चौधरी चरण सिंह पीठ के संचालन को लेकर रालोद सक्रिय, कुलपति से मिला प्रतिनिधिमंडल, जयंती वर्ष से पहले संसाधन बढ़ाने की मांग, सरकार से धन मिला तो बनेगा संग्रहालय और शोध केंद्र
आगरा। डॉ. भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय में भारत रत्न एवं देश के पूर्व प्रधानमंत्री स्वर्गीय चौधरी चरण सिंह के नाम पर स्थापित पीठ के विधिवत संचालन को लेकर राष्ट्रीय लोकदल ने पहल तेज कर दी है। केंद्रीय मंत्री एवं राष्ट्रीय लोकदल के राष्ट्रीय अध्यक्ष जयंत चौधरी के निर्देश पर सोमवार को पार्टी के प्रतिनिधिमंडल ने विश्वविद्यालय की कुलपति डॉ. आशू रानी से मुलाकात कर पीठ के नियमित संचालन और आवश्यक संसाधनों की व्यवस्था की मांग उठाई।
राष्ट्रीय लोकदल के प्रदेश उपाध्यक्ष कप्तान सिंह चाहर ने बताया कि विश्वविद्यालय में चौधरी चरण सिंह पीठ की स्थापना वर्ष 2006 में की गई थी, लेकिन धन और अन्य सुविधाओं के अभाव में इसका संचालन अपेक्षित स्तर पर नहीं हो पा रहा है। उन्होंने कहा कि चौधरी चरण सिंह के विचारों, किसान हितों और ग्रामीण विकास संबंधी सोच को नई पीढ़ी तक पहुंचाने के लिए पीठ का सक्रिय और प्रभावी संचालन बेहद आवश्यक है।
उन्होंने बताया कि 23 दिसंबर 2026 से चौधरी चरण सिंह की 125वीं जयंती वर्ष की शुरुआत होगी। राष्ट्रीय लोकदल और चौधरी साहब के अनुयायी देशभर में इस अवसर पर विभिन्न कार्यक्रम आयोजित करेंगे। इसी उद्देश्य से केंद्रीय मंत्री जयंत चौधरी चाहते हैं कि आगरा विश्वविद्यालय में उनके नाम पर स्थापित पीठ का विधिवत संचालन सुनिश्चित किया जाए।
पीठ को शोध और अकादमिक गतिविधियों का केंद्र बनाने की मांग
प्रतिनिधिमंडल ने कुलपति को सौंपे ज्ञापन में कहा कि चौधरी चरण सिंह केवल एक राजनेता नहीं, बल्कि किसानों और ग्रामीण भारत की आवाज थे। ऐसे में उनके नाम पर स्थापित पीठ को शोध, संगोष्ठियों, व्याख्यानों और अकादमिक गतिविधियों का सशक्त केंद्र बनाया जाना चाहिए ताकि उनके विचारों पर व्यापक अध्ययन और अनुसंधान हो सके।
कुलपति ने बताई आर्थिक चुनौती
कुलपति डॉ. आशू रानी ने प्रतिनिधिमंडल को बताया कि विश्वविद्यालय में संचालित पीठों के लिए सरकार से कोई अलग वित्तीय सहायता प्राप्त नहीं होती है। विश्वविद्यालय अपने सीमित संसाधनों से ही इनका संचालन करता है। उन्होंने कहा कि चौधरी चरण सिंह आगरा विश्वविद्यालय के अंतर्गत आगरा कॉलेज के छात्र रहे थे और देश के प्रधानमंत्री पद तक पहुंचे। ऐसे में उनके नाम पर स्थापित पीठ के माध्यम से कई महत्वपूर्ण शैक्षणिक और शोधपरक गतिविधियां संचालित की जा सकती हैं।
सरकारी सहयोग मिला तो बनेगा चौधरी चरण सिंह संग्रहालय
कुलपति ने कहा कि यदि केंद्र और प्रदेश सरकार से पर्याप्त धनराशि उपलब्ध हो जाती है तो चौधरी चरण सिंह पीठ के अंतर्गत चौधरी चरण सिंह संग्रहालय, विशेष शोध कक्षाएं, अभिलेख केंद्र और अन्य सुविधाएं विकसित की जा सकती हैं। उन्होंने यह भी भरोसा दिलाया कि विश्वविद्यालय प्रशासन चौधरी चरण सिंह के 125वें जयंती वर्ष को भव्य रूप से मनाने की तैयारी कर रहा है और आवश्यक व्यवस्थाओं के लिए शीघ्र ही प्रदेश तथा केंद्र सरकार को प्रस्ताव भेजा जाएगा।
प्रतिनिधिमंडल में रहे शामिल
राष्ट्रीय लोकदल के प्रतिनिधिमंडल में प्रदेश उपाध्यक्ष कप्तान सिंह चाहर, नरेन्द्र बघेल, प्रदेश सचिव डॉ. रुपेश चौधरी, महानगर अध्यक्ष दुर्गेश शुक्ला, किसान प्रकोष्ठ के प्रदेश सचिव सत्यवीर रावत, आलोक चौधरी, महानगर उपाध्यक्ष निर्मल मथुरिया तथा चेतन वर्मा सहित अन्य पदाधिकारी मौजूद रहे।