महंगाई का फिर लगा तड़का, बिगड़ा रसोई का बजट, अब घरेलू सिलेंडर भी हुआ महंगा
सरकार ने पेट्रोल-डीजल, सीएनजी और कमर्शियल सिलेंडर के बाद अब घरेलू एलपीजी सिलेंडर के दाम भी बढ़ा दिए हैं। अब एक सिलेंडर 942 रुपये में मिलेगा। इसमें 29 रुपये की बढ़ोतरी की गई है।
नई दिल्ली। देश में महंगाई ने आम आदमी का दम घोंट दिया है। जरूरत का सामान दिन पर दिन महंगा हो रहा है। दूध, पेट्रोल-डीजल और सीएनजी के बाद अब देश में घरेलू एलपीजी सिलेंडर के दाम भी बढ़ा दिए गए हैं। सूत्रों ने बताया है कि गैस कंपनियों ने एलपीजी सिलेंडर के दाम में 29 रुपए का इजाफा कर दिया है, जिसके बाद अब घरेलू सिलेंडर की कीमत 942 रुपए हो गई है।
14.2 किलो वाले घरेलू एलपीजी गैस सिलेंडर के दाम अब 942 रुपए हो गए हैं। वहीं 5 किलो वाले सिलेंडर का रेट 339 रुपए है। इसके अलावा 19 किलो वाले कमर्शियल सिलेंडर की कीमत 3 हजार 113 रुपए 50 पैसे पर कायम है।
पेट्रोल-डीजल के दाम बढ़ने के साथ ही एलपीजी घेरलू सिलेंडर के दाम बढ़ने के कयास भी लगने शुरू हो गए थे। 28 फरवरी को शुरू हुए ईरान युद्ध की वजह से सप्लाई में आई दिक्कतों के बावजूद भी घरेलू एलपीजी सिलेंडर के दाम नहीं बढ़ाए गए थे। सरकार ने एक मई को कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर की कीमतों में इजाफा किया था। कमर्शियल सिलेंडर 993 रुपए और पांच किलो वाले सिलेंडर के दाम में 261 रुपए की बढ़ोतरी की गई थी। इसके बाद एक जून को कमर्शियल सिलेंडर 42 रुपए महंगा हुआ था।
एलपीजी गैस सिलेंडर की सप्लाई को लेकर पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने एक आधिकारिक बयान में कहा कि सप्लाई पूरी तरह सामान्य है। संकट के बावजूद किसी भी रिटेल गैस एजेंसी पर गैस खत्म होने की स्थिति सामने नहीं आई है। साथ ही मंत्रालय ने कहा कि एलपीजी गैस सिलेंडर की जमाखोरी और कालाबाजारी रोकने के लिए देश भर में लगातार कार्रवाई जारी है।
सरकार का कहना है कि होर्मुज संकट के बावजूद देश भर में पेट्रोलियम उत्पादों और एलपीजी की बिना बाधा उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए जरूरी कदम उठाए जा रहे हैं। साथ ही सभी रिफाइनरियां उच्च क्षमता पर काम कर रही हैं और उनके पास कच्चे तेल का पर्याप्त भंडार मौजूद है। रिफाइनरियों में स्थानीय एलपीजी उत्पादन भी बढ़ाया गया है।
सरकार ने ऑनलाइन बुकिंग को लेकर भी बयान दिया है। सरकार का कहना है कि रसोई गैस की ऑनलाइन बुकिंग बढ़कर 99 प्रतिशत तक पहुंच गई है। ग्राहकों के रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर पर भेजे गए ऑथेंटिकेशन कोड के आधार पर 95 प्रतिशत डिलीवरी की जा रही है, ताकि डिस्ट्रीब्यूटर स्तर पर गैस की हेराफेरी रोकी जा सके।