयत नेक, लेकिन व्यवस्था कमजोरः नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल ...

पर्यावरण संरक्षण के उद्देश्य से 2010 में गठित नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (NGT) से ते...

त्योहारों की तिथियों में बढ़ता भ्रम: एक ही आस्था, अलग-अ...

-डॊ. (लेफ्टिनेंट कर्नल) राजेश चौहान- होलिका दहन हो या दुल्हडी, दीपावली हो या ...

युद्ध, अहंकार और यथार्थ: क्यों भारत को रहना चाहिए इससे दूर

अमेरिका, इज़राइल और ईरान के बीच टकराव सिर्फ युद्ध नहीं बल्कि विचारधाराओं और अहंक...

भारत में मरम्मत संस्कृति की मौत और ई-वेस्ट का पहाड़: क्...

भारत में तेजी से खत्म होती मरम्मत संस्कृति और बढ़ता ई-वेस्ट संकट का विषय बन चुका...

पानी की संभावित जंग से पहले चेतो: आज बचाओगे, तभी बच पाए...

बढ़ते वैश्विक तनाव और संसाधनों की होड़ के बीच भविष्य में पानी को लेकर संभावित सं...

रामायण और महाभारत काल से आज तक: इतिहास, भूगोल और धर्म क...

इतिहास और पौराणिक कथाएं बताती हैं कि संघर्ष और नैतिक चुनौतियां पहले भी थीं और आज...

नारे की ताकत: जब शब्द बनते हैं चिंगारी और भीड़ बन जाती ...

नारे कम शब्दों में बड़ी चेतना जगाने वाली शक्ति होते हैं, जो भीड़ को एकजुट कर आंद...

कानून बनाम रिश्ते: सेक्स, शादी और दहेज के बीच उलझती आज़...

भारतीय समाज और न्याय व्यवस्था के बीच बढ़ता टकराव अब साफ दिखने लगा है। हालिया अदा...

तीर कमान की जगह ड्रोन और मिसाइल आ गईं, लेकिन इंसान में ...

पश्चिम एशिया में बढ़ते युद्ध और विनाश ने इंसानियत को गहरे संकट में डाल दिया है, ...

राखी गुलजार से राखी सावंत तक: सिनेमा का सफर- जहां कभी स...

पहले के कलाकार सिर्फ अभिनेता नहीं, एक एहसास और प्रेरणा हुआ करते थे—जिनकी अदाकारी...