अटल बिहारी वाजपेयी से अमिताभ बच्चन तक के प्रिय रहे सोम ठाकुर, 'सोमरस' डॉक्यूमेंट्री में सामने आई कालजयी कवि की अनकही कहानी
आगरा। अंतरराष्ट्रीय ख्याति प्राप्त कालजयी कवि-गीतकार सोम ठाकुर के साहित्यिक जीवन, व्यक्तित्व और अनछुए संस्मरणों को समर्पित डॉक्यूमेंट्री 'सोमरस' का बुधवार को आगरा में लोकार्पण किया गया। 92 वर्षीय सोम ठाकुर के स्वास्थ्य को देखते हुए उनके अहीरपाड़ा, राजामंडी स्थित निवास पर आयोजित सादे समारोह में गीत ऋषि सोम ठाकुर फाउंडेशन ने डॉक्यूमेंट्री का पोस्टर जारी किया। इस अवसर पर यह भी सामने आया कि पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी सोम ठाकुर की हिंदी वंदना से इतने प्रभावित हुए थे कि उन्होंने विश्व हिंदी सम्मेलन में प्रस्तुति के लिए उन्हें तत्काल सूरीनाम भेज दिया था। वहीं, सदी के महानायक अमिताभ बच्चन भी सोम ठाकुर के गीतों के प्रशंसक रहे और अक्सर उनके ऑटोग्राफ लिया करते थे।
हिंदी वंदना सुनकर अटल जी ने तुरंत भेजा था सूरीनाम
समारोह में साझा किए गए संस्मरणों के अनुसार ग्वालियर में एक पुस्तक लोकार्पण समारोह के दौरान पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी ने जब सोम ठाकुर के मुख से हिंदी वंदना—
"करते हैं तन-मन से वंदन, जन-गण-मन की अभिलाषा का, अभिनंदन अपनी संस्कृति का, आराधन अपनी भाषा का..."
—सुनी तो वे मंत्रमुग्ध हो गए। उस समय सूरीनाम में विश्व हिंदी सम्मेलन आयोजित होने वाला था। अटल जी ने तत्काल कहा कि यह हिंदी वंदना वहां प्रस्तुत होनी चाहिए और उन्होंने अपनी गाड़ी से सोम ठाकुर को पासपोर्ट बनवाने भेज दिया। बाद में विश्व हिंदी सम्मेलन में प्रस्तुत इस वंदना ने विश्वभर के हिंदी प्रेमियों के बीच विशेष पहचान बनाई।
अमिताभ बच्चन भी थे सोम ठाकुर के गीतों के प्रशंसक
समारोह में बताया गया कि महान अभिनेता अमिताभ बच्चन भी सोम ठाकुर के गीतों के बड़े प्रशंसक थे। जब भी वे अपने पिता और प्रख्यात कवि हरिवंश राय बच्चन के साथ दिल्ली के लालकिला कवि सम्मेलन में आते थे, तब सोम ठाकुर के गीत गुनगुनाते और उनसे ऑटोग्राफ लेना नहीं भूलते थे।
'सोमरस' में दर्ज हैं अनछुए संस्मरण
लेखक-निर्देशक फाल्गुनी त्रिपाठी द्वारा तैयार लगभग 30 मिनट की डॉक्यूमेंट्री 'सोमरस' का टैगलाइन ‘सोम ठाकुर की अनकही कहानी : डॉ. कुमार विश्वास की जुबानी’ रखा गया है। इसमें सोम ठाकुर के साहित्यिक जीवन, व्यक्तित्व और हिंदी साहित्य में उनके योगदान के अनेक अनछुए पहलुओं को प्रस्तुत किया गया है।
पोस्टर रिलीज कर किया गया लोकार्पण
गीत ऋषि सोम ठाकुर फाउंडेशन की ओर से आयोजित समारोह में वरिष्ठ साहित्यकार डॉ. राजेंद्र मिलन ने अध्यक्षता की, जबकि वरिष्ठ साहित्यकार डॉ. मधु भारद्वाज मुख्य अतिथि रहीं। दोनों अतिथियों ने सोम ठाकुर के स्नेहिल सान्निध्य में डॉक्यूमेंट्री का पोस्टर रिलीज कर उसका लोकार्पण किया।
कार्यक्रम संयोजक एवं फाउंडेशन के महासचिव अमित श्रीदान सिंह ने अतिथियों का स्वागत करते हुए बताया कि यह डॉक्यूमेंट्री सोम ठाकुर के आधिकारिक यूट्यूब चैनल @hindipoetsomthakurofficial9759 पर उपलब्ध है। इसकी भावपूर्ण कमेंट्री प्रसिद्ध कवि डॉ. कुमार विश्वास ने की है।
इन साहित्यकारों ने साझा किए संस्मरण
डॉक्यूमेंट्री में प्रसिद्ध कवि डॉ. शिव ओम अंबर, डॉ. उर्मिलेश शंखधर, ग़ज़लकार दीक्षित दनकौरी, वरिष्ठ साहित्यकार डॉ. राजेंद्र मिलन, अशोक अश्रु, लोकस की संपादक रजनी सिंह तथा सोम ठाकुर के ज्येष्ठ पुत्र एवं चिकित्सक डॉ. अजीत वरदान सिंह ने अपने विचार और संस्मरण साझा किए हैं।
कार्यक्रम का समन्वय नीराजना, लख्मी चंद और आनंद बंसल ने किया, जबकि संचालन कवि कुमार ललित ने किया।
'सोम ठाकुर पद्मश्री सम्मान के सच्चे हकदार'
समारोह की अध्यक्षता करते हुए डॉ. राजेंद्र मिलन ने कहा कि सोम ठाकुर का हिंदी साहित्य में योगदान अमूल्य धरोहर है। उन्हें 'अटल सम्मान' और 'यश भारती' जैसे प्रतिष्ठित सम्मान मिल चुके हैं, लेकिन उनके योगदान को देखते हुए भारत सरकार को उन्हें शीघ्र पद्मश्री से सम्मानित करना चाहिए।
'सोमरस' से शोधार्थियों और साहित्य प्रेमियों को मिलेगा लाभ
मुख्य अतिथि डॉ. मधु भारद्वाज ने कहा कि यह डॉक्यूमेंट्री देश-विदेश में बसे सोम ठाकुर के प्रशंसकों, हिंदी प्रेमियों, ब्रजभाषा के अध्येताओं, विद्यार्थियों और शोधार्थियों के लिए प्रेरणास्रोत सिद्ध होगी।
कुमार विश्वास बोले- आगरा का ब्रांड एंबेसडर हैं सोम ठाकुर
डॉक्यूमेंट्री में अपनी कमेंट्री के दौरान प्रसिद्ध कवि डॉ. कुमार विश्वास ने कहा कि सोम ठाकुर ताजमहल की तरह आकर्षक, पेठे की तरह मधुर और उनके गीत आगरा की दालमोठ की तरह चटपटे हैं। उन्होंने कहा कि यदि आगरा को अपना कोई सांस्कृतिक ब्रांड एंबेसडर चुनना हो तो सोम ठाकुर से बेहतर कोई नाम नहीं हो सकता। आगरा में केवल ताजमहल ही नहीं, बल्कि सोम ठाकुर के रूप में कविता का भी एक 'सरताज' मौजूद है।