भागवत कथा में धर्म, भक्ति और वैराग्य का संदेश, श्रीमथुराधीश जी मंदिर में पवित्र धारण उत्सव और श्री प्रेमनिधि मंदिर में मना छठी उत्सव
आगरा। पुरुषोत्तम मास के पावन अवसर पर शहर में धार्मिक आयोजनों की धूम देखने को मिल रही है। एक ओर पंचेश्वर महादेव मंदिर, कालिंदीपुरम कॉलोनी में चल रहे श्रीमद्भागवत कथा महोत्सव में श्रद्धालु धर्म, भक्ति और वैराग्य के संदेश से अभिभूत हुए, वहीं दूसरी ओर प्राचीन पुष्टिमार्गीय श्रीठाकुर मथुराधीश जी महाराज मंदिर में पवित्र धारण उत्सव श्रद्धा और वैदिक परंपराओं के अनुरूप धूमधाम से मनाया गया। दोनों आयोजनों में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने भाग लेकर आध्यात्मिक ऊर्जा का अनुभव किया।
धन नहीं, धर्म के लिए जिएं जीवन : स्वामी श्री रामप्रपन्नाचार्य
पंचेश्वर महादेव मंदिर, कालिंदीपुरम कॉलोनी, मऊ रोड, खंदारी बायपास चौराहा में आयोजित श्रीमद्भागवत कथा महोत्सव के द्वितीय दिवस पर कथा व्यास अनंत श्री विभूषित स्वामी श्री रामप्रपन्नाचार्य जी महाराज, श्रीधाम वृंदावन ने कुंती-भीष्म स्तुति एवं शुकदेव प्राकट्य प्रसंग का भावपूर्ण वर्णन करते हुए श्रद्धालुओं को धर्ममय जीवन जीने की प्रेरणा दी। कथा पंडाल में बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे और पूरा वातावरण भक्ति रस से सराबोर रहा।
महाराजश्री ने कहा कि मनुष्य का जीवन केवल धन अर्जित करने के लिए नहीं, बल्कि धर्म के पालन और लोककल्याण के लिए होना चाहिए। धन जीवन की आवश्यकताओं को पूरा करने का माध्यम है, जबकि धर्म जीवन को सार्थक और सफल बनाने का आधार है। धर्म के मार्ग पर चलने वाला व्यक्ति सुख, शांति और संतोष प्राप्त करता है।
कथा व्यास ने कुंती स्तुति, भीष्म स्तुति और शुकदेव प्राकट्य प्रसंग का वर्णन करते हुए उन्होंने जीवन की कठिनतम परिस्थितियों में भी भगवान का स्मरण नहीं छोड़ना चाहिए।
मुख्य यजमान मनीष अग्रवाल एवं शिवानी अग्रवाल ने कथा व्यास का स्वागत कर आशीर्वाद प्राप्त किया। इस अवसर पर जगदीश प्रसाद लवानिया, जगमोहन गौतम, आशीष गौतम, नानक चंद मिश्रा, कैलाश गौतम, जेपी शर्मा, शैलेंद्र सिंह दरोगा, धर्मेंद्र प्रताप सिंह, संजीव सिंह, निशांत सिंह कन्नू पार्षद, क्षेत्रपाल सिंह, यश कुमार दुबे, प्रीति मिश्रा, भू देवी राजपूत, कृष्ण सिंह, सारिका सिंह, इशिता सिंह तथा शानवी सिंह सहित अनेक श्रद्धालु उपस्थित रहे। कथा के अंत में भगवान श्रीकृष्ण के जयघोष, आरती और प्रसाद वितरण के साथ कार्यक्रम संपन्न हुआ।
चुनौतियों से भागने वाला प्रभु को प्रिय नहीं: आचार्य इंद्रेश उपाध्याय
बल्केश्वर पार्क में आयोजित श्रीमद भागवत कथा का श्रवण करते श्रद्धालुजन।
आगरा। बल्केश्वर महादेव भक्त मंडल द्वारा बल्केश्वर पार्क में आयोजित श्रीमद्भागवत कथा के तीसरे दिन विख्यात कथा व्यास आचार्य इंद्रेश उपाध्याय ने नरसिंह अवतार और वामन अवतार का प्रसंग सुनाते हुए कहा कि जीवन चुनौतियों से भरा है और उनसे भागने वाला या शॉर्टकट अपनाने वाला व्यक्ति भगवान को प्रिय नहीं होता। यदि व्यक्ति सत्य के मार्ग पर है तो उसे चिंता नहीं करनी चाहिए, क्योंकि प्रभु स्वयं एक दिन सत्य को प्रकट करते हैं।
उन्होंने भक्ति गीत- संकट हरेंगी, करेंगी भली, वृषभान की लली...से कथा का शुभारंभ किया। उन्होंने कहा कि आज बच्चों में मोबाइल की लत बढ़ रही है, जिसके लिए अभिभावक भी जिम्मेदार हैं। बच्चों को बचपन से भक्ति, संस्कार और धार्मिक साहित्य से जोड़ना चाहिए।
आचार्य इंद्रेश उपाध्याय ने कहा कि श्रीमद्भागवत सभी वेदों का सार है और इसका श्रवण स्वयं में एक महान फल है। भागवत कथा मनुष्य को भक्ति, संतोष और आत्मकल्याण का मार्ग दिखाती है। उन्होंने आत्महत्या को महापाप बताते हुए कहा कि जीवन की कठिनाइयों से संघर्ष करना ही सच्चा धर्म है।
धर्म और परम धर्म की व्याख्या करते हुए उन्होंने कहा कि अपने कल्याण की भावना धर्म है, जबकि सबके कल्याण की कामना परम धर्म है। कथा के दौरान मुख्य यजमान हरीश अग्रवाल एवं तरुणा अग्रवाल ने आरती की। कार्यक्रम में भोलानाथ अग्रवाल, वीरेन्द्र कुमार, शिवशंकर रैपुरिया, बसंत गोयल, कुसुम गोयल, प्रीति अग्रवाल, रजनी अग्रवाल, शोभित अग्रवाल, सुरभि अग्रवाल, आदर्श नंदन गुप्त, ऋषि अग्रवाल, गोपाल कपूर, हरिकिशन सिंघल और रामगोपाल गुप्ता सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे।
कथा में विख्यात संत अरविंद जी महाराज भी पहुंचे। उन्होंने आगरा के श्रोताओं की भक्ति और रसिकता की सराहना की। कथा महोत्सव को लेकर वाटर वर्क्स चौराहे से बल्केश्वर मंदिर तक आकर्षक विद्युत सजावट की गई है, जिससे पूरा क्षेत्र जगमगा रहा है।
श्रीठाकुर मथुराधीश जी मंदिर में श्रद्धा से मनाया गया पवित्र धारण उत्सव
श्रीठाकुर मथुराधीश जी महाराज मंदिर में मंगलवार को आजित पवित्र धारण उत्सव में ठाकुर जी के मनमोहक दर्शन।
प्राचीन पुष्टिमार्गीय श्रीठाकुर मथुराधीश जी महाराज मंदिर में पुरुषोत्तम मास के अंतर्गत पवित्र धारण उत्सव भक्तिभाव और वैदिक परंपराओं के अनुरूप संपन्न हुआ। सुबह से ही मंदिर में श्रद्धालुओं का तांता लगा रहा और दर्शन-पूजन के लिए बड़ी संख्या में भक्त पहुंचे।
उत्सव का शुभारंभ मंगला दर्शन एवं विशेष पूजन के साथ हुआ। इसके पश्चात वैदिक मंत्रोच्चार और पुष्टिमार्गीय परंपराओं के अनुसार ठाकुरजी का पंचामृत एवं सुगंधित द्रव्यों से अभिषेक किया गया। भगवान को विशेष रूप से तैयार किए गए पवित्र सूत्र अर्पित किए गए और रंग-बिरंगे रेशमी धागों तथा पुष्पों से मनोहारी श्रृंगार किया गया, जिसने श्रद्धालुओं को मंत्रमुग्ध कर दिया।
मंदिर के धार्मिक विद्वानों ने बताया कि पुरुषोत्तम मास में पवित्र धारण उत्सव का विशेष महत्व माना जाता है। यह उत्सव भगवान के प्रति समर्पण, आत्मशुद्धि और निष्काम भक्ति का प्रतीक है।
उत्सव के दौरान भजन-कीर्तन एवं संकीर्तन का आयोजन भी किया गया। श्रद्धालु भगवान के जयघोष और मधुर भजनों पर भावविभोर होकर झूमते नजर आए। मंदिर परिसर को पुष्प सज्जा, रंगीन विद्युत रोशनी और पारंपरिक अलंकरणों से आकर्षक रूप से सजाया गया था। भक्तों ने इस आयोजन को आध्यात्मिक ऊर्जा और भगवान की कृपा प्राप्त करने का अनुपम अवसर बताया।
इस अवसर पर राकेश अग्रवाल, लव अग्रवाल, योगेश अग्रवाल, ब्रज खंडेलवाल, मंदिर के महंत नन्दन श्रोत्रिय, जुगल श्रोत्रिय सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे।
प्रेमनिधि मंदिर में बाल-कृष्ण के वात्सल्य भाव में मनाया गया छठी उत्सव
प्रेमनिधि मंदिर में बाल-कृष्ण के वात्सल्य भाव में मनाये गये छठी उत्सव के दौरान मौजूद श्रद्धालुजन।
आगरा। नाई की मंडी, कटरा हाथी शाह स्थित श्री प्रेमानिधि मंदिर में चल रहे श्री पुरुषोत्तम (अधिकमास) मनोरथ उत्सव के अंतर्गत 17वें दिन मंगलवार को ‘छठी उत्सव’ श्रद्धा, भक्ति और उल्लास के साथ मनाया गया। पुष्टिमार्गीय परंपरा के अनुसार आयोजित इस मनोरथ में ठाकुर श्री श्याम बिहारी (श्री बड़े गोविन्द) जी महाराज को बालस्वरूप में विशेष श्रृंगार धारण कराया गया तथा बाल-कृष्ण की लीलाओं का भाव प्रस्तुत किया गया।
मंदिर परिसर को आकर्षक सजावट से अलंकृत किया गया। बालस्वरूप ठाकुर जी के दर्शनों के लिए सुबह से ही श्रद्धालुओं का तांता लगा रहा। विशेष अवसर पर प्रभु को विविध मिष्ठान्न एवं बालभोग अर्पित किए गए तथा महाआरती के पश्चात श्रद्धालुओं को महाप्रसाद वितरित किया गया।
मुख्य सेवाधारी हरिमोहन गोस्वामी ने बताया कि छठी उत्सव पुष्टिमार्ग में वात्सल्य भाव का विशेष मनोरथ है। इस उत्सव में प्रभु को बालकृष्ण स्वरूप में सजाकर उनके बाल्यकाल की मधुर लीलाओं का स्मरण किया जाता है।
छठी उत्सव के अवसर पर श्रद्धालु महिलाओ ने छठी मैया का पूजन किया। इस अवसर पर सुरेश चंद गोयल, मनीष गोयल, मनीष गोयल, मोहित अग्रवाल, दिनेश अग्रवाल, सरदार सिंह धाकड़ आदि उपस्थित रहे। Top of Form