ईयू उपाध्यक्ष से इशाक डार ने लगाई गुहार, सिंधु जल संधि के निलंबन से पाक संकट में, कश्मीर का राग भी अलापा
काजा कल्लास ने इस्लामाबाद में कहा है कि क्षेत्रीय और वैश्विक स्थिरता के संबंध में पाकिस्तान और यूरोपीय संघ की प्राथमिकताएं एक समान हैं। उन्होंने पाकिस्तान को एक प्रमुख क्षेत्रीय शक्ति बताया है।
इस्लामाबाद। पाकिस्तान सरकार ने यूरोपीयन कमीशन (ईयू) की शीर्ष राजनयिक के सामने सिंधु जल संधि के निलंबन का मामला उठाया। साथ ही कश्मीर पर फिर एक बार पुराना राग अलापा है। पाकिस्तान के विदेश मंत्री और डिप्टी सीएम इशाक डार ने यूरोपीय संघ की उपाध्यक्ष काजा कल्लास के सामने यह बातें उठाई हैं। काजा इस समय इस्लामाबाद के दौरे पर हैं। पाकिस्तान उनकी इस यात्रा को अपने भारत विरोध के लिए इस्तेमाल करने की कोशिश में लगा है।
इशाक डार ने सोमवार को अपने बयान में कहा कि उन्होंने कश्मीर के मुद्दे पर काजा कल्लास को पाकिस्तान की चिंताओं से अवगत कराया है। डार ने कहा कि उन्होंने काजा से संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के प्रस्तावों के अनुरूप कश्मीर विवाद के समाधान की वकालत की है। उन्होंने दावा किया कि काजा ने पूरे मुद्दे को ध्यान से सुना है।
पाकिस्तानी विदेश मंत्रालय ने बताया कि इशाक डार ने ईयू की उच्च प्रतिनिधि काजा को सिंधु जल संधि पर पाकिस्तान के रुख के बारे में जानकारी दी है। डार ने कथित स्थायी मध्यस्थता न्यायालय के इस मुद्दे पर आए आदेशों और रतले और किशनगंगा जलविद्युत संयंत्रों से जुड़े विवादों पर भी बात की और पाकिस्तान के साथ अन्याय होने का दावा किया।
डार ने काजा कल्लास के सामने दावा किया कि सिंधु जल संधि की कार्यवाही के दौरान मध्यस्थता न्यायालय ने इस्लामाबाद के रुख को सही माना है। उन्होंने कहा कि सिंधु संधि पर भारत एकतरफा फैसला नहीं ले सकता है क्योंकि इससे पाकिस्तान संकट में आता है। भारत ने बीते साल पहलगाम आतंकी हमले के बाद इस संधि को निलंबित किया था। इसके बाद से पाकिस्तान तकरीबन पूरी दुनिया से इस पर गुहार लगा चुका है।
काजा कल्लास यूरोपीय आयोग की उपाध्यक्ष और विदेश मामलों तथा सुरक्षा नीति के लिए ईयू की उच्च प्रतिनिधि के तौर पर कार्यरत हैं। वह पाकिस्तानी उप प्रधानमंत्री और विदेश मंत्री इशाक डार के निमंत्रण पर पाकिस्तान के दौरे पर हैं। उन्होंने इस्लामाबाद में डार के साथ 8वीं ईयू-पाकिस्तान रणनीतिक वार्ता की सह-अध्यक्षता की है।
इस दौरान डार ने दावा किया कि पिछले साल भारत-पाकिस्तान युद्ध के दौरान हम लगातार संपर्क में थे। इसी तरह अमेरिका और ईरान के बीच क्षेत्रीय संघर्ष के दौरान भी हम संपर्क में हैं। डार ने अमेरिका-ईरान संघर्ष में पाकिस्तान के प्रयासों के प्रति ईयू के समर्थन के लिए कल्लास का आभार भी व्यक्त किया है।
इशाक डार ने अपने बयान में बहुपक्षवाद को मजबूत करने और यूएन चार्टर के बुनियादी सिद्धांतों का लगातार पालन करने की जरूरत पर जोर दिया है। डार ने कहा कि मौजूदा और उभरती हुई अंतरराष्ट्रीय चुनौतियों से प्रभावी और विश्वसनीय तरीके से निपटने की जरूरत है।