हिन्दी दिवस पर मेधावियों का सम्मान, प्रतिभाओं के चेहरे खिले, हिन्दी के प्रचार-प्रसार में सहयोग के लिए पांच अन्य सम्मानित
आगरा। हिन्दी दिवस के अवसर पर अखिल भारतवर्षीय ब्राह्मण महासभा ने हिन्दी विषय में उत्कृष्ट अंक हासिल करने वाले मेधावी विद्यार्थियों और हिन्दी के प्रचार-प्रसार में योगदान देने वाली पांच विभूतियों को सम्मानित किया। विजय नगर कॉलोनी स्थित आगरा पब्लिक स्कूल में आयोजित प्रतिभा सम्मान समारोह में हाईस्कूल और इंटरमीडिएट परीक्षा-2026 में हिन्दी में उच्च अंक प्राप्त करने वाले 18 विद्यार्थियों को सम्मानित किया गया। सम्मान पाकर मेधावियों के चेहरे खिल उठे।
कार्यक्रम का शुभारम्भ मां शारदे और भगवान परशुराम के चित्र पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्वलन से हुआ। माल्यार्पण एवं दीप प्रज्वलन अखिल भारतवर्षीय ब्राह्मण महासभा की राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. मधु भारद्वाज, मुख्य अतिथि वरिष्ठ अस्थि रोग विशेषज्ञ डॉ. डी.वी. शर्मा, कार्यक्रम अध्यक्ष वरिष्ठ साहित्यकार डॉ. कुसुम चतुर्वेदी, डॉ. चंद्रशेखर शर्मा, पं. अनिकेत शर्मा एवं अन्य अतिथियों ने किया। इसके बाद भगवान परशुराम की सामूहिक आरती की गई। अतिथियों का स्वागत ममता पचौरी एवं आरती शर्मा ने किया। सरस्वती वंदना डॉ. कुसुम चतुर्वेदी ने प्रस्तुत की।
डॉ. मधु भारद्वाज ने कहा कि देश में 14 सितंबर को प्रतिवर्ष हिन्दी दिवस मनाया जाता है। इसी क्रम में अखिल भारतवर्षीय ब्राह्मण महासभा सितंबर माह में विभिन्न बोर्ड की परीक्षाओं में हिन्दी विषय में उच्च अंक प्राप्त करने वाले मेधावियों को सम्मानित करती है। हिन्दी के प्रचार-प्रसार में योगदान देने वाली विभूतियों का भी सम्मान किया जाता है।
हाईस्कूल एवं इंटरमीडिएट वर्ष 2026 की परीक्षा में हिन्दी विषय में उच्च अंक प्राप्त करने पर मिष्ठी गौड़, वैष्णवी शर्मा, आयुष्वी गौतम, चाणक्य गोस्वामी, पर्व जैन, मौलिक सिंघल, अंश त्रिपाठी, आराध्या गोयल, प्रिंसी, चहक अग्रवाल, कार्तिक चौधरी, मनीषा गोयल, आरुष भारद्वाज, आर्यन गोयल, अदिति शर्मा, अरुनि भार्गव, अलौकिक कौशिक और यशवी शर्मा को सम्मानित किया गया।
हिन्दी के प्रचार-प्रसार में योगदान के लिए पूनम माहेश्वरी, अनुराधा शर्मा, रिचा चौधरी, शिल्पी गुप्ता और कृतिका गुप्ता को भी सम्मानित किया गया।
अति विशिष्ट अतिथि डॉ. चंद्रशेखर शर्मा ने कहा कि भाषा अपना स्थान स्वयं बना लेती है, जिस प्रकार नदियां अपना रास्ता स्वयं बना लेती हैं। मुख्य अतिथि डॉ. डी.वी. शर्मा ने कहा कि बदलते परिवेश में हिन्दी की परिभाषा बदली है। सरकार को हिन्दी को राष्ट्रभाषा घोषित करना चाहिए। कार्यक्रम अध्यक्ष डॉ. कुसुम चतुर्वेदी ने कहा कि शिक्षक को प्रजातांत्रिक एवं मनोवैज्ञानिक होना चाहिए।
कार्यक्रम में डॉ. मधु भारद्वाज, दीप्ति भार्गव, ममता पचौरी, वंदना तिवारी, विजया तिवारी, किरण शर्मा, डॉ. अरुणा भार्गव, अनुपम चतुर्वेदी, रेखा तिवारी, राजकुमारी पाराशर, आरती शर्मा, अर्चना पाठक, अनीता शर्मा, पूजा भारद्वाज, अरुण कुमार सारस्वत, प्रवीण कटारा, अभिषेक दीक्षित, शाहतोष गौतम, डॉ. आभा चतुर्वेदी आदि उपस्थित रहे। संचालन आकांक्षा शर्मा ने किया। धन्यवाद ज्ञापन वंदना तिवारी ने किया।