भारत के बाद पाकिस्तान की भी पुतिन ने की तारीफ,  बोले- पाक पर चीन का कंट्रोल नहीं, पीएम मोदी अमेरिका के सामने नहीं झुकेंगे

रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने भारत और पीएम मोदी की तारीफ के साथ पाकिस्तान को लेकर भी बड़ा बयान दिया। उन्होंने कहा पाक एक बड़ा मुल्क है, उस पर किसी का कंट्रोल नहीं है।

Jun 5, 2026 - 09:56
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भारत के बाद पाकिस्तान की भी पुतिन ने की तारीफ,  बोले- पाक पर चीन का कंट्रोल नहीं, पीएम मोदी अमेरिका के सामने नहीं झुकेंगे


मास्को। भारत और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तारीफ करने के साथ रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने पाकिस्तान के साथ संबंधों को लेकर भी बड़ा बयान दिया। उन्होंने पाकिस्तान को बड़ा देश बताते हुए कहा कि उसके दुनिया के कई देशों के साथ बहुआयामी संबंध हैं और वह किसी के रिमोट कंट्रोल से नहीं चलता है। सेंट पीटर्सबर्ग इंटरनेशनल फोरम में पत्रकारों से बातचीत के दौरान पुतिन ने चीन के पाकिस्तान पर कंट्रोल से लेकर भारत-पाकिस्तान सीमा विवाद के संबंधों के सवाल का भी जवाब दिया।

पुतिन से पत्रकारों ने पूछा कि रूस के पाकिस्तान और चीन दोनों से बेहतर संबंध हैं तो क्या वह सुनिश्चित करेंगे कि भारत के रक्षा हितों को किसी तरह का नुकसान न पहुंचे। इस सवाल पर रूसी राष्ट्रपति ने कहा, 'हम भारत और पाकिस्तान के बीच सीमा से जुड़े मुद्दों की पेचीदगियों से भली-भांति परिचित हैं। मुझे नहीं लगता कि पाकिस्तान पूरी तरह से चीन के नियंत्रण में है। पाकिस्तान एक बड़ा देश है और उसके विभिन्न देशों के साथ बहुआयामी संबंध हैं। उन्हें चीन के साथ सहयोग को ध्यान में रखना होगा। हर कोई चीन के साथ संबंध विकसित कर रहा है।'

रूसी राष्ट्रपति ने चीन और भारत के संबंधों को लेकर कहा, 'जीडीपी के मामले में भारत तीसरे और रूस चौथे स्थान पर है। चीन, अमेरिका, भारत और रूस शीर्ष चार देश हैं। भारत और चीन के बीच ये नाजुक और बहुआयामी संबंध हैं और इनमें हस्तक्षेप करना उचित नहीं है। हम भारत और चीन दोनों में अपने मित्रों के साथ बातचीत करते हैं। राष्ट्रपति शी और प्रधानमंत्री मोदी दोनों सीमा संबंधों सहित आपसी हित के सभी मुद्दों को सुलझाने का प्रयास कर रहे हैं।'

उन्होंने कहा, 'रूस और भारत के बीच संबंध चीन को परेशान नहीं करते, चीन के साथ हमारे संबंध भारत को परेशान नहीं करते। ब्रिक्स का उदाहरण लें. एक समय मैंने सुझाव दिया था कि भारत और चीन के नेता यहां मिलें। रूस-भारत-चीन समझौता हुआ। हमें कई मुद्दों पर बात करनी थी, कई बातों पर सहमति बनानी थी, जिन्हें हमने बाद में लागू करना शुरू किया, फिर ब्राजील भी हमारे साथ जुड़ गया।'

पाकिस्तान-चीन संबंधों के भारत पर पड़ने वाले प्रभाव के बारे में रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने कहा , 'हमें भारत या चीन दोनों के साथ सहयोग करने में कोई समस्या नहीं है। हम उन्नत हथियारों के मामले में भारत के साथ सहयोग करते हैं। उन्होंने जमीन और समुद्र आधारित ब्रह्मोस मिसाइलें बनाई हैं. जहां तक ​​एसयू-57 की बात है, हमने अपने भारतीय मित्रों को इस तकनीक पर साथ मिलकर काम करने का प्रस्ताव दिया था, लेकिन हमारे भारतीय मित्रों ने कहा कि आपको इसे खुद करना चाहिए और शायद हम इसमें शामिल हो जाएंगे। हम इस विमान की आपूर्ति और इसके निरंतर विकास के लिए भारत के साथ काम करने को तैयार हैं। हमें कोई समस्या नहीं है। एयर डिफेंस सिस्टम के मामले में भी यही बात लागू होती है।'

पुतिन ने प्रधानमंत्री मोदी और भारत की तारीफ करते हुए कहा, 'भारत और अमेरिका के संबंध से भारत और रूस के बीच संबंधों को कोई नुकसान नहीं पहुंचता है। पुतिन ने कहा, अमेरिका, रूस के साथ भारत के संबंधों को लेकर भारत पर दबाव बनाने की कोशिश करता है, लेकिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सामने ऐसे प्रयास बेअसर हैं। उन्होंने कहा, 'अमेरिका, रूस के साथ सहयोग सहित कई मुद्दों पर भारत पर दबाव बनाने की कोशिश कर रहा है, लेकिन भारत ऐसे प्रयासों का प्रतिरोध करेगा।' पीएम मोदी अमेरिकी दबाव के आगे कभी नहीं झुकेंगे।