दिल्ली के सत्य निकेतन में भरभराकर गिरी तीन मंजिला इमारत, मलबे में कई लोगों के दबे होने की आशंका
दिल्ली के सत्य निकेतन में रविवार दोपहर करीब 1:30 बजे तीन मंजिला इमारत अचानक ढह गई। मलबे में कई लोगों के फंसे होने की आशंका है। सूचना मिलते ही दमकल की कई गाड़ियां, पुलिस और राहत-बचाव टीमें मौके पर पहुंच गईं। मलबा हटाकर लोगों को बाहर निकालने के लिए रेस्क्यू ऑपरेशन जारी है। सत्य निकेतन दिल्ली विश्वविद्यालय के साउथ कैंपस के पास स्थित छात्रों के प्रमुख इलाकों में शामिल है।
दोपहर करीब 1:30 बजे हुआ हादसा, फायर ब्रिगेड की कई गाड़ियां पहुंचीं, पुलिस-प्रशासन की टीमें मौके पर, मलबा हटाकर लोगों को निकालने की कोशिश जारी
नई दिल्ली। दिल्ली विश्वविद्यालय के साउथ कैंपस के पास स्थित सत्य निकेतन इलाके में रविवार दोपहर उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब एक तीन मंजिला इमारत अचानक भरभराकर ढह गई। इमारत के मलबे में कई लोगों के दबे होने की आशंका जताई जा रही है। हादसे की सूचना मिलते ही दिल्ली फायर सर्विस की कई गाड़ियां और राहत-बचाव दल मौके पर पहुंच गए। पुलिस और प्रशासन के अधिकारी भी घटनास्थल पर पहुंचकर स्थिति का जायजा ले रहे हैं। अब तक मलबे में दबे चार-पाँच छात्रों को निकाला जा चुका है। प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि दो बिल्डिंग गिरी
बताया जा रहा है कि हादसा दोपहर करीब 1:30 बजे हुआ। फायर डिपार्टमेंट को करीब 1:33 से 1:34 बजे के बीच इमारत ढहने की सूचना मिली। सूचना मिलते ही दमकल की टीमों को तत्काल मौके के लिए रवाना किया गया। शुरुआती जानकारी में मलबे के नीचे कई लोगों के फंसे होने की आशंका सामने आई है।
अचानक भरभराकर गिरी इमारत, आसपास मची भगदड़
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, इमारत के गिरते ही आसपास के इलाके में अफरा-तफरी मच गई। बड़ी संख्या में लोग घटनास्थल की ओर दौड़ पड़े। देखते ही देखते मौके पर भारी भीड़ जमा हो गई। पुलिस ने इलाके को घेरकर लोगों को घटनास्थल से दूर किया, ताकि राहत और बचाव अभियान में किसी तरह की बाधा न आए। बचाव दल मलबे को सावधानी से हटाने में जुटे हैं। आशंका है कि इमारत के अंदर मौजूद कुछ लोग मलबे के नीचे फंसे हो सकते हैं। ऐसे में रेस्क्यू टीम बेहद सतर्कता के साथ मलबा हटाकर संभावित लोगों तक पहुंचने की कोशिश कर रही है।
छात्रों से जुड़ा इलाका है सत्य निकेतन
सत्य निकेतन दिल्ली विश्वविद्यालय के साउथ कैंपस के नजदीक होने के कारण छात्रों के बीच बेहद चर्चित इलाका है। यहां बड़ी संख्या में छात्र रहते हैं और पीजी, किराये के मकान, हॉस्टल और अन्य छात्र सुविधाएं मौजूद हैं। इलाके के आसपास आत्माराम सनातन धर्म कॉलेज, मोतीलाल नेहरू कॉलेज, श्री वेंकटेश्वर कॉलेज, जीसस एंड मैरी कॉलेज और मैत्रेयी कॉलेज जैसे प्रमुख शिक्षण संस्थान स्थित हैं। यही वजह है कि इमारत गिरने की खबर सामने आते ही बड़ी संख्या में छात्र और स्थानीय लोग घटनास्थल के आसपास पहुंच गए।
शिव मंदिर के पास हुआ हादसा
जानकारी के मुताबिक, यह हादसा मोती बाग स्थित शिव मंदिर के पास सत्य निकेतन इलाके में हुआ। घटना की सूचना मिलते ही फायर सर्विस के साथ पुलिस की टीमें भी मौके पर पहुंचीं। राहत कार्य में तेजी लाने के लिए अतिरिक्त उपकरण भी घटनास्थल पर मंगाए गए हैं। फिलहाल बचाव दल का पूरा ध्यान मलबे के नीचे फंसे संभावित लोगों को सुरक्षित बाहर निकालने पर है। हादसे में कितने लोग दबे हैं और कितने लोग घायल हुए हैं, इसकी आधिकारिक पुष्टि रेस्क्यू ऑपरेशन पूरा होने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।
रेस्क्यू ऑपरेशन जारी, मलबे में जिंदगी की तलाश
घटनास्थल पर बचाव दल लगातार मलबा हटाने में जुटा हुआ है। पुलिस आसपास की भीड़ को नियंत्रित कर रही है, जबकि दमकल कर्मी और अन्य राहतकर्मी मलबे के अंदर संभावित फंसे लोगों की तलाश कर रहे हैं। अधिकारियों की ओर से घटनास्थल की स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है। जैसे-जैसे मलबा हटाया जाएगा, हादसे में फंसे लोगों और नुकसान की वास्तविक स्थिति सामने आने की उम्मीद है। फिलहाल सबसे बड़ी प्राथमिकता मलबे में फंसे लोगों को जल्द से जल्द सुरक्षित बाहर निकालना है। हादसे के कारणों का पता जांच के बाद ही चल सकेगा।