आगरा में बेअसर रहा फार्मा भारत बंद, रिटेल मेडिकल स्टोर खुले रहे, थोक व्यापारियों ने बंद रखीं दुकानें

20 मई के भारत बंद का आगरा में आंशिक असर देखने को मिला। अधिकांश रिटेल मेडिकल स्टोर खुले रहे और मरीजों को दवाएं आसानी से मिलती रहीं, जबकि थोक दवा बाजार बंद रहे। औषधि विभाग की सख्त चेतावनी के बाद फुटकर व्यापारियों ने दुकानें खुली रखीं। आगरा महानगर केमिस्ट एसोसिएशन ने इसे मानव सेवा और व्यापारिक एकजुटता का उदाहरण बताया।

May 20, 2026 - 21:42
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आगरा में बेअसर रहा फार्मा भारत बंद, रिटेल मेडिकल स्टोर खुले रहे, थोक व्यापारियों ने बंद रखीं दुकानें
दवा का थोक बाजार बंद, रिटेल खुला।

आगरा। फार्मा एसोसिएशन के आज भारत बंद का आगरा में मिला-जुला असर देखने को मिला। जहां एक ओर थोक दवा व्यापारियों ने अपनी दुकानें बंद रखकर विरोध दर्ज कराया, वहीं शहर और देहात की अधिकांश रिटेल मेडिकल स्टोर सामान्य दिनों की तरह खुले रहे। इससे मरीजों और तीमारदारों को किसी प्रकार की परेशानी का सामना नहीं करना पड़ा।

दरअसल, देशभर के दवा कारोबारी सरकार की कुछ नीतियों के विरोध में भारत बंद पर थे। इसी क्रम में आगरा फार्मा एसोसिएशन ने भी सोमवार को आगरा बंद का ऐलान किया था। बंद की घोषणा के बाद औषधि अनुज्ञापन नियंत्रण विभाग ने सख्त रुख अपनाते हुए मेडिकल स्टोर संचालकों को स्पष्ट चेतावनी जारी की थी।

विभाग ने कहा था कि दवाएं आवश्यक वस्तु अधिनियम के दायरे में आती हैं और मेडिकल स्टोर बंद रखने से जन स्वास्थ्य प्रभावित हो सकता है। अधिकारियों ने साफ कर दिया था कि यदि कोई मेडिकल स्टोर बंद पाया गया तो उसके खिलाफ आवश्यक वस्तु अधिनियम के तहत कार्रवाई की जाएगी।

सरकारी चेतावनी का असर बुधवार को साफ दिखाई दिया। आगरा शहर से लेकर ग्रामीण क्षेत्रों तक लगभग सभी फुटकर दवा दुकानें सुबह से ही खुल गईं। मरीजों को जीवनरक्षक दवाओं समेत रोजमर्रा की सभी जरूरी दवाएं आसानी से मिलती रहीं।

हालांकि ट्रांसपोर्ट नगर, रावली और फव्वारा स्थित थोक दवा बाजारों में सन्नाटा पसरा रहा। यहां होलसेल व्यापारियों ने अपनी दुकानें बंद रखकर भारत बंद का समर्थन किया। थोक कारोबारियों का कहना है कि सरकार उनकी मांगों की लगातार अनदेखी कर रही है, इसलिए सांकेतिक विरोध जरूरी हो गया है।

कुछ मेडिकल स्टोर संचालकों ने बताया कि भारत बंद की सूचना लोगों को पहले से मिल गई थी। इसी कारण कई लोगों ने मंगलवार को ही जरूरत की दवाएं खरीद ली थीं। बावजूद इसके बुधवार को भी दवा बाजार में किसी प्रकार की किल्लत देखने को नहीं मिली, क्योंकि रिटेल दुकानों पर पर्याप्त स्टॉक मौजूद था।

दिनभर औषधि विभाग के अधिकारी बाजारों में सक्रिय रहे और मेडिकल स्टोर की निगरानी करते रहे। अधिकारियों ने कहा कि जनहित में दवाओं की आपूर्ति बाधित नहीं होने दी जाएगी। हालांकि थोक बाजार बंद रहने के कारण गुरुवार को सप्लाई चेन पर कुछ असर पड़ने की आशंका जताई जा रही है।

इसी बीच आगरा महानगर केमिस्ट एसोसिएशन ने दावा किया कि उसके सभी थोक और फुटकर सदस्यों ने 20 मई को अपने प्रतिष्ठान खुले रखे और दवाओं की सप्लाई सुचारू बनाए रखी। संस्था ने कहा कि व्यापार के साथ मानव सेवा उनका प्रमुख उद्देश्य है और मरीजों की जरूरतों को देखते हुए दवा आपूर्ति बाधित नहीं होने दी गई।

संस्था के पदाधिकारियों ने सभी व्यापारियों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि एकजुटता और सेवा भावना के साथ दवा बाजार को सामान्य बनाए रखा गया। आगरा महानगर केमिस्ट एसोसिएशन के संस्थापक गिरधारी लाल भगत्यानी, चेयरमेन संजय चौरसिया, संरक्षक कपूर चंद अग्रवाल, प्रमोद गुप्ता, चंद्र प्रकाश पाहुजा, अध्यक्ष आशीष शर्मा, महामंत्री अश्वनी श्रीवास्तव, वरिष्ठ उपाध्यक्ष अजीत दुबे, मीडिया प्रभारी गिरीश अग्रवाल, उपाध्यक्ष अमित गुप्ता, मनोज लालवानी, हरविंदर सिंह, कोषाध्यक्ष राजकुमार गुप्ता और सह-कोषाध्यक्ष विमल स्वरूप गुप्ता ने सभी व्यापारियों का धन्यवाद ज्ञापित किया।