ऋचा चड्ढा ने कहा- अपने लड़कों को संभालें, एक महिला ने रोका, पूछा - लड़कियों को कौन संभालेगा, बेेटों को गड्ढे में डाल दें

बॉलीवुड एक्ट्रेस ऋचा चड्ढा ने बेटियों की सेफ्टी पर बात करते हुए लोगों से अपने बेटों को संभालने की अपील की। उन्होंने कहा- मैं अभी सचेत करना चाहूंगी कि आप अपने लड़कों को संभालें। तभी वहां एक महिला ने मुस्कान रस्तोगी और सोनम जैसे केस का जिक्र किया और पूछा- लड़के को कौन बचाएगा? बेटियां तो बहुत पढ़ा ली, क्या करें बेटे को गड्ढे में डाल दें क्या?

Jun 5, 2026 - 22:03
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ऋचा चड्ढा ने कहा- अपने लड़कों को संभालें, एक महिला ने रोका, पूछा - लड़कियों को कौन संभालेगा, बेेटों को गड्ढे में डाल दें


मुंबई। ऋचा चड्ढा एक इवेंट में शामिल हुईं, जहां उन्होंने गर्ल चाइल्ड की सेफ्टी पर बातें कीं। हालांकि, इसी दौरान एक महिला के सवाल ने उन्हें भी उलझा दिया, जिनका बेटा अब शादी नहीं करना चाहता है। वीडियो में महिला ने पुरुषों की सेफ्टी पर सवाल किए। महिला ने ऋचा से 'मर्द के दर्द' पर भी कोई कहानी या फिल्म बनाने की मांग की।

ऋचा चड्ढा उन एक्टर्स में गिनी जाती हैं, जो अपनी बातें दुनिया के सामने खुलकर रखा करती हैं। इस इवेंट में उन्होंने लड़कियों की सेफ्टी पर बातें करते हुए कहा, 'आपको समाज को बदलना है तो आपको आदमियों को बदलना होगा।

उन्होंने कहा, 'आप बेटियों को घर में न रखें, आपको अगर अपने बेटे पर जरा सा भी शक है, वो 10वीं क्लास फेल हुआ है, वो बाथरूम में छुप के सिगरेट पीता है या सड़क पर अश्लील चित्र बना रहा है या पोस्टर बना रहा है। उसको आप घर में रखें। बेटियां अपने आप सेफ हो जाएंगीं। मैं नहीं चाहती कि ऐसा दिन आए इस देश में , जिस तरह से हम गल्फ कंट्री के बारे में सुनते हैं कि वहां सरिया लॉ लग गया है या कुछ, कि जहां सरकार या प्रशासन इतना परेशान हो जाए कि आदमी के लिए कोई विकल्प न छोड़े, अगर उससे गलती हो तो फिर उसका इलाज किया जाए।। मैं अभी सचेत करना चाहूंगी कि आप अपने लड़कों को संभालें। लड़कियां नहीं जा जाकर बोल रही हैं कि छेड़ दें।'

ऋचा की इन बातों पर जहां कुछ लोगों ने समहति जताई है, वहीं काफी लोग कहते दिख रहे हैं- ये अपनी इमेज साफ करने की कोशिश कर रही हैं। एक ने कहा- मैंने भगवान से कहा था इनके जैसी बेटी से अच्छा मुझे बेटा हो और भगवान ने मेरी सुन ली।

इसी दौरान उन्होंने माइनर लड़कों की भी गलतियों पर उसे मिलने वाली सजा के बारे में बातें कीं। उन्होंने कहा, 'मैं आपको सचेत करना चाहूंगी कि अगर आपका बेटा है तो उसकी भी जिंदगी नरक होगी। ये मत सोचिए कि कि वो माइनर है छूट जाएगा।' तभी एक महिला ने ऋचा चड्ढा के सामने एक ऐसा सवाल रख दागा और कहा, ' मेरा एक सवाल है, यहां बात लड़कियों की हो रही है लेकिन लड़के को कौन बचाएगा? बेटियां तो बहुत पढ़ा ली, क्या करें बेटे को गड्ढे में डाल दें क्या? हर बार गलती लड़के की तो नहीं होती है न मैम?'

उनकी बातें सुनकर ऋचा ने पूछा- आपको बेटे को किससे बचाना है? इसपर तपाक से महिला ने कहा- मुझे बेटे को बचाना है मुस्कान रस्तोगी से, मुझे बेटे को बचाना है सोनम से। मुस्कान जिसने अपने पति को काटकर ड्रम में डाल दिया था, मेरा बेटा शादी नहीं करना चाहता है।' इसपर ऋचा ने कहा- आप देखिए कि एक औरत ने क्राइम किया, इनको नाम, केस पूरा याद है, इसकी क्या वजह है? क्योंकि रोज एक आदमी ऐसा करता है।'

इसपर महिला ने उन्हें बीच में ही रोका और कहा, 'नहीं, ये बात नहीं है। एनसीआरबी का डेटा ये कहता है कि भारत में आज 92,000 पुरुष हर साल जान दे रहे हैं, जो महिलाओं से ढाई गुना ज्यादा है। भारत आज बलात्कारियों का देश नहीं है।' उन्होंने आगे ये भी कहा कि वे चाहती हैं कि ऋचा पुरुषों के इस दर्द पर भी कोई कहानी बनाएं।

अब ऋचा के रिएक्शन पर लोग बातें कर रहे हैं। कुछ ने कहा है- वो अक्सर सही होती हैं लेकिन यहां वो जेंडर को लेकर एकतरफा सोच रही हैं। एक ने कहा- अरे वो महिलाओं की वजह से जान दे रहे।